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Jhajjar-Bahadurgarh News: भिवाड़ी धारूहेड़ा सीमा पर जलभराव से हालात बेकाबू, रूट डायवर्ट
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नगीना गार्डन के सामने डाली गई मिट्टी। संवाद
भिवाड़ी/धारूहेड़ा। भिवाड़ी-धारूहेड़ा सीमा पर लंबे समय से चले आ रहे जलभराव के विवाद ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे एक बार फिर तीव्र रूप धारण कर लिया। धारूहेड़ा की ओर से नगीना गार्डन के सामने नाले में डंपरों से मिट्टी भरकर पानी का बहाव रोक दिया गया जिससे नेशनल हाईवे-919 पर भारी जलमग्नता और वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
धारूहेड़ा की ओर से की गई इस कार्रवाई के पहले ही एनएच-919 पर रैंप बनाकर पानी को ब्लॉक कर दिया गया था। अब भिवाड़ी की ओर से नाले में बह रहे पानी को भी बंद कर दिया गया जिसका सीधा असर आसपास के इलाकों पर पड़ा।
पानी वापस नगीना गार्डन के सामने से होता हुआ राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कार्यालय, भगत सिंह कॉलोनी और बीड़ा कार्यालय के बगल में जमा हो गया। इससे अलवर बाईपास की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद हो गए, जिससे छोटे-बड़े वाहनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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वाहनों को डायवर्ट कर भिवाड़ी मोड़ होते हुए मनसा चौक से निकाला जा रहा
वाहनों को डायवर्ट कर भिवाड़ी मोड़ होते हुए मनसा चौक से निकाला जा रहा है। माहेश्वरी गेट पर सैकड़ों लोग खड़े होकर इस दृश्य को देखते रहे लेकिन भिवाड़ी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिनिधि या कर्मचारी नजर नहीं आया। फिलहाल एनएच-919 पर लंबा जाम लगा हुआ है और चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है।
लंबे समय का विवाद : राज्यों के बीच तनाव बढ़ा
भिवाड़ी-धारूहेड़ा क्षेत्र में जलनिकासी की पुरानी समस्या से जुड़ाव है जहां मानसून के दौरान पानी का प्राकृतिक बहाव दोनों राज्यों के बीच तनाव का कारण बनता रहा है। जून 2025 में भी इस मुद्दे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच फोन पर चर्चा हुई थी और दोनों राज्यों के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक की थी। जुलाई में तिजारा विधायक महंत बालकनाथ और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की बैठक बिना किसी समाधान के समाप्त हो गई थी। सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर बहते बारिश के पानी का विरोध किया था।
भिवाड़ी क्षेत्र से प्रतिमाह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व
स्थानीय उद्योगपतियों का कहना है कि भिवाड़ी क्षेत्र से प्रतिमाह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व योगदान होता है लेकिन जलभराव की समस्या के कारण कारखाने प्रभावित हो रहे हैं। उद्योगपतियो ने कहा कि 2019 से शिकायतें कर रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। अगर सरकार समर्थन नहीं देगी तो सीमा पार धारूहेड़ा में स्थानांतरित होने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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धारूहेड़ा की ओर से की गई इस कार्रवाई के पहले ही एनएच-919 पर रैंप बनाकर पानी को ब्लॉक कर दिया गया था। अब भिवाड़ी की ओर से नाले में बह रहे पानी को भी बंद कर दिया गया जिसका सीधा असर आसपास के इलाकों पर पड़ा।
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पानी वापस नगीना गार्डन के सामने से होता हुआ राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कार्यालय, भगत सिंह कॉलोनी और बीड़ा कार्यालय के बगल में जमा हो गया। इससे अलवर बाईपास की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद हो गए, जिससे छोटे-बड़े वाहनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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वाहनों को डायवर्ट कर भिवाड़ी मोड़ होते हुए मनसा चौक से निकाला जा रहा
वाहनों को डायवर्ट कर भिवाड़ी मोड़ होते हुए मनसा चौक से निकाला जा रहा है। माहेश्वरी गेट पर सैकड़ों लोग खड़े होकर इस दृश्य को देखते रहे लेकिन भिवाड़ी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिनिधि या कर्मचारी नजर नहीं आया। फिलहाल एनएच-919 पर लंबा जाम लगा हुआ है और चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है।
लंबे समय का विवाद : राज्यों के बीच तनाव बढ़ा
भिवाड़ी-धारूहेड़ा क्षेत्र में जलनिकासी की पुरानी समस्या से जुड़ाव है जहां मानसून के दौरान पानी का प्राकृतिक बहाव दोनों राज्यों के बीच तनाव का कारण बनता रहा है। जून 2025 में भी इस मुद्दे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच फोन पर चर्चा हुई थी और दोनों राज्यों के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक की थी। जुलाई में तिजारा विधायक महंत बालकनाथ और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की बैठक बिना किसी समाधान के समाप्त हो गई थी। सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर बहते बारिश के पानी का विरोध किया था।
भिवाड़ी क्षेत्र से प्रतिमाह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व
स्थानीय उद्योगपतियों का कहना है कि भिवाड़ी क्षेत्र से प्रतिमाह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व योगदान होता है लेकिन जलभराव की समस्या के कारण कारखाने प्रभावित हो रहे हैं। उद्योगपतियो ने कहा कि 2019 से शिकायतें कर रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। अगर सरकार समर्थन नहीं देगी तो सीमा पार धारूहेड़ा में स्थानांतरित होने पर मजबूर होना पड़ेगा।

नगीना गार्डन के सामने डाली गई मिट्टी। संवाद

नगीना गार्डन के सामने डाली गई मिट्टी। संवाद