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ग्रामीणों ने किया हंगामा, पावर हाउस पर जड़ा ताला
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:29 PM IST
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पावर हाउस पर जड़ा ताला
- फोटो : bureau
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गर्मी और उमस भरे मौसम में बिजली संकट से परेशान रोहद गांव के ग्रामीण उखड़ गए। उन्होंने इकट्ठे होकर पावर हाउस पर ताला जड़ दिया। निगम, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए बिजलीकर्मी शांत रहे। बिजली सप्लाई बाधित होने से ताल नगर इंडस्ट्रीज एरिया में उत्पादन कार्य प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण हर रोज 20 घंटे बिजली आपूर्ति दिए जाने की मांग पर अड़े रहे।
रोहद गांव का पावर हाउस सांपला डिविजन के अंडर आता है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2002 में उनके गांव को 20 घंटे बिजली देने का आश्वासन देेते हुए तीन एकड़ जमीन पावर हाउस के लिए मुफ्त में ली थी। कुछ समय तक तो आपूर्ति ठीक ढंग से होती रही, लेकिन उसके बाद सप्लाई में कटौती होने लगी। निगम की ओर से जो शेड्यूल बनाया हुआ था, वह बेहद कम है।
अब मात्र 6 से 7 घंटे ही बिजली मिलने से ग्रामीणों का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। न तो पशुओं के लिए चारा कट रहा और न ही पेयजल की सप्लाई सही से हो पा रही। यही नहीं बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, वहीं अन्य कामकाज भी। ग्रामीण कई बार बिजली निगम के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रख चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कुछ माह पहले भी रोहद के ग्रामीणों ने एकजुट होकर पावर हाउस का घेराव करते हुए ताला जड़ दिया था। बाद में अधिकारियों ने पहुंचकर उचित सप्लाई देने की बात कही तो ग्रामीण ताला खोलने के लिए राजी हो गए थे।
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अब पिछले कुछ समय से बिजली सप्लाई बाधित रहने के चलते ग्रामीण फिर से गुस्सा गए। मंगलवार को पुरुष, महिलाओं, युवाओं ने एकजुट होकर पावर हाउस का घेराव करते हुए अपना रोष प्रकट किया। ग्रामीणों द्वारा ताला जड़े जाने की सूचना मिलने पर तहसीलदार मातूराम, डीएसपी राजीव कुमार सहित थाना सदर, आसोदा चौकी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। यही नहीं बिजली निगम सांपला से एक्सईएन सहित अन्य अधिकारी भी पावर हाउस में पहुंचे। पुलिस और निगम अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का खूब प्रयास किया, लेकिन वे ग्रामीण शेड्यूल की बजाय 20 घंटे बिजली दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। साथ में अधिकारियों को चेताया कि जब तक उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वे पावर हाउस से उठने वाले नहीं हैं।
खाली करें जमीन
ग्रामीणों का कहना था कि यदि निगम उन्हें 24 घंटे बिजली देने में असमर्थ है तो उनके गांव की जिस जमीन पर पावर हाउस बनाया हुआ है, उसे तुरंत खाली करवाया जाए। क्योंकि जहां पर पावर हाउस बना हुआ है, वह जमीन काफी कीमती है। तीन एकड़ जमीन ग्रामीणों ने अपनी सुविधा को ध्यान रखते हुए दी थी, लेकिन अब सुविधा नहीं बल्कि उन्हें दुविधा हो रही है। जब तक उन्हें पर्याप्त बिजली के लिए उचित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे पावर हाउस से उठने का नाम नहीं लेंगे।
बाहर मीटर लगाने का विरोध
बिजली निगम के अधिकारी ग्रामीणों को घरों से बाहर मीटर लगाए जाने के लिए बार-बार कहते रहे। अधिकारियों का तर्क था कि मीटर बाहर होने से उन्हें 15 से 18 घंटे हर रोज बिजली मिलेगी, लेकिन ग्रामीणों ने साफ किया कि वे किसी भी सूरत में बाहर नहीं लगाने देंगे। ग्रामीण पूरा बिजली बिल भरते हैं। ऐसे में निगम के अधिकारी बेवजह इस तरह के तर्क देकर उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
शेड्यूल से मिलेगी बिजली
ग्रामीणों 20 घंटे बिजली देने की मांग पर अड़े हुए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के लिए जो शेड्यूल बना हुआ है, उसके हिसाब से ही बिजली दी जा रही है। यदि किसी भी तरह से कटौती होती है तो उसे पूरा कर दिया जाएगा। घरों से बाहर मीटर लगाने के लिए भी साफ मना कर रहे हैं। ऐसे में कैसे संभव हो पाएगा। निगम की ओर से ग्रामीणों को बेहतर सप्लाई देने का प्रयास रहता है।
-बीएस मलिक, एक्सईएन
बिजली निगम, सांपला डिविजन।
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रोहद गांव का पावर हाउस सांपला डिविजन के अंडर आता है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2002 में उनके गांव को 20 घंटे बिजली देने का आश्वासन देेते हुए तीन एकड़ जमीन पावर हाउस के लिए मुफ्त में ली थी। कुछ समय तक तो आपूर्ति ठीक ढंग से होती रही, लेकिन उसके बाद सप्लाई में कटौती होने लगी। निगम की ओर से जो शेड्यूल बनाया हुआ था, वह बेहद कम है।
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अब मात्र 6 से 7 घंटे ही बिजली मिलने से ग्रामीणों का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। न तो पशुओं के लिए चारा कट रहा और न ही पेयजल की सप्लाई सही से हो पा रही। यही नहीं बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, वहीं अन्य कामकाज भी। ग्रामीण कई बार बिजली निगम के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रख चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कुछ माह पहले भी रोहद के ग्रामीणों ने एकजुट होकर पावर हाउस का घेराव करते हुए ताला जड़ दिया था। बाद में अधिकारियों ने पहुंचकर उचित सप्लाई देने की बात कही तो ग्रामीण ताला खोलने के लिए राजी हो गए थे।
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अब पिछले कुछ समय से बिजली सप्लाई बाधित रहने के चलते ग्रामीण फिर से गुस्सा गए। मंगलवार को पुरुष, महिलाओं, युवाओं ने एकजुट होकर पावर हाउस का घेराव करते हुए अपना रोष प्रकट किया। ग्रामीणों द्वारा ताला जड़े जाने की सूचना मिलने पर तहसीलदार मातूराम, डीएसपी राजीव कुमार सहित थाना सदर, आसोदा चौकी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। यही नहीं बिजली निगम सांपला से एक्सईएन सहित अन्य अधिकारी भी पावर हाउस में पहुंचे। पुलिस और निगम अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का खूब प्रयास किया, लेकिन वे ग्रामीण शेड्यूल की बजाय 20 घंटे बिजली दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। साथ में अधिकारियों को चेताया कि जब तक उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वे पावर हाउस से उठने वाले नहीं हैं।
खाली करें जमीन
ग्रामीणों का कहना था कि यदि निगम उन्हें 24 घंटे बिजली देने में असमर्थ है तो उनके गांव की जिस जमीन पर पावर हाउस बनाया हुआ है, उसे तुरंत खाली करवाया जाए। क्योंकि जहां पर पावर हाउस बना हुआ है, वह जमीन काफी कीमती है। तीन एकड़ जमीन ग्रामीणों ने अपनी सुविधा को ध्यान रखते हुए दी थी, लेकिन अब सुविधा नहीं बल्कि उन्हें दुविधा हो रही है। जब तक उन्हें पर्याप्त बिजली के लिए उचित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे पावर हाउस से उठने का नाम नहीं लेंगे।
बाहर मीटर लगाने का विरोध
बिजली निगम के अधिकारी ग्रामीणों को घरों से बाहर मीटर लगाए जाने के लिए बार-बार कहते रहे। अधिकारियों का तर्क था कि मीटर बाहर होने से उन्हें 15 से 18 घंटे हर रोज बिजली मिलेगी, लेकिन ग्रामीणों ने साफ किया कि वे किसी भी सूरत में बाहर नहीं लगाने देंगे। ग्रामीण पूरा बिजली बिल भरते हैं। ऐसे में निगम के अधिकारी बेवजह इस तरह के तर्क देकर उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
शेड्यूल से मिलेगी बिजली
ग्रामीणों 20 घंटे बिजली देने की मांग पर अड़े हुए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के लिए जो शेड्यूल बना हुआ है, उसके हिसाब से ही बिजली दी जा रही है। यदि किसी भी तरह से कटौती होती है तो उसे पूरा कर दिया जाएगा। घरों से बाहर मीटर लगाने के लिए भी साफ मना कर रहे हैं। ऐसे में कैसे संभव हो पाएगा। निगम की ओर से ग्रामीणों को बेहतर सप्लाई देने का प्रयास रहता है।
-बीएस मलिक, एक्सईएन
बिजली निगम, सांपला डिविजन।