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Jhajjar-Bahadurgarh News: प्लॉट में बेसहारा गोवंश बांधने पर बखेड़ा

Thu, 14 Sep 2023 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 14 Sep 2023 01:33 AM IST
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Uproar over tying destitute cattle to the plot
बहादुरगढ़। दो दिन पहले बहादुरगढ़ बाईपास पर चल रही गोशाला की जमीन पर हरियाणा रोडवेज की वर्कशॉप के लिए जमीन पर कब्जा लिया गया था। इसके बाद यहां चल रही गोशाला समाप्त हो गई थी। यहां रहने वाली गाय बेघर हो गई थी। नप चेयरपर्सन प्रतिनिधि एवं सावलियां गोशाला के सचिव रमेश राठी गायों को लेकर दयानंद नगर स्थित अपनी जमीन पर पहुंचे। वे इस जमीन पर गायों को रखना चाहते थे, लेकिन कॉलोनी के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला पुलिस तक पहुंचा।
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परिवहन निगम द्वारा जमीन पर कब्जा लेने के बाद गोशाला से बेघर हुई गायों को आसरा नहीं मिल पा रहा है। इससे गाय सड़कों व कॉलोनियों के अलावा अन्य स्थानों पर घूम रही हैं। गायों के आसरे की व्यवस्था के लिए सांवलिया गोशाला के सचिव रमेश राठी बुधवार को शहर के दयानंद नगर स्थित अपनी जमीन पर उक्त गायों को लेकर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने यहां गायों को बांधना शुरू किया तो कॉलोनी के पुरुष और महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों फोन करके पुलिस को बुलाया। इसके बाद नप के पूर्व चेयरमैन कर्मवीर राठी भी यहां पहुंच गए। इसे लेकर दोनों पक्षों में काफी देर गहमा गहमी चली। कॉलोनी वासियों ने बीच आबादी गोशाला चलाने पर एतराज जताया। इसके बाद सभी गायों को शहर में दूसरे स्थान पर ले जाया गया।
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कॉलोनीवासियों को बीमारी का अंदेशा
कॉलोनी की महिलाओं का कहना था कि गोशाला बनाए जाने के बाद कॉलोनी में पशुओं के गोबर से उठने वाली दुर्गंध से जीना मुहाल हो जाएगा। मक्खी-मच्छर पनपेंगे। बीमारियां भी आएंगी। बेहतर होगा कि कॉलोनी से बाहर अन्य स्थान पर गोशाला का निर्माण हो और उक्त गायों को भी वहीं पर बांधा जाए।
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वर्जन...
सावलियां गोशाला से जो गाय बेघर हुई है उनके लिए अस्थायी आसरा बनाने के लिए हम दयानंद नगर में अपनी जमीन पर गाय बांधने के लिए पहुंचे थे। लोगों ने विरोध किया। जब तक इन गायों को रखने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती जब तक उनकी जमीन में गाय बांधने में कॉलोनीवासियों को सहयोग करना चाहिए। जगह की व्यवस्था होने के बाद वे खुद यहां से गोवंश हटा लेंगे।
-रमेश राठी, सचिव, सावलियां गोशाला बहादुरगढ़।
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