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Jhajjar-Bahadurgarh News: नई शिक्षा नीति के तहत बदला कॉलेजों में पढ़ाई का स्वरूप, अब 4 वर्ष का होगा 3 वर्षीय यूजी प्रोग्राम
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झज्जर। विभिन्न कॉलेजों की स्नातक कक्षाओं में दाखिलों की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग के दाखिला पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। हालांकि उच्चतर शिक्षा विभाग ने अभी तक आवेदन की अंतिम तिथि घोषित नहीं की है, लेकिन आवेदन की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है।
राजकीय नेहरू कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि प्रत्येक चार साल के मल्टी-डिसिप्लिनरी यूजी प्रोग्राम में मेजर कोर्स (डीएससी), माइनर कोर्स (एमआईसी), मल्टी-डिसिप्लिनरी कोर्स (एमडीसी), एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (एईसी), स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी), वैल्यू एडेड कोर्स (वीएसी) तथा इंटर्नशिप और शोध का प्रावधान है।
स्नातक कक्षाओं के पहले सेमेस्टर में विद्यार्थियों को तीन मेजर कोर्स, एक माइनर कोर्स, एक स्किल एनहांसमेट कोर्स, एक मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्स, एक एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स और एक वैल्यू एडेड कोर्स यानि कुल 8 पेपर पढ़ने होंगे। नई शिक्षा नीति बहुत लचीली है। अब आर्ट्स का विद्यार्थी कॉमर्स का विषय पढ़ सकता है और विज्ञान का विद्यार्थी संगीत का ज्ञान प्राप्त कर सकता है। हर विद्यार्थी को अपनी एबीसी आईडी बनवानी पड़ती है, जिसे एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट कहा जाता है, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित हो जाता है।
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इस बार भी दाखिला पोर्टल पर आवेदन नई शिक्षा नीति के अनुरूप भरवाए जा रहे हैं। अब ''डिग्री'' को ''प्रोग्राम'' के नाम से जाना जाता है और ''सब्जेक्ट'' अब ''कोर्स'' के नाम से पुकारा जाता है। अब बीए (पास कोर्स) को बीए (मल्टी डिसिप्लिनरी), बीएससी (मेडिकल) को बीएससी (लाइफ साइंस) और बीएससी (नॉन मेडिकल) को बीएससी (फिजिकल साइंस ) के नाम से जाना जाता है।
चार साल में मिलेगी डिग्री
पुराने 3 वर्षीय यूजी प्रोग्राम को अब 4 वर्ष का कर दिया गया है। पुराना तीन वर्षीय ऑनर्स प्रोग्राम भी 4 साल के सिंगल मेजर प्रोग्राम में बदल गया है। हालांकि विद्यार्थी विभिन्न चरण पूरा करने के बाद पढ़ाई बीच में छोड़ सकते हैं और संबंधित विश्वविद्यालय के मानदंडों के अनुसार निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करने के बाद योग्यता प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
एक साल के बाद यूजी सर्टिफिकेट, दो साल के बाद यूजी डिप्लोमा, तीन साल के बाद प्रमुख विषय में यूजी डिग्री, चार साल के बाद प्रमुख विषय में यूजी ऑनर्स या ऑनर्स के साथ रिसर्च डिग्री देने का प्रावधान किया गया है।
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राजकीय नेहरू कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि प्रत्येक चार साल के मल्टी-डिसिप्लिनरी यूजी प्रोग्राम में मेजर कोर्स (डीएससी), माइनर कोर्स (एमआईसी), मल्टी-डिसिप्लिनरी कोर्स (एमडीसी), एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स (एईसी), स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी), वैल्यू एडेड कोर्स (वीएसी) तथा इंटर्नशिप और शोध का प्रावधान है।
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स्नातक कक्षाओं के पहले सेमेस्टर में विद्यार्थियों को तीन मेजर कोर्स, एक माइनर कोर्स, एक स्किल एनहांसमेट कोर्स, एक मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्स, एक एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स और एक वैल्यू एडेड कोर्स यानि कुल 8 पेपर पढ़ने होंगे। नई शिक्षा नीति बहुत लचीली है। अब आर्ट्स का विद्यार्थी कॉमर्स का विषय पढ़ सकता है और विज्ञान का विद्यार्थी संगीत का ज्ञान प्राप्त कर सकता है। हर विद्यार्थी को अपनी एबीसी आईडी बनवानी पड़ती है, जिसे एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट कहा जाता है, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित हो जाता है।
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इस बार भी दाखिला पोर्टल पर आवेदन नई शिक्षा नीति के अनुरूप भरवाए जा रहे हैं। अब ''डिग्री'' को ''प्रोग्राम'' के नाम से जाना जाता है और ''सब्जेक्ट'' अब ''कोर्स'' के नाम से पुकारा जाता है। अब बीए (पास कोर्स) को बीए (मल्टी डिसिप्लिनरी), बीएससी (मेडिकल) को बीएससी (लाइफ साइंस) और बीएससी (नॉन मेडिकल) को बीएससी (फिजिकल साइंस ) के नाम से जाना जाता है।
चार साल में मिलेगी डिग्री
पुराने 3 वर्षीय यूजी प्रोग्राम को अब 4 वर्ष का कर दिया गया है। पुराना तीन वर्षीय ऑनर्स प्रोग्राम भी 4 साल के सिंगल मेजर प्रोग्राम में बदल गया है। हालांकि विद्यार्थी विभिन्न चरण पूरा करने के बाद पढ़ाई बीच में छोड़ सकते हैं और संबंधित विश्वविद्यालय के मानदंडों के अनुसार निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करने के बाद योग्यता प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
एक साल के बाद यूजी सर्टिफिकेट, दो साल के बाद यूजी डिप्लोमा, तीन साल के बाद प्रमुख विषय में यूजी डिग्री, चार साल के बाद प्रमुख विषय में यूजी ऑनर्स या ऑनर्स के साथ रिसर्च डिग्री देने का प्रावधान किया गया है।