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Jhajjar-Bahadurgarh News: नहर में डूब रही भांजियों को बचाने के लिए मामा ने लगाई छलांग, मामा की मौत, भांजियां लापता
Sun, 27 Jul 2025 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 27 Jul 2025 02:05 AM IST
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-फोटो 52 : नहर में शवों की तलाश के लिए लाई गई बोट। संवाद
बहादुरगढ़। गांव रोहद और मांडौठी के बीच गुजर रही एनसीआर नहर में दो भांजियों को बचाने के लिए कूदे मामा की डूबने से मौत हो गई और नहर में अभी दोनों भांजियां लापता हैं। मामा का शव बरामद कर लिया है जबकि भांजियों की तलाश जारी है। घटना शुक्रवार शाम को हुई थी। नहर में मिले शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है।
रोहद गांव में किराए पर रहने वाले सुनील (28 साल) अपनी भांजी रागिनी (सात साल) और उर्मी (10 साल) के साथ एनसीआर नहर पर कपड़े धोने के लिए गये थे। कपड़े धोते वक्त उसकी भांजियों का पैर फिसल गया और वे नहर में गिर गई। दोनों भांजियों को बचाते हुए सुनील भी नहर में कूद पड़ा और तीनों डूब गए।
शुक्रवार शाम से लेकर सुबह तक नहर में तीनों की तलाश की गई। सुबह गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और कुछ दूरी पर मामा सुनील का शव बरामद कर लिया। पुलिस और गोताखोरों की टीम दोनों लड़कियों के लिए लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। ग्रामीण भी मौके पर सर्च अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
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सर्च अभियान में जुटे गोताखोर मुख्य सिपाही नरेंद्र ने बताया कि बच्चियों की तलाश शनिवार देर शाम तक जारी है। ग्रामीण कृष्ण ने बताया कि नहर पर कपड़े धोते हुए पैर फिसलने से ये हादसा हुआ है। मृतक सुनील रोहद की प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता था। शुक्रवार को उसकी छुट्टी थी। वह बिहार में समस्तीपुर जिले के गांव मंझोली का रहने वाला था। तीनों रोहद गांव में किराये पर रहते थे।
सुनील शाम को अपनी बहन की बेटियों को साथ नहर पर कपड़े धोने आया था और हादसे का शिकार हो गया। नहर किनारे तीनों की चप्पल और कपड़े भी पड़े हुए मिले हैं। बता दें कि एनसीआर नहर में नहाने उतरे लोग भी हादसे का शिकार हो चुके हैं। इसलिए नहर में कपड़े धोने और नहाने पर रोक है।
रोहद-मांडोठी गांव के पास से गुजर रही एनसीआर माइनर में शुक्रवार शाम को मामा और दो भांजियों के डूबने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस और गोताखोर पहुंचे। शनिवार को दोपहर सुनील के शव को बाहर निकाला गया। जबकि देर शाम तक बच्चियों के शवों को ढूंढने का काम जारी रहा। अभी उनके शव नहीं मिले हैं।
- मयंक मिश्रा, डीसीपी, बहादुरगढ़।
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रोहद गांव में किराए पर रहने वाले सुनील (28 साल) अपनी भांजी रागिनी (सात साल) और उर्मी (10 साल) के साथ एनसीआर नहर पर कपड़े धोने के लिए गये थे। कपड़े धोते वक्त उसकी भांजियों का पैर फिसल गया और वे नहर में गिर गई। दोनों भांजियों को बचाते हुए सुनील भी नहर में कूद पड़ा और तीनों डूब गए।
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शुक्रवार शाम से लेकर सुबह तक नहर में तीनों की तलाश की गई। सुबह गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और कुछ दूरी पर मामा सुनील का शव बरामद कर लिया। पुलिस और गोताखोरों की टीम दोनों लड़कियों के लिए लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। ग्रामीण भी मौके पर सर्च अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
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सर्च अभियान में जुटे गोताखोर मुख्य सिपाही नरेंद्र ने बताया कि बच्चियों की तलाश शनिवार देर शाम तक जारी है। ग्रामीण कृष्ण ने बताया कि नहर पर कपड़े धोते हुए पैर फिसलने से ये हादसा हुआ है। मृतक सुनील रोहद की प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता था। शुक्रवार को उसकी छुट्टी थी। वह बिहार में समस्तीपुर जिले के गांव मंझोली का रहने वाला था। तीनों रोहद गांव में किराये पर रहते थे।
सुनील शाम को अपनी बहन की बेटियों को साथ नहर पर कपड़े धोने आया था और हादसे का शिकार हो गया। नहर किनारे तीनों की चप्पल और कपड़े भी पड़े हुए मिले हैं। बता दें कि एनसीआर नहर में नहाने उतरे लोग भी हादसे का शिकार हो चुके हैं। इसलिए नहर में कपड़े धोने और नहाने पर रोक है।
रोहद-मांडोठी गांव के पास से गुजर रही एनसीआर माइनर में शुक्रवार शाम को मामा और दो भांजियों के डूबने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस और गोताखोर पहुंचे। शनिवार को दोपहर सुनील के शव को बाहर निकाला गया। जबकि देर शाम तक बच्चियों के शवों को ढूंढने का काम जारी रहा। अभी उनके शव नहीं मिले हैं।
- मयंक मिश्रा, डीसीपी, बहादुरगढ़।

-फोटो 52 : नहर में शवों की तलाश के लिए लाई गई बोट। संवाद