{"_id":"58af346a4f1c1b6f1cb245ae","slug":"unclaimed-bike-collided-with-the-animal-three-injured-jhajjar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लावारिस पशु से टकराई बाइक, तीन घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लावारिस पशु से टकराई बाइक, तीन घायल
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
बेरी। लावारिस पशु किसानों के लिए सिरदर्द बने हुए है। ये लावारिस पशु फसलों को तो नुकसान पहुंचाते हैं ही सड़कों पर हादसों का सबब भी बन रहे हैं। वीरवार को बेरी निवासी शुभम गोयल, गोरव शर्मा और मनीष गुप्ता अपनी बाइक पर सवार होकर बेरी आ रहे थे तो बाइक के आगे एकाएक खेतों से लावारिस पशुओं का झुंड बाइक के आगे आ गया और बाइक सवारों को चपेट में ले लिया। इससे बाइक पर सवार तीनों युवक सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल तीनों बाइक सवार युवकों को राहगीरों की मदद से बेरी के नागरिक अस्पताल में लाया गया और जहां चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार देकर पीजीआई एमएस रोहतक रेफर कर दिया गया। हादसे मनीष गुप्ता व गौरव शर्मा को गंभीर चोटें आई है। वहीं बेरी शिव चौक पर बाइक की टक्कर होने से ऑटो पलट गया, जिसमें बड़ा हादसा होते टल गया। ऑटो पलटने से ऑटो में सवार गांव दूबलधन निवासी सीमा को चोट आई। यात्रियों का कहना था कि ऑटो पलटने से एक के ऊपर एक यात्री गिर गए और जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। विदित रहे कि बेरी कस्बे के किसानों ने एक साल पहले डीसी को शिकायत दी थी उस दौरान तत्कालीन डीसी अनिता यादव ने बेरी गऊशाला कमेटी से बेसहारा पशुओं को बेरी गऊशाला में रखने की मदद की और प्रशासन की तरफ से मदद देने की बात कही थी।
रात भर पहरा देकर खेतों में फसलों को बचाते है किसान
किसान नरेश कादयान ने बताया कि खेत में फसलों को बचाने के लिए रात भर खेतों में पहरा देना पड़ता है अगर खेतों में पहरा न दे तो खेतों में तैयार फसल को आवारा पशु नुकसान पहुंचा देते है और कई बार प्रशासन के अधिकारियों को मौखिक व लिखित रूप से शिकयत दे चुके है, लेकिन प्रशासन कोई सुध नही ले रहा है।
विज्ञापन
रात भर पहरा देकर खेतों में फसलों को बचाते है किसान
किसान नरेश कादयान ने बताया कि खेत में फसलों को बचाने के लिए रात भर खेतों में पहरा देना पड़ता है अगर खेतों में पहरा न दे तो खेतों में तैयार फसल को आवारा पशु नुकसान पहुंचा देते है और कई बार प्रशासन के अधिकारियों को मौखिक व लिखित रूप से शिकयत दे चुके है, लेकिन प्रशासन कोई सुध नही ले रहा है।
विज्ञापन