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Jhajjar-Bahadurgarh News: जिन गर्भवती महिलाओं की पहले से थी दो-तीन लड़कियां, वही रहती थी टारगेट पर
Mon, 28 Jul 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 28 Jul 2025 01:52 AM IST
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झज्जर। भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात मामले में पकड़ी गई डॉ. हेमलता व उसके बेटे विक्रम को पुलिस ने अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों को अपने साथ लेकर उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी आशीष को पकड़ने के लिए कई जगह रेड भी की। फिलहाल तीसरा आरोपी गिरफ्त से बाहर है।
वहीं पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की पूछताछ में सामने आया है कि डॉ. हेमलता पिछले कई सालों से भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात का काम कर रही थी। आरोपियों के टारगेट पर वही महिलाएं होती थी, जिनके पहले दो या तीन लड़कियां हो चुकी होती थी। आरोपी उन महिलाओं को भी अपने ही परिवार की ऐसी महिलाओं को लेकर आने की बात कहती थी।
यही नहीं आरोपी महिलाओं को इतना डराती थी कि यदि आप किसी को बाहर बताएंगे तो आप पर भी केस होगा। ऐसे में महिलाएं मुंह नहीं खोलती थी। फिलहाल इस मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई सालों से भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात करवाने का काम कर रही थी। पूछताछ में एक माह में चार से पांच भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात किए जाने की बात आरोपियों ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने कबूली है।
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7 माह में पीएनडीटी की पांच रेड
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 7 माह में पीएनडीटी के तहत पांच रेड की हैं और सभी सफल भी रही है। इनमें से तीन रेड उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में की गई। इसके अलावा एक नूंह और एक झज्जर शहर में की गई है। इसके अलावा एमटीपी एक्ट के तहत दो कार्रवाई की गई।
इसमें ऑनलाइन ही एमटीपी किट मंगवाकर केस दर्ज करवाया गया था, जबकि दूसरा छुछकवास में मेडिकल स्टोर संचालक एमटीपी किट बेचता पकड़ा गया था।
टीम ने अपने आपको बीएएमएस चिकित्सक कहने वाली हेमलता को भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात मामले में पकड़ा है। हेमलता व उसके लड़के विक्रम को पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपियों का टारगेट वही महिलाएं होती थी, जिनके पहले से ही दो-तीन लड़कियां हों। उनके जरिये अन्य जानकार या परिवार की महिलाओं को भी टारगेट करती थी। यह कई साल से इससे जुड़ी हुई थी। पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है। उसके बाद और ज्यादा जानकारी मिल सकेगी।
- डॉ. संदीप कुमार, नोडल अधिकारी, पीसी पीएनडीटी एक्ट
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वहीं पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की पूछताछ में सामने आया है कि डॉ. हेमलता पिछले कई सालों से भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात का काम कर रही थी। आरोपियों के टारगेट पर वही महिलाएं होती थी, जिनके पहले दो या तीन लड़कियां हो चुकी होती थी। आरोपी उन महिलाओं को भी अपने ही परिवार की ऐसी महिलाओं को लेकर आने की बात कहती थी।
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यही नहीं आरोपी महिलाओं को इतना डराती थी कि यदि आप किसी को बाहर बताएंगे तो आप पर भी केस होगा। ऐसे में महिलाएं मुंह नहीं खोलती थी। फिलहाल इस मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई सालों से भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात करवाने का काम कर रही थी। पूछताछ में एक माह में चार से पांच भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात किए जाने की बात आरोपियों ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने कबूली है।
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7 माह में पीएनडीटी की पांच रेड
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 7 माह में पीएनडीटी के तहत पांच रेड की हैं और सभी सफल भी रही है। इनमें से तीन रेड उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में की गई। इसके अलावा एक नूंह और एक झज्जर शहर में की गई है। इसके अलावा एमटीपी एक्ट के तहत दो कार्रवाई की गई।
इसमें ऑनलाइन ही एमटीपी किट मंगवाकर केस दर्ज करवाया गया था, जबकि दूसरा छुछकवास में मेडिकल स्टोर संचालक एमटीपी किट बेचता पकड़ा गया था।
टीम ने अपने आपको बीएएमएस चिकित्सक कहने वाली हेमलता को भ्रूण लिंग जांच व गर्भपात मामले में पकड़ा है। हेमलता व उसके लड़के विक्रम को पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपियों का टारगेट वही महिलाएं होती थी, जिनके पहले से ही दो-तीन लड़कियां हों। उनके जरिये अन्य जानकार या परिवार की महिलाओं को भी टारगेट करती थी। यह कई साल से इससे जुड़ी हुई थी। पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है। उसके बाद और ज्यादा जानकारी मिल सकेगी।
- डॉ. संदीप कुमार, नोडल अधिकारी, पीसी पीएनडीटी एक्ट