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Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   There is a problem of fodder for cows in Gaushala, Danveer is doing cow service

झज्जर-बहादुरगढ़: गोशाला में गायों के लिए चारे की बनी समस्या, दानवीर कर रहे गो सेवा

Tue, 14 Feb 2023 11:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 14 Feb 2023 11:56 PM IST
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There is a problem of fodder for cows in Gaushala, Danveer is doing cow service
फोटो- 28 गौशाला में गाय एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती हुई।संवाद
झज्जर। शहर की तीन गोशालाओं में चारे की कमी के कारण प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूसे की कमी के कारण गोशाला संचालकों को काफी परेशानी हो रही है। सरकार की ओर से कम अनुदान दिए जाने पर भी गोशाला संचालक असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने बताया कि शहर की गोशाला को वार्षिक अनुदान 3.59 लाख रुपये दिया गया है जो कि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
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शहर के गोशाला प्रबंधन ने बताया कि गोशाला में 1500 से ज्यादा गाय हैं। जिनमें से 35 गाय और दुधारू हैं। शहर की तीन गोशालाओं में चारे की कमी के कारण प्रबंधन को परेशानी का सामना काफी दिनों से करना पड़ रहा है।
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गोशाला के प्रबंधक एवं गो सेवा आयोग के सदस्य प्रमोद बंसल ने बताया कि गोशालाओं को चलाने के लिए उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि गायों के लिए चारे की कमी लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। दानवीरों की उदारता के कारण ही गोशालाओं का फिलहाल अस्तित्व है और जिसके कारण वे चल रही हैं। दानवीर खल, चुरी व चारा समय-समय पर उपलब्ध करवाते रहते हैं जिसके चलते गोशाला चल रही हैं। उन्होंने बताया कि गो सेवा आयोग की ओर से करीब डेढ़ करोड़ का अनुदान प्रदेश की गोशालाओं को दिया गया है जो कि काफी कम है।
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प्रत्येक गाय की खुराक 300 रुपये प्रतिदिन की सरकार को करनी चाहिए, तब जाकर कहीं गायों को भरपेट चारा मिल सकेगा। शहर की तीन गोशालाओं का एक लाख रुपये प्रतिदिन गायों के चारे व अन्य रखरखाव में खर्च होता है।

कोट्स-
गो सेवा आयोग को गायों के रखरखाव के लिए विशेष पैकेज के तौर पर आर्थिक सहायता देनी चाहिए। वार्षिक अनुदान को बढ़ाना चाहिए ताकि गो माता की सेवा ढंग से हो सके।

- प्रमोद बंसल, सदस्य गो सेवा आयोग।

गायों के रखरखाव के लिए काफी खर्च हो जाता है। वहीं पशुओं की दवाएं भी काफी महंगी आती है। सरकार को दवाएं सस्ती करनी चाहिए। ताकि बेसहारा व मूक जीवों का इलाज समय पर किया जा सके।
- दिनेश, वीएलडी, झज्जर गोशाला

दानवीरों की दम पर ही गो माता की सेवा हो रही है। समय-समय पर जिले के विभिन्न इलाकों के दानवीर खल, चूरी, गुड़ व चारे का इंतजाम कर देते है।
- सुरेद्र नादंल, प्रबंधक गोशाला, झज्जर
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