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Jhajjar-Bahadurgarh News: धारूहेड़ा में 12.78 करोड़ से बनने वाले नए बस स्टैंड का विधायक ने किया शिलान्यास
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फोटो : 14धारूहेड़ा बस स्टैंड का शिलान्यास करते विधायक लक्ष्मण। संवाद
धारूहेड़ा। धारूहेड़ा में 12.78 करोड़ की लागत से बनने वाले आधुनिक नए बस स्टैंड (4.8 एकड़) का शिलान्यास सोमवार को विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने नारियल फोड़कर किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा कराने के भी निर्देश दिए।
खराब मौसम के बावजूद काफी संख्या में लोग इस अवसर पर मौजूद रहे। इस अवसर पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि 15 जून को इस बस स्टैंड का शिलान्यास मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व उनकी मौजूदगी में किया था।
बारिश का मौसम होने के कारण इसका निर्माण कार्य शुरू होने में कुछ विलंब हो गया। अन्यथा इस कार्य का श्रीगणेश तीन माह पहले ही हो चुका होता। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह बस स्टैंड सड़क से ऊंचा बनाया जाएगा ताकि जलभराव की स्थिति किसी भी सूरत में न बन पाए।
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उन्होंने कहा कि इस बस स्टैंड का निर्माण 18 माह के भीतर पूरा हो जाएगा और उसे शीघ्र ही क्षेत्र की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्माण में गुणवत्ता व निर्धारित समय में कार्य को पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पूर्ण पारदर्शिता के साथ समान विकास करा रही है।
इस मौके पर धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन कंवर सिंह, वाइस चेयरमैन अजय जांगड़ा, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सतेंद्र, मनोज सैनी, नानक खोला, अतर सिंह पांचाल सहित लोग मौजूद रहे।
50 गांवों के लोग रोज धारूहेड़ा बस स्टैंड पहुंचते हैं
कस्बा स्थित कॉलोनियों, सोसाइटियों व औद्योगिक इकाइयों सहित आसपास के करीब 50 गांवों के लोग प्रतिदिन धारूहेड़ा बस स्टैंड पहुंचते हैं। बस स्टैंड न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी होती है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां पर हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। धारूहेड़ा में नया बस स्टैंड बनाया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि धारूहेड़ा से आवागमन के लिए दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, मानेसर, कोटपूतली, नीमराना, कोटा, भिवाड़ी, अलवर, तिजारा, खुशखेड़ा, पलवल, सोहना, आगरा, मेवात, बावल व रेवाड़ी समेत तमाम शहरों के लिए यहां से लोग गुजरते हैं। नया बस स्टैंड बनने के बाद लोगों की समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।
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2018 को कंडम घोषित हुआ था भवन
जुलाई 2023 को जनसंवाद कार्यक्रम के तहत धारूहेड़ा व आसपास के लोगों की समस्याओं को जानकर उनका समाधान करने आए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा धारूहेड़ा में बस स्टैंड निर्माण की मांग पर विचार किया गया था। धारूहेड़ा बस स्टैंड का भवन वर्ष 1991 में 5 एकड़ भूमि पर बनाया गया था जिसे पीडब्ल्यूडी विभाग ने 30 नवंबर 2018 को कंडम घोषित कर दिया था।
साल 2020 में कंडम भवन को गिराया गया था
धारूहेड़ा में बना बस स्टैंड दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बना था जो हाईवे पर वर्ष 2012 में बने फ्लाईओवर की वजह से नीचा पड़ गया था। इस जगह पर बसों ने स्टैंड के अंदर प्रवेश बंद कर दिया। वहीं जयपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाली बसों को स्टैंड तक आने के लिए फ्लाईओवर के अंडरपास से होकर ही आना पड़ता है। इसके बाद लोगों का आवागमन कम होने और बस स्टैंड की बिल्डिंग बगैर देखभाल के धीरे-धीरे जर्जर हो गई। इसके बाद वर्ष 2020 में यहां कोई बड़ा हादसा न हो इसे देखते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग के आदेश पर जर्जर भवन की बिल्डिंग को गिरा दिया गया था।
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खराब मौसम के बावजूद काफी संख्या में लोग इस अवसर पर मौजूद रहे। इस अवसर पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि 15 जून को इस बस स्टैंड का शिलान्यास मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व उनकी मौजूदगी में किया था।
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बारिश का मौसम होने के कारण इसका निर्माण कार्य शुरू होने में कुछ विलंब हो गया। अन्यथा इस कार्य का श्रीगणेश तीन माह पहले ही हो चुका होता। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह बस स्टैंड सड़क से ऊंचा बनाया जाएगा ताकि जलभराव की स्थिति किसी भी सूरत में न बन पाए।
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उन्होंने कहा कि इस बस स्टैंड का निर्माण 18 माह के भीतर पूरा हो जाएगा और उसे शीघ्र ही क्षेत्र की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्माण में गुणवत्ता व निर्धारित समय में कार्य को पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पूर्ण पारदर्शिता के साथ समान विकास करा रही है।
इस मौके पर धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन कंवर सिंह, वाइस चेयरमैन अजय जांगड़ा, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सतेंद्र, मनोज सैनी, नानक खोला, अतर सिंह पांचाल सहित लोग मौजूद रहे।
50 गांवों के लोग रोज धारूहेड़ा बस स्टैंड पहुंचते हैं
कस्बा स्थित कॉलोनियों, सोसाइटियों व औद्योगिक इकाइयों सहित आसपास के करीब 50 गांवों के लोग प्रतिदिन धारूहेड़ा बस स्टैंड पहुंचते हैं। बस स्टैंड न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी होती है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां पर हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। धारूहेड़ा में नया बस स्टैंड बनाया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि धारूहेड़ा से आवागमन के लिए दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, मानेसर, कोटपूतली, नीमराना, कोटा, भिवाड़ी, अलवर, तिजारा, खुशखेड़ा, पलवल, सोहना, आगरा, मेवात, बावल व रेवाड़ी समेत तमाम शहरों के लिए यहां से लोग गुजरते हैं। नया बस स्टैंड बनने के बाद लोगों की समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।
2018 को कंडम घोषित हुआ था भवन
जुलाई 2023 को जनसंवाद कार्यक्रम के तहत धारूहेड़ा व आसपास के लोगों की समस्याओं को जानकर उनका समाधान करने आए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा धारूहेड़ा में बस स्टैंड निर्माण की मांग पर विचार किया गया था। धारूहेड़ा बस स्टैंड का भवन वर्ष 1991 में 5 एकड़ भूमि पर बनाया गया था जिसे पीडब्ल्यूडी विभाग ने 30 नवंबर 2018 को कंडम घोषित कर दिया था।
साल 2020 में कंडम भवन को गिराया गया था
धारूहेड़ा में बना बस स्टैंड दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बना था जो हाईवे पर वर्ष 2012 में बने फ्लाईओवर की वजह से नीचा पड़ गया था। इस जगह पर बसों ने स्टैंड के अंदर प्रवेश बंद कर दिया। वहीं जयपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाली बसों को स्टैंड तक आने के लिए फ्लाईओवर के अंडरपास से होकर ही आना पड़ता है। इसके बाद लोगों का आवागमन कम होने और बस स्टैंड की बिल्डिंग बगैर देखभाल के धीरे-धीरे जर्जर हो गई। इसके बाद वर्ष 2020 में यहां कोई बड़ा हादसा न हो इसे देखते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग के आदेश पर जर्जर भवन की बिल्डिंग को गिरा दिया गया था।