फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   The demand for MSP law arose in the farmers' parliament

किसान संसद में उठी एमएसपी कानून की मांग

Fri, 06 Aug 2021 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
The demand for MSP law arose in the farmers' parliament
सरकार के खिलाफ रोष जताते किसान संसद के प्रतिनिधि किसान। - फोटो : Bahadurgarh
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन से जुड़े किसान नेता स्वर्ण सिंह, थाना सिंह और महिला किसान सुमन ने वीरवार को जंतर मंतर पर किसान संसद की कार्रवाई में भाग लिया। एमएसपी को कानूनी दर्जा देकर फसल खरीद की गारंटी सुनिश्चित करने के विषय पर चर्चा हुई।
विज्ञापन

किसान संसद में भाग लेते हुए किसान नेता स्वर्ण सिंह ने कहा कि खेती में लागत लगातार बढ़ती जा रही है। हर वर्ष खाद, बीज, कीटनाशक, औजार व डीजल आदि के रेट बढ़ जाते हैं। इनकी मूल्य वृद्धि पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है, क्योंकि इनका उत्पादन कॉरपोरेट घराने करते हैं, जो अपने उत्पादन के दाम खुद तय करते हैं। लेकिन किसान जो फसल पैदा करता है उसके दाम पूंजीवादी बाजार तय करता है। सरकार एमएसपी की केवल घोषणा करती है और पंजाब, हरियाणा आदि कुछ क्षेत्रों से धान व गेहूं की उस एमएसपी पर खरीद कर लेती है। लेकिन बाकी देश में और बाकी फसलें इस एमएसपी से बहुत कम दामों में मजबूरी वश किसानों को बेचनी पड़ती हैं। किसानों की लंबे समय से मांग है कि उन्हें सी-2 फार्मूले के आधार पर लागत से डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए और इस घोषित एमएसपी पर उनकी फसल खरीद की गारंटी दी जाए।
विज्ञापन

किसान नेता थाना सिंह ने कहा कि लागत ज्यादा और आमदनी कम होने से किसान साल दर साल कर्ज जाल में फंसते चले जाते हैं। प्राकृतिक आपदा से फसलें नष्ट हो जाती हैं, उन्हें मुआवजा भी नहीं मिलता। यदि मिलता है तो नाममात्र का। इस तरह कर्ज के जाल में फंस कर काफी संख्या में किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिला किसान नेता सुमन ने कहा कि खेती में महिला किसानों का बड़ा योगदान है। सारा साल कठोर मेहनत करने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं बचता। घर का गुजारा नहीं चलता। बच्चों को पढ़ा नहीं सकतीं, इलाज के पैसे नहीं। क्या करें, मजबूरी में हमें सड़कों पर उतरना पड़ा है। सरकार कॉरपोरेट जगत के हित में ये काले कानून लाई है जिनसे बची खुची आय है, वह भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने किसान संसद के माध्यम से सरकार से मांग की कि एमएसपी पर फसल खरीद का कानून बनाकर उनकी फसल खरीद की गारंटी दी जाए और इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed