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गुजरातियों को लुभा रही बोंदवाल की शिल्पकला
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शहर के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त काष्ठ शिल्पी बोंदवाल परिवार के सदस्य सूर्यकांत बोंदवाल की कला कृतियां गुजरात में अहमदाबाद के वस्त्रापुर में आयोजित अहमदाबाद हाट में शिल्प प्रेमियों को लुभा रही हैं। यहां 1 अक्तूबर से चार दिवसीय एग्जिम बाजार का आयोजन किया गया है।
हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए इंडिया एग्जिम बैंक ने 1 से लेकर 4 अक्तूबर तक अहमदाबाद में इस बाजार का आयोजन किया है। देश के 22 राज्यों से आए 75 से अधिक मंजे हुए शिल्पकार व बुनकर एग्जिम बाजार में भाग ले रहे हैं। प्रदेश से बहादुरगढ़ के शिल्पकार सूर्यकांत बोंदवाल भी मेले में विशेष रूप से भागीदारी कर रहे हैं। सूर्यकांत ने बताया कि लकड़ी पर नक्काशी से बनी विभिन्न आइटम गुजरात के लोगों को उम्मीद से ज्यादा अच्छी लग रही है।
कला प्रेमी बोंदवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण कला क्षेत्र से जुड़े परिवारों को वित्तीय नुकसान के साथ-साथ अन्य संकटों से भी जूझना पड़ रहा है। महामारी की वजह से कला क्षेत्र से जुड़े बाजार खत्म हो गए और रोजी रोटी कमाने के लिए परिवार चलाने के लिए उन्हें वित्तीय संकट का भी सामना करना पड़ा। देश को इस संकट से उबारने के लिए इंडिया एग्जिम बैंक सहायक के रूप में काम कर रहा है। पहला बाजार गुजरात में शुरू किया गया है जहां शिल्पकारों को एक नई उम्मीद दिखने लगी।
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अहमदाबाद में आयोजित इस सातवें राष्ट्रीय के आयोजन में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार व बुनकर भाग ले रहे हैं। कलाकार महेश कुमार ने कहा कि बहादुरगढ़ क्षेत्र के बोंदवाल परिवार की हिस्सेदारी इस बात का संकेत देती है कि हरियाणा भी शिल्पकला संस्कृति में किसी अन्य राज्य से पीछे नहीं है।
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हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए इंडिया एग्जिम बैंक ने 1 से लेकर 4 अक्तूबर तक अहमदाबाद में इस बाजार का आयोजन किया है। देश के 22 राज्यों से आए 75 से अधिक मंजे हुए शिल्पकार व बुनकर एग्जिम बाजार में भाग ले रहे हैं। प्रदेश से बहादुरगढ़ के शिल्पकार सूर्यकांत बोंदवाल भी मेले में विशेष रूप से भागीदारी कर रहे हैं। सूर्यकांत ने बताया कि लकड़ी पर नक्काशी से बनी विभिन्न आइटम गुजरात के लोगों को उम्मीद से ज्यादा अच्छी लग रही है।
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कला प्रेमी बोंदवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण कला क्षेत्र से जुड़े परिवारों को वित्तीय नुकसान के साथ-साथ अन्य संकटों से भी जूझना पड़ रहा है। महामारी की वजह से कला क्षेत्र से जुड़े बाजार खत्म हो गए और रोजी रोटी कमाने के लिए परिवार चलाने के लिए उन्हें वित्तीय संकट का भी सामना करना पड़ा। देश को इस संकट से उबारने के लिए इंडिया एग्जिम बैंक सहायक के रूप में काम कर रहा है। पहला बाजार गुजरात में शुरू किया गया है जहां शिल्पकारों को एक नई उम्मीद दिखने लगी।
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अहमदाबाद में आयोजित इस सातवें राष्ट्रीय के आयोजन में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय शिल्पकार व बुनकर भाग ले रहे हैं। कलाकार महेश कुमार ने कहा कि बहादुरगढ़ क्षेत्र के बोंदवाल परिवार की हिस्सेदारी इस बात का संकेत देती है कि हरियाणा भी शिल्पकला संस्कृति में किसी अन्य राज्य से पीछे नहीं है।