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तहसीलदार को पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Fri, 01 Jan 2016 01:10 AM IST
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करोड़ों की जमीन के फर्जी इंतकाल के मामले में गिरफ्तार कलानौर के तहसीलदार प्रमोद चहल को वीरवार को पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। तहसीलदार की ओर से जमानत मांगी गई, पुलिस ने उनका रिमांड मांगा। करीब दो घंटे तब दोनों पक्षों के वकीलों में हुई बहस के बाद कोर्ट ने धोखाधड़ी के आरोपी तहसीलदार को चार दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर जमीन इंतकाल में हुए फर्जीवाड़े की जड़ तक जाएगी। इस मामले में पुलिस एक आरोपी सुरेंद्र उर्फ मुन्ना पंडित पहले ही गिरफ्तार है।
चादर से मुंह छिपा पहुंचा कोर्ट
रोहतक में हुई गिरफ्तारी के बाद तहसीलदार प्रमोद चहल को बुधवार रात को थाना सदर लाया गया था। वीरवार को थाना से दोपहर 12 बजे पुलिस पीसीआर से उसे कोर्ट ले जाया गया। तहसीलदार ने चादर ओढ़ रखी थी ओर पीसीआर से उतरने के बाद कोर्ट तक चादर में ही अपना चेहरा छिपाए रखा। डीएसपी धीरज कुमार उसे लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पहुंचे। ओरोपी तहसीलदार के वकील ने कोर्ट में उनका पक्ष रखते हुए मामले में उसे बेगुनाह बताते हुए जमानत दिए जाने की मांग की। दूसरी तरफ पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में तहसीलदार की संलिप्तता के बिना करोड़ों की जमीन का इंतकाल फर्जी तरीके से किसी के नाम करना संभव नहीं है। पुलिस पता लगाना चाहती है फर्जीवाड़े का यह खेल किसने और किस प्रकार से खेला और इसमें कौन कौन शामिल है। पुलिस ने पूछताछ के लिए उनका पांच दिन का रिमांड मांगा। दोनों पक्षों की करीब दो घंटे तक चली बहस के बाद कोर्ट ने तहसीलदार को चार दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।
पटवारी व अन्य आरोपी अंडरग्राउंड
लघु सचिवालय के पीछे डाबला मंदिर की दान की जमीन में हुए इस फर्जीवाड़े में तहसीलदार समेत 10 नामजद व्यक्तियों व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी एवं सरकारी रिकॉर्ड को खुर्द बुर्द करने के आरोप में 17 अक्तूबर को मामला दर्ज हुआ था। एक आरोपी सुरेंद्र उर्फ मुन्ना पंडित पहले ही जेल में है। अब मामले में दूसरी गिरफ्तारी झज्जर के तत्कालीन तहसीलदार प्रमोद चहल की हुई है। मामले में आठ अन्य आरोपी जिनमें नगर पालिका की पार्षद उर्मिला, उनके बेटे, पटवारी, नंबरदार, कानूनगो आदि के नाम हैं कि गिरफ्तारी अभी होनी है। तहसीलदार पर पुलिस का शिकंजा कसने के साथ ही अन्य आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस को तेजपाल पटवारी, गिरदावर एलईओ, कानूनगो, नंबरदार की तलाश है। इनके नाम भी अब पुलिस पूछताछ में तहसीलदार से उगलवाए जाएंगे। धोखाधड़ी से जुड़े ये कर्मी अब अंडरग्राउंड हो गए हैं।
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जमीन की मार्केट वैल्यू 40 करोड़
फर्जी इंतकाल लघु सचिवालय के पीछे डाबला मंदिर की 42 कनाल 7 मरला जमीन का किया गया था। इसे हरदेव सहाय के परिवार ने मंदिर को दान दिया था। इस महाजन परिवार के सदस्य हेलीमंडी, गुड़गांव निवासी मदन लाल की शिकायत के बाद जमीन के फर्जीवाड़े से पर्दा उठा है। कलेक्टर रेट के हिसाब से जमीन की कीमत जहां दो करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं जमीन की मार्केट वैल्यू 40 करोड़ से ज्यादा है।
तहसील में मचा हड़कंप
झज्जर के पूर्व एवं वर्तमान में कलानौर के तहसीलदार प्रमोद चहल की गिरफ्तारी की सूचना के बाद झज्जर तहसील में हड़कंप की स्थिति रही। कर्मियों की कोर्ट में पेशी पर पूरी नजर रही कि आखिर उनको जमानत मिलेगी या नहीं। मामले से जुड़े कर्मियों में भय भी साफ दिखाई दिया। कर्मी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं इस फर्जीवाड़े में उनका नाम भी न आ जाए। दिन भर कार्यालय में कर्मी झुंड बनाकर इसी मामले में चर्चा करते रहे।
दान की गई जमीन का फर्जी इंतकाल चढ़ाने के आरोप में तहसीलदार प्रमोद चहल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की तह में जाने का प्रयास कर रही है। अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
धीरज कुमार, डीएसपी
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चादर से मुंह छिपा पहुंचा कोर्ट
रोहतक में हुई गिरफ्तारी के बाद तहसीलदार प्रमोद चहल को बुधवार रात को थाना सदर लाया गया था। वीरवार को थाना से दोपहर 12 बजे पुलिस पीसीआर से उसे कोर्ट ले जाया गया। तहसीलदार ने चादर ओढ़ रखी थी ओर पीसीआर से उतरने के बाद कोर्ट तक चादर में ही अपना चेहरा छिपाए रखा। डीएसपी धीरज कुमार उसे लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पहुंचे। ओरोपी तहसीलदार के वकील ने कोर्ट में उनका पक्ष रखते हुए मामले में उसे बेगुनाह बताते हुए जमानत दिए जाने की मांग की। दूसरी तरफ पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में तहसीलदार की संलिप्तता के बिना करोड़ों की जमीन का इंतकाल फर्जी तरीके से किसी के नाम करना संभव नहीं है। पुलिस पता लगाना चाहती है फर्जीवाड़े का यह खेल किसने और किस प्रकार से खेला और इसमें कौन कौन शामिल है। पुलिस ने पूछताछ के लिए उनका पांच दिन का रिमांड मांगा। दोनों पक्षों की करीब दो घंटे तक चली बहस के बाद कोर्ट ने तहसीलदार को चार दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।
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पटवारी व अन्य आरोपी अंडरग्राउंड
लघु सचिवालय के पीछे डाबला मंदिर की दान की जमीन में हुए इस फर्जीवाड़े में तहसीलदार समेत 10 नामजद व्यक्तियों व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी एवं सरकारी रिकॉर्ड को खुर्द बुर्द करने के आरोप में 17 अक्तूबर को मामला दर्ज हुआ था। एक आरोपी सुरेंद्र उर्फ मुन्ना पंडित पहले ही जेल में है। अब मामले में दूसरी गिरफ्तारी झज्जर के तत्कालीन तहसीलदार प्रमोद चहल की हुई है। मामले में आठ अन्य आरोपी जिनमें नगर पालिका की पार्षद उर्मिला, उनके बेटे, पटवारी, नंबरदार, कानूनगो आदि के नाम हैं कि गिरफ्तारी अभी होनी है। तहसीलदार पर पुलिस का शिकंजा कसने के साथ ही अन्य आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस को तेजपाल पटवारी, गिरदावर एलईओ, कानूनगो, नंबरदार की तलाश है। इनके नाम भी अब पुलिस पूछताछ में तहसीलदार से उगलवाए जाएंगे। धोखाधड़ी से जुड़े ये कर्मी अब अंडरग्राउंड हो गए हैं।
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जमीन की मार्केट वैल्यू 40 करोड़
फर्जी इंतकाल लघु सचिवालय के पीछे डाबला मंदिर की 42 कनाल 7 मरला जमीन का किया गया था। इसे हरदेव सहाय के परिवार ने मंदिर को दान दिया था। इस महाजन परिवार के सदस्य हेलीमंडी, गुड़गांव निवासी मदन लाल की शिकायत के बाद जमीन के फर्जीवाड़े से पर्दा उठा है। कलेक्टर रेट के हिसाब से जमीन की कीमत जहां दो करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं जमीन की मार्केट वैल्यू 40 करोड़ से ज्यादा है।
तहसील में मचा हड़कंप
झज्जर के पूर्व एवं वर्तमान में कलानौर के तहसीलदार प्रमोद चहल की गिरफ्तारी की सूचना के बाद झज्जर तहसील में हड़कंप की स्थिति रही। कर्मियों की कोर्ट में पेशी पर पूरी नजर रही कि आखिर उनको जमानत मिलेगी या नहीं। मामले से जुड़े कर्मियों में भय भी साफ दिखाई दिया। कर्मी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं इस फर्जीवाड़े में उनका नाम भी न आ जाए। दिन भर कार्यालय में कर्मी झुंड बनाकर इसी मामले में चर्चा करते रहे।
दान की गई जमीन का फर्जी इंतकाल चढ़ाने के आरोप में तहसीलदार प्रमोद चहल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की तह में जाने का प्रयास कर रही है। अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
धीरज कुमार, डीएसपी