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टिकाऊ निर्माण तकनीक ही भविष्य की आधारशिला : बी.बी. दास
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फोटो-51: बहादुरगढ़ के दुल्हेड़ा गांव स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट एंड रिसर्च में
बहादुरगढ़। दुल्हेड़ा गांव स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट एंड रिसर्च(एनआईसीएमएआर) में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन अर्बन बिल्ट एनवायरनमेंट (आईसीयूबीई-2026) का समापन हो गया। सम्मेलन के दौरान तकनीकी सत्र, विचार-विमर्श और शैक्षणिक आदान-प्रदान के माध्यम से विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे और छात्रों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता एनआईटी सुरथकल के डॉ. बी.बी. दास टिकाऊ निर्माण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों और आधुनिक निर्माण पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को गति मिल सके।
वहीं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के डॉ. कपिलेश नागर ने सिविल संरचनाओं के रखरखाव और उन्हें आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित करने पर अपने विचार साझा किए।
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संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश गोयल ने छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों और उत्कृष्ट रोजगार परिणामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और नई सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही आयोजन में छात्रों की सक्रिय भागीदारी और मेहनत की भी प्रशंसा की गई।
सम्मेलन में विभिन्न संस्थानों के छात्रों को अपने तकनीकी शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिससे नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला। समापन समारोह के दौरान अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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इस दौरान विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे और छात्रों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता एनआईटी सुरथकल के डॉ. बी.बी. दास टिकाऊ निर्माण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों और आधुनिक निर्माण पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को गति मिल सके।
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वहीं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के डॉ. कपिलेश नागर ने सिविल संरचनाओं के रखरखाव और उन्हें आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित करने पर अपने विचार साझा किए।
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संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश गोयल ने छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों और उत्कृष्ट रोजगार परिणामों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और नई सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही आयोजन में छात्रों की सक्रिय भागीदारी और मेहनत की भी प्रशंसा की गई।
सम्मेलन में विभिन्न संस्थानों के छात्रों को अपने तकनीकी शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिससे नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला। समापन समारोह के दौरान अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।