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Jhajjar-Bahadurgarh News: खराब जीवनशैली और खानपान से बढ़ रही रीढ़ की हड्डी में परेशानी
Thu, 16 Oct 2025 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 16 Oct 2025 02:45 AM IST
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-फोटो 56 : अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ से इलाज कराने पहुंचे मरीज। संवाद
बहादुरगढ़। कूबड़ निकालकर या बहुत ज्यादा झुककर बैठना रीढ़ की हड्डी के प्राकृतिक संरेखण को प्रभावित करता है। इससे आपकी पीठ के निचले हिस्से पर अधिक दबाव पड़ता है और आपकी स्पाइन में दर्द शुरू हो सकता है। ये आपके पूरे शरीर की सेहत को प्रभावित करता है। इसलिए रीढ़ को सीधा रखना बहुत जरूरी है।
बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में रीढ़ की हड्डी से संबंधित परेशानी लेकर 35 से 40 मरीज हर माह आ रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 अक्तूबर को विश्व रीढ़ दिवस मनाया जाता है।
शरीर का सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम रीढ़ की हड्डी है। इसका स्वस्थ और मजबूत रहना शरीर के लिए आवश्यक है लेकिन खराब जीवनशैली और बाजारी खानपान ने इससे जुड़ी समस्याओं को बढ़ा दिया है।
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स्पाइन से जुड़ी समस्याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अपने शरीर को लगातार सक्रिय बनाए रखकर, अच्छे खानपान से और सही जीवनशैली से इन समस्याओं से बच सकते हैं। शरीर की आकृति समझें तो यह दोनों तरफ से एक समान है और इसके बीच में रीढ़ की हड्डियां हैं। यह हड्डियां छोटे-छोटे हिस्सों में बंटी होती हैं और बेहद लचीली होती हैं। इसी की वजह से हम झुक पाते हैं। इसकी सेहत बनाए रखने के लिए इसका ये लचीलापन बनाए रखना जरूरी होता है।
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रीढ़ की हड्डी गर्दन से लेकर पीठ के निचले हिस्से तक जाने वाली हड्डियों का एक पिलर है। यह कई छोटी-छोटी हड्डियों से मिलकर बना होता है। इसका कार्य मस्तिष्क से शरीर के अन्य हिस्सों तक जाने वाली स्पाइनल कॉर्ड की रक्षा करना और शरीर को सहारा देना है। इसके ख्याल रखेंगे तो लंबी उम्र तक फिट रहेंगे।
-डॉ. कुनाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
ऐसे रखें रीढ़ की हड्डी को मजबूत
-बैठते वक्त हमेशा पीठ सीधी रखें। अत्यधिक मुलायम गद्दे पर न सोएं। करवट लें। पीठ के बल जरूर लेटें, इससे कमर की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
-अगर आप अपना वजन काबू में नहीं रख पाते हैं तो इससे भी रीढ़ की हड्डी कमजोर होती है। पेट का फैट शरीर के भाग को आगे की तरफ शिफ्ट करता है। इससे कमर और पीठ का दबाव बढ़ जाता है।
-अपनी डाइट में प्रोटीन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा शामिल करें। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। हड्डियों की अच्छी सेहत के लिए विटामिन डी की प्रचुर मात्रा भी जरूरी है।
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बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में रीढ़ की हड्डी से संबंधित परेशानी लेकर 35 से 40 मरीज हर माह आ रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 अक्तूबर को विश्व रीढ़ दिवस मनाया जाता है।
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शरीर का सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम रीढ़ की हड्डी है। इसका स्वस्थ और मजबूत रहना शरीर के लिए आवश्यक है लेकिन खराब जीवनशैली और बाजारी खानपान ने इससे जुड़ी समस्याओं को बढ़ा दिया है।
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स्पाइन से जुड़ी समस्याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अपने शरीर को लगातार सक्रिय बनाए रखकर, अच्छे खानपान से और सही जीवनशैली से इन समस्याओं से बच सकते हैं। शरीर की आकृति समझें तो यह दोनों तरफ से एक समान है और इसके बीच में रीढ़ की हड्डियां हैं। यह हड्डियां छोटे-छोटे हिस्सों में बंटी होती हैं और बेहद लचीली होती हैं। इसी की वजह से हम झुक पाते हैं। इसकी सेहत बनाए रखने के लिए इसका ये लचीलापन बनाए रखना जरूरी होता है।
रीढ़ की हड्डी गर्दन से लेकर पीठ के निचले हिस्से तक जाने वाली हड्डियों का एक पिलर है। यह कई छोटी-छोटी हड्डियों से मिलकर बना होता है। इसका कार्य मस्तिष्क से शरीर के अन्य हिस्सों तक जाने वाली स्पाइनल कॉर्ड की रक्षा करना और शरीर को सहारा देना है। इसके ख्याल रखेंगे तो लंबी उम्र तक फिट रहेंगे।
-डॉ. कुनाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
ऐसे रखें रीढ़ की हड्डी को मजबूत
-बैठते वक्त हमेशा पीठ सीधी रखें। अत्यधिक मुलायम गद्दे पर न सोएं। करवट लें। पीठ के बल जरूर लेटें, इससे कमर की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
-अगर आप अपना वजन काबू में नहीं रख पाते हैं तो इससे भी रीढ़ की हड्डी कमजोर होती है। पेट का फैट शरीर के भाग को आगे की तरफ शिफ्ट करता है। इससे कमर और पीठ का दबाव बढ़ जाता है।
-अपनी डाइट में प्रोटीन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा शामिल करें। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। हड्डियों की अच्छी सेहत के लिए विटामिन डी की प्रचुर मात्रा भी जरूरी है।