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दुष्कर्म पीड़िता छात्रा के स्कूल पर लटका रहेगा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
Updated Sat, 27 Sep 2014 12:56 AM IST
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क्षेत्र के एक गांव के प्राइवेट स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा से पीटीआई द्वारा दुष्कर्म किए जाने के मामले में शुक्रवार को महापंचायत हुई। महापंचायत में 26 से अधिक गांवों की पंचायतों ने फैसला लिया कि छात्रा को न्याय न मिलने तक स्कूल का ताला नहीं खुलने दिया जाएगा।
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मामले पर नजर रखने के लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया। कमेटी में 25 ग्राम पंचायतों से दो सदस्यों को शामिल गया गया। खास बात है कि कमेटी में उन गांवों के लोगों को शामिल नहीं किया गया, जो कि इस मामले से सीधा जुड़े हैं। स्कूल पर ताला जड़ा रहने से यहां पढ़ने वाले 300 से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।
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महापंचायत की अध्यक्षता मास्टर सूरजभान ने की। महापंचायत में इस बात पर कड़ा रोष जताया गया कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। महापंचायत में शामिल मौजिज लोगों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी प्रबंधन की होती है।
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ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने पीड़िता के प्रति सहानुभूति दिखाने की बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। ऐसे में वे स्कूल के निदेशक और प्राचार्या के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने सड़क जाम करके विरोध दर्ज कराया था, लेकिन इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन व संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। महापंचायत में शामिल मौजिज व्यक्तियों ने पूरा घटनाक्रम सुनने के बाद फैसला सुना दिया।
नहीं खुलने दिया जाएगा ताला
महापंचायत में फैसला लिया गया कि जब तक पीड़िता को पूरा न्याय नहीं मिलता, तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलने दिया जाएगा। पंचायत में शामिल रहे पूर्व चेयरमैन प्रदीप ने बताया कि महापंचायत में शामिल 25 गांवों से दो-दो व्यक्तियों को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखेगी। साथ ही फैसला लिया गया कि स्कूल संचालकों और प्राचार्र्या के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी। महापंचायत ने उन दो गांवों के लोगों को इस कमेटी में शामिल करने से इनकार कर दिया, जो कि मामले से सीधा जुड़े हैं।
300 से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर
महापंचायत के स्कूल पर ताला जड़ा रखने के फैसले से इसमें पढ़ने वाले करीब 315 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। ये बच्चों 18 सितंबर के बाद से स्कूल नहीं जा पाए हैं। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद से ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगा रखा है। महापंचायत में गठित कमेटी ने कहा कि बच्चों को पास के अच्छे स्कूल में भर्ती कराया जाएगा। साथ ही, ध्यान रखा जाएगा कि अभिभावकों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़े।
यह है मामला
क्षेत्र के निजी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के साथ पीटीआई द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आने पर ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया था। हालांकि पुलिस ने आरोपी पीटीआई को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन ग्रामीण स्कूल संचालक और प्राचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों ने पिछले दिन हाईवे पर जाम लगा दिया था।
साथ ही, स्कूल पर भी पथराव किया गया था। ग्रामीण स्कूल की मान्यता रद्द करने की भी मांग कर रहे थे, लेकिन जांच के बाद शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि इस स्कूल ने अभी तक मान्यता नहीं ली है।