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Jhajjar-Bahadurgarh News: बसों पर नहीं पेंट से नही लिखवाया मार्ग और किराया
Mon, 02 Oct 2023 01:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 02 Oct 2023 01:42 AM IST
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झज्जर। जिले में विभिन्न मार्गों पर 200 से अधिक परिवहन समिति की प्राइवेट बसें चलती हैं, लेकिन इनपर न तो कोई मार्ग लिखा रहता है और न ही किराया। इसी के चलते बस संचालक मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं। किराया वसूलने के बाद टिकट तक नहीं दिया जाता। टिकट मांगने पर झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। यात्रियों को बीच रास्ते भी बस से उतार दिया जाता है।
21 सितंबर को संवाद भवन में जिला परिवेदना समिति की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें खुद भाजपा नेताओं ने सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव के समक्ष निजी बस संचालकों द्वारा अधिक किराया वसूली समेत इसी तरह की शिकायत रखी थी। इस पर मंत्री तथा डीसी ने आरटीए सहायक सचिव को बुलाकर एक सप्ताह में सभी बसों पर पेंट से किराया, रूट लिखने के आदेश दिए थे, लेकिन दस दिन बीतने के बाद भी किसी बस पर पेंट से न तो किराया और न ही पूरे रूट लिखे गए हैं। टिकट न देने की स्थिति में किसी प्रकार के हादसा होने की स्थिति में यह निजी बस संचालक हाथ खड़ा कर देते हैं। यदि यात्री को टिकट दी जाएगी तो किसी प्रकार का हादसा होने की स्थिति में जिम्मेदारी बस संचालक की रहती है, लेकिन टिकट न दिए जाने के चलते हादसा होने पर यह लोग जिम्मेदारी से बच निकलते हैं।
हर मार्ग पर करीब पांच रुपये अधिक वसूली
निजी बस संचालक हर रूट पर रोडवेज बस से भी पांच रुपये ज्यादा वसूल करते हैं। झज्जर से रेवाड़ी का किराया 65 रुपये लगता है जबकि निजी बस संचालक 70 रुपये वसूल करते हैं। इसी प्रकार से बहादुरगढ़, कोसली, दादरी, रोहतक रूटों की स्थिति भी है, जहां यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल किया जाता है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। निजी बस संचालक भी बसों पर न तो किराया लिखवाते हैं और न ही रूट ताकि आम जनता को इसकी जानकारी लग सके।
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फ्लैक्टस की जगह पेंट से किराया लिखवाने के दिए आदेश
बैठक में आरटीए के सहायक सचिव ने डीसी को बताया था कि बस संचालकों ने बसों पर फ्लैक्स लगवाए थे, जिन पर किराया लिखा हुआ था, लेकिन बाद में फ्लैक्स फट गए। इस पर डीसी ने सभी बसों पर पेंट के जरिये किराया व रूट लिखवाने के आदेश दिए थे। दूसरे जिलों से आने वाली बसों पर भी पेंट के जरिये किराया व रूट लिखवाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वर्जन
निजी बस संचालकों ने फ्लैक्स पर रेट लिखवाए थे। उनकी रिपोर्ट उनको दी गई है। अब पेंट से किराया लिखवाने के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई बस चालक पैसे लेकर टिकट नहीं देता है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
शक्ति सिंह, जिला उपायुक्त, झज्जर
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21 सितंबर को संवाद भवन में जिला परिवेदना समिति की बैठक आयोजित हुई थी। इसमें खुद भाजपा नेताओं ने सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव के समक्ष निजी बस संचालकों द्वारा अधिक किराया वसूली समेत इसी तरह की शिकायत रखी थी। इस पर मंत्री तथा डीसी ने आरटीए सहायक सचिव को बुलाकर एक सप्ताह में सभी बसों पर पेंट से किराया, रूट लिखने के आदेश दिए थे, लेकिन दस दिन बीतने के बाद भी किसी बस पर पेंट से न तो किराया और न ही पूरे रूट लिखे गए हैं। टिकट न देने की स्थिति में किसी प्रकार के हादसा होने की स्थिति में यह निजी बस संचालक हाथ खड़ा कर देते हैं। यदि यात्री को टिकट दी जाएगी तो किसी प्रकार का हादसा होने की स्थिति में जिम्मेदारी बस संचालक की रहती है, लेकिन टिकट न दिए जाने के चलते हादसा होने पर यह लोग जिम्मेदारी से बच निकलते हैं।
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हर मार्ग पर करीब पांच रुपये अधिक वसूली
निजी बस संचालक हर रूट पर रोडवेज बस से भी पांच रुपये ज्यादा वसूल करते हैं। झज्जर से रेवाड़ी का किराया 65 रुपये लगता है जबकि निजी बस संचालक 70 रुपये वसूल करते हैं। इसी प्रकार से बहादुरगढ़, कोसली, दादरी, रोहतक रूटों की स्थिति भी है, जहां यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल किया जाता है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। निजी बस संचालक भी बसों पर न तो किराया लिखवाते हैं और न ही रूट ताकि आम जनता को इसकी जानकारी लग सके।
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फ्लैक्टस की जगह पेंट से किराया लिखवाने के दिए आदेश
बैठक में आरटीए के सहायक सचिव ने डीसी को बताया था कि बस संचालकों ने बसों पर फ्लैक्स लगवाए थे, जिन पर किराया लिखा हुआ था, लेकिन बाद में फ्लैक्स फट गए। इस पर डीसी ने सभी बसों पर पेंट के जरिये किराया व रूट लिखवाने के आदेश दिए थे। दूसरे जिलों से आने वाली बसों पर भी पेंट के जरिये किराया व रूट लिखवाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वर्जन
निजी बस संचालकों ने फ्लैक्स पर रेट लिखवाए थे। उनकी रिपोर्ट उनको दी गई है। अब पेंट से किराया लिखवाने के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई बस चालक पैसे लेकर टिकट नहीं देता है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
शक्ति सिंह, जिला उपायुक्त, झज्जर