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Jhajjar-Bahadurgarh News: मंत्री के सामने रिटायर्ड एसडीओ ने खोली नगर परिषद की पोल
Thu, 02 Mar 2023 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 02 Mar 2023 12:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। परिवेदना समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री ओपी यादव के उस समय होश पाख्ता हो गए जब बैठक के बीच में ही एक व्यक्ति ने शहर की नगरपरिषद मेें हुए करीब एक करोड़ के घोटाले की कलई मंत्री के सामने खोलकर रख दी। शिकायतकर्ता रामनिवास रिटायर्ड एसडीओ का कहना था कि इस घोटाले में परिषद के सबंधित अधिकारी ने तो जमकर चांदी कूटी ही है, लेकिन साथ ही ऊपरी अधिकारी भी उस चांदी से अछूते नही रहे हैं। इस घोटाले का कच्चा चिठ्ठा खोलते हुए बताया कि करीब दो साल पहले झज्जर नगरपरिषद में शहर की सड़कों को चकाचक करने के लिए करोड़ों रुपसे से खरीदी गई एक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन आई थी। नियमों के अनुसार इस मशीन से रोज 12 घंटे काम लिया जाना था और उससे शहर की 30 किलोमीटर की सड़क की सफाई कराई जानी थी। लेकिन परिषद के सबंधित अधिकारी ने कंपनी के साथ मिलीभगत करके रोज 4 घंटे काम लिया और 30 किलोमीटर की बजाय 10 किलोमीटर की सड़क साफ कराई। नियमों के अनुसार कंपनी को सफाई का भुगतान उसके द्वारा किए गए काम के अनुसार करीब 41 लाख रुपये किया जाना था, लेकिन संबधित अधिकारी ने उसका भुगतान एक करोड़ 46 लाख कर दिया। इस हिसाब से परिषद को ही एक करोड़ एक लाख रुपये चूना लगा दिया और यह रुपया अधिकारियो की मिलीभगत से ही कंपनी और अधिकारियों की निजी जेब में चला गया। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंत्री ने घोटाले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
उधर मंत्री के सामने गांव खरहर के एक बुजुर्ग रामेश्वरदास कटारिया ने मामला उठाया। उसका कहना था कि सात साल पहले उसके मकान को अवैध बताकर सरपंच ने तुड़वा दिया। जब बाद में पैमाइश हुई तो उसका निर्माण सहीं पाया गया। वह कई वर्षों से अपने साथ हुए अन्याय के लिए चक्कर काट रहा है। लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा। मंत्री ने कहा कि इसके लिए रिकाॅर्ड मंगाया गया है और परिवदेना समिति में इसे रेगूलर सुना जाएगा। मंत्री ने बताया कि बैठक में कुल 24 परिवाद आए थे, जिनमें से 10 का निपटारा करवा दिया गया है। ई-टेंडरिंग को लेकर सरपंचों के विरोध व जेजेपी नेताओं की बयानबाजी को लेकर सवाल पर मंत्री ओपी यादव ने कहा कि ई-टेंडरिंग का फैसला गठबंधन सरकार का है और नेताओं की इस विषय की बयानबाजी उनके संज्ञान में नहीं है।
मामला मेरे संज्ञान में आया है सभी दस्तावेजों की जांच कर रहा हूं। ऐसा लगता नही है की कोई घोटाला होगा।
जांच की जा रही है। संजय रोहिल्ला, ईओ, नगर परिषद, झज्जर।
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झज्जर। परिवेदना समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री ओपी यादव के उस समय होश पाख्ता हो गए जब बैठक के बीच में ही एक व्यक्ति ने शहर की नगरपरिषद मेें हुए करीब एक करोड़ के घोटाले की कलई मंत्री के सामने खोलकर रख दी। शिकायतकर्ता रामनिवास रिटायर्ड एसडीओ का कहना था कि इस घोटाले में परिषद के सबंधित अधिकारी ने तो जमकर चांदी कूटी ही है, लेकिन साथ ही ऊपरी अधिकारी भी उस चांदी से अछूते नही रहे हैं। इस घोटाले का कच्चा चिठ्ठा खोलते हुए बताया कि करीब दो साल पहले झज्जर नगरपरिषद में शहर की सड़कों को चकाचक करने के लिए करोड़ों रुपसे से खरीदी गई एक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन आई थी। नियमों के अनुसार इस मशीन से रोज 12 घंटे काम लिया जाना था और उससे शहर की 30 किलोमीटर की सड़क की सफाई कराई जानी थी। लेकिन परिषद के सबंधित अधिकारी ने कंपनी के साथ मिलीभगत करके रोज 4 घंटे काम लिया और 30 किलोमीटर की बजाय 10 किलोमीटर की सड़क साफ कराई। नियमों के अनुसार कंपनी को सफाई का भुगतान उसके द्वारा किए गए काम के अनुसार करीब 41 लाख रुपये किया जाना था, लेकिन संबधित अधिकारी ने उसका भुगतान एक करोड़ 46 लाख कर दिया। इस हिसाब से परिषद को ही एक करोड़ एक लाख रुपये चूना लगा दिया और यह रुपया अधिकारियो की मिलीभगत से ही कंपनी और अधिकारियों की निजी जेब में चला गया। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंत्री ने घोटाले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
उधर मंत्री के सामने गांव खरहर के एक बुजुर्ग रामेश्वरदास कटारिया ने मामला उठाया। उसका कहना था कि सात साल पहले उसके मकान को अवैध बताकर सरपंच ने तुड़वा दिया। जब बाद में पैमाइश हुई तो उसका निर्माण सहीं पाया गया। वह कई वर्षों से अपने साथ हुए अन्याय के लिए चक्कर काट रहा है। लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा। मंत्री ने कहा कि इसके लिए रिकाॅर्ड मंगाया गया है और परिवदेना समिति में इसे रेगूलर सुना जाएगा। मंत्री ने बताया कि बैठक में कुल 24 परिवाद आए थे, जिनमें से 10 का निपटारा करवा दिया गया है। ई-टेंडरिंग को लेकर सरपंचों के विरोध व जेजेपी नेताओं की बयानबाजी को लेकर सवाल पर मंत्री ओपी यादव ने कहा कि ई-टेंडरिंग का फैसला गठबंधन सरकार का है और नेताओं की इस विषय की बयानबाजी उनके संज्ञान में नहीं है।
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मामला मेरे संज्ञान में आया है सभी दस्तावेजों की जांच कर रहा हूं। ऐसा लगता नही है की कोई घोटाला होगा।
जांच की जा रही है। संजय रोहिल्ला, ईओ, नगर परिषद, झज्जर।