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Jhajjar-Bahadurgarh News: कल से फिर शुरू होगी राशनिंग, लोगों को होगी परेशानी
Thu, 19 Sep 2024 04:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 19 Sep 2024 04:46 AM IST
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रेवाड़ी। हथिनी कुंड बैराज में पानी कम होने के कारण इस बार शहरवासियों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से केवल 20 सितंबर तक ही नियमित पानी दिया जाएगा। इसके बाद फिर से राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। नहर में जब तक पानी नहीं आएगा, तब तक पानी की राशनिंग जारी रहेगी।
शहर में पेयजल की आपूर्ति नहरी पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शेड्यूल 16-24 का है। यानी 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिनों तक बंद रहता है। मानसून सीजन से पहले शहर में हर माह पानी की राशनिंग की जा रही थी। शहरवासियों को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जा रही थी। मानसून के दौरान नहर में पानी आना बंद नहीं हुआ था और दो माह तक लगातार नहर में पानी आया। इससे पेयजल आपूर्ति में दिक्कत नहीं आई।
बता दें कि पानीपत के खूबडू हैड से 13 सितंबर को जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ा गया था। जो रेवाड़ी 15 सितंबर को पहुंचा। दो दिनों तक टैंक भरने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने बुधवार से पानी की सप्लाई को नियमित किया है। अधिकारियों का कहना है कि पीछे से नहर में एक सप्ताह पानी के चलने का शेड्यूल मिला है। ऐसे में 20 सितंबर को फिर से राशनिंग शुरू करनी पड़ेगी। शहर में पानी की समस्या न हो सभी टैंको का पुल भर दिया गया है।
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हर महीने रहती है पानी की समस्या:
शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी को स्टोर किया जाता है। यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका में एक वाटर टैंक और बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई गांव जमीन देने को तैयार नहीं हो रहा है।
आबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम:
शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
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वर्जन :
जवाहर लाल नेहरू नहर में 20 सितंबर तक पानी आएगा। इसके बाद फिर से पानी की राशनिंग शुरू की जाएगी। नहरी पानी का शेड्यूल अभी नहीं आया है। आने के बाद बता दिया जाएगा।
- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी।
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शहर में पेयजल की आपूर्ति नहरी पानी पर निर्भर है। नहरी पानी का शेड्यूल 16-24 का है। यानी 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिनों तक बंद रहता है। मानसून सीजन से पहले शहर में हर माह पानी की राशनिंग की जा रही थी। शहरवासियों को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जा रही थी। मानसून के दौरान नहर में पानी आना बंद नहीं हुआ था और दो माह तक लगातार नहर में पानी आया। इससे पेयजल आपूर्ति में दिक्कत नहीं आई।
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बता दें कि पानीपत के खूबडू हैड से 13 सितंबर को जवाहर लाल नेहरू नहर में पानी छोड़ा गया था। जो रेवाड़ी 15 सितंबर को पहुंचा। दो दिनों तक टैंक भरने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने बुधवार से पानी की सप्लाई को नियमित किया है। अधिकारियों का कहना है कि पीछे से नहर में एक सप्ताह पानी के चलने का शेड्यूल मिला है। ऐसे में 20 सितंबर को फिर से राशनिंग शुरू करनी पड़ेगी। शहर में पानी की समस्या न हो सभी टैंको का पुल भर दिया गया है।
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हर महीने रहती है पानी की समस्या:
शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी को स्टोर किया जाता है। यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका में एक वाटर टैंक और बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई गांव जमीन देने को तैयार नहीं हो रहा है।
आबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम:
शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
वर्जन :
जवाहर लाल नेहरू नहर में 20 सितंबर तक पानी आएगा। इसके बाद फिर से पानी की राशनिंग शुरू की जाएगी। नहरी पानी का शेड्यूल अभी नहीं आया है। आने के बाद बता दिया जाएगा।
- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी।