Jhajjar: देश की रक्षा करते सियाचीन में शहीद हुए थे रामफल, पत्नी को आज भी याद हैं चिट्ठियां
महार रेजिमेंट में नायक रहे सोलधा गांव के रामफल कारगिल युद्ध के दौरान सियाचीन में दुश्मनों से लोहा लेते हुए 6 जुलाई को शहीद हुए थे।
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अनीता देवी अपने बलिदान पति नायक रामफल को याद कर आज भी भावुक हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को उनके पति सियाचीन में थे। उनके साथ पांच अन्य जवान भी थे। वह दुश्मनों का मुकाबला करते हुए आगे बढ़ रहे थे। दोनों तरफ से फायरिंग हो रही थी। इस दौरान बम का गोला जवानों पर गिरा। इस हमले में उनके पति व अन्य पांच जवान बलिदान हो गए। अनीता देवी बताती हैं कारगिल युद्ध के समय टेलीफोन नहीं होते थे। केवल चिट्ठियों से ही जानकारी मिल पाती थी। पति के शहीद होने से पहले भी कई चिट्ठियां आती थीं। ये पत्र परिवार को हौसला देते थे।
बच्चों को बनाया लायक
अनीता देवी के तीन बच्चे हैं। बेटा संदीप काजला लेक्चरर है जबकि दूसरा बेटा रवि काजला पेट्रोल पंप संभालता है। बेटी सुमन काजला की शादी हो चुकी है। अनीता बताती हैं बच्चों की परवरिश में उनके नाना-नानी और मामा का पूरा साथ रहा है।