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20 फीसदी बाजरे की फसल को बारिश से नुकसान

Fri, 10 Sep 2021 12:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 12:11 AM IST
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Rain damages 20 percent of the millet crop
बाजरे की कटाई के बाद एकत्रित करते किसान। - फोटो : Jhjhar
जिले में इस बार बारिश ने जहां कपास, ज्वार आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है वहीं बाजरे की फसल भी करीब 20 फीसदी खराब हो गई है। पिछले साल से इस बार काफी अधिक बारिश हुई है। इस बार पहले मानसून की देरी के कारण पूरी तरह से बाजरे की बिजाई नहीं हो पाई थी। जब मानसून कर बारिश हुई तो वह किसानों के लिए आफत बन गई। कृषि विभाग को सरकार की तरफ से बाजरे की बिजाई का 50 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य दिसा गया था। उसके बावजूद करीब 31 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की बिजाई हो पाई है। उस में से भी 20 फीसदी फसल खराब हो गई है। अब बाजरे के कुल उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। अगर सरकार व प्रशासन की तरफ से बाजरे की खरीद के दौरान निगरानी नहीं रखी गई तो दूसरे राज्यों के बाजरे की बिक्री की संभावना बढ़ती जा रही है। जिले में किसानों की बाजरे की फसल पककर तैयार होने लगी है। अगेती बाजरे की फसल की कटाई का कार्य भी शुरू हो चुका है। हालांकि अनाज मंडी में बाजरे की आवक शुरू नहीं हो पाई है।
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सरकार की तरफ से बाजरे की खरीद के लिए 25 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। जिले में बाजरे की खरीद के लिए इस बार अब तक मातनहेल की आवंटित की गई है, लेकिन जिले की कुछ और अनाज मंडियां आवंटित होने की संभावना है। सरकार की तरफ से झज्जर जिले में मातनहेल की अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू करने के लिए आदेश जारी किए हैं। इससे पहले कोरोना काल के कारण जिले की सभी अनाज मंडी में बाजरे की खरीद हुई थी। जिले में नौ अनाज मंडी व खरीद केंद्र हैं।
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पिछले साल झज्जर जिले में साढ़े 6 लाख क्विंटल से अधिक बाजरे की खरीद हुई थी। इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक बारिश होने से किसानों की बाजरे की फसल खराब भी हुई है और कुछ हिस्से में पानी भरने के कारण बिजाई नहीं हो पाई थी।
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बाजरे की अगेती फसल की कटाई का कार्य शुरू हो गया है। करीब दस दिन में बारे की अधिकांश फसल पक कर तैयार हो जाएगी। इस बार करीब 31 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल बोई हुई है। जिसमें बारिश से नुकसान हुआ है। -डॉ इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।
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