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Jhajjar-Bahadurgarh News: पूर्वी हवा चलने से कम हुआ प्रदूषण फिर भी बेहद खराब स्थिति बरकरार
Tue, 25 Nov 2025 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 25 Nov 2025 02:50 AM IST
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फोटो :47: सोनीपत के राई क्षेत्र में सुबह के समय छाया प्रदूषण। संवाद
सोनीपत। पूर्वी हवा चलने के कारण सोमवार को वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार जरूर हुआ है लेकिन प्रदूषण स्तर अभी भी ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही है। लगातार 15वें दिन भी शहर की हवा में मौजूद प्रदूषक कणों का स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 311 दर्ज किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से लगातार कई दावे और निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर देखने को नहीं मिल रहा। कूड़ा जलाने, धूल उड़ने, सड़क किनारे निर्माण सामग्री खुले में रखने और वाहन प्रदूषण की जांच न होने जैसी लापरवाहियां हवा को और जहरीला कर रही हैं।
पूर्वी हवा ने प्रदूषक तत्वों को थोड़ा फैलाने में मदद की, लेकिन प्रदूषण बेहद खराब श्रेणी में है। चिकित्सक डॉ. जेएस पूनिया के मुताबिक इस स्तर की हवा में लगातार सांस लेना अस्थमा, एलर्जी, आंखों में जलन, सिरदर्द और हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है।
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लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
डॉ. जेएस पूनिया का कहना है कि ठंड बढ़ते ही हवा की गति फिर धीमी पड़ सकती है, जिससे प्रदूषण स्तर और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। एन-95 मास्क का प्रयोग करें। बुजुर्ग, बच्चे और सांस के मरीज विशेष सावधानी बरतें।
पूर्वी हवा चलने से जल्द वातावरण में सुधार हो सकता है। एक्यूआई कम हो रहा है। 27 नवंबर को हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे मौसम में बदलाव हो सकता है।
- डॉ. प्रेमदीप, वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत
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प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से लगातार कई दावे और निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर देखने को नहीं मिल रहा। कूड़ा जलाने, धूल उड़ने, सड़क किनारे निर्माण सामग्री खुले में रखने और वाहन प्रदूषण की जांच न होने जैसी लापरवाहियां हवा को और जहरीला कर रही हैं।
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पूर्वी हवा ने प्रदूषक तत्वों को थोड़ा फैलाने में मदद की, लेकिन प्रदूषण बेहद खराब श्रेणी में है। चिकित्सक डॉ. जेएस पूनिया के मुताबिक इस स्तर की हवा में लगातार सांस लेना अस्थमा, एलर्जी, आंखों में जलन, सिरदर्द और हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है।
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लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
डॉ. जेएस पूनिया का कहना है कि ठंड बढ़ते ही हवा की गति फिर धीमी पड़ सकती है, जिससे प्रदूषण स्तर और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें। एन-95 मास्क का प्रयोग करें। बुजुर्ग, बच्चे और सांस के मरीज विशेष सावधानी बरतें।
पूर्वी हवा चलने से जल्द वातावरण में सुधार हो सकता है। एक्यूआई कम हो रहा है। 27 नवंबर को हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे मौसम में बदलाव हो सकता है।
- डॉ. प्रेमदीप, वैज्ञानिक, केवीके सोनीपत