फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   police diclir the deth of injured man

पुलिस ने घायल बदमाश को किया मृत घोषित

Mon, 01 Feb 2016 01:09 AM IST
ब्ययूराो/अमर उजाला / झज्जजर
ब्ययूराो/अमर उजाला / झज्जजर Updated Mon, 01 Feb 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन

थेहड़ मोहल्ले में शनिवार शाम को गोली लगने से घायल हुए बहादुरगढ़ निवासी बदमाश मोनू जाट की मौत हो गई। रविवार सुबह मृतक के परिजनों का बयान दर्ज करके पुलिस ने शव का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव परिजनों का सौंप दिया।

विज्ञापन


शव लेने सामान्य अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिस के अलावा किसी भी दूसरे शख्स से बातचीत करने से मना कर दिया। इससे पहले शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे डॉक्टरों ने मोनू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हिसार रेफर कर दिया। भाई सोनू एंबुलेंस में उसके साथ गया।
विज्ञापन


मोरीवाला के पास एंबुलेंस की सामने से आ रही कार से टक्कर हो गई, जिससे एंबुलेंस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। भाई सोनू ने मोनू को संभाला तो उसके शरीर में तनिक भी हरकत नहीं हुई। चालक ने एंबुलेंस वापस सिरसा की तरफ मोड़ ली और उक्त निजी अस्पताल में ले आया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉक्टर ने उसे दाखिल करने से मना दिया। सोनू अपने भाई को अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी एसआई इंद्राज ने बताया कि मोनू पर हत्या, लूटपाट के कई केस हरियाणा और राजस्थान में दर्ज हैं। गौरतलब है कि शनिवार शाम को पुलिस से घिरे बदमाश मोनू ने खुद को गोली मार ली थी।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली संदिग्ध बनी हुई है। घटना के बाद पुलिस को पता चल गया था कि मोनू खतरनाक बदमाश है और उसके पास मिले हथियार व काफी संख्या में कारतूस देखकर पुलिस हैरान हो गई। मोनू को डॉक्टर ने हिसार रेफर किया तो एक भी पुलिस कर्मचारी एंबुलेंस में साथ नहीं गया।


एंबुलेंस मालिक विशु ने बताया कि एंबुलेंस में घायल मोनू का भाई सोनू था और सुरक्षा के लिहाज से एक भी कर्मचारी एंबुलेंस में रवाना नहीं हुआ। सवाल खड़ा होता है कि क्या पुलिस किसी वांटेड अपराधी को बिना सुरक्षा के रेफर होने देती है? सूत्रों के अनुसार बदमाश मोनू की अस्पताल में ही मौत हो गई थी, पुलिस को इसकी जानकारी थी। बस परिजन ही इस बात से बेखबर थे। ऐसे में रेफर का ड्रामा रचा गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed