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Jhajjar-Bahadurgarh News: चाऊमीन और मोमोज खाने से किशोरों में भी बढ़ रही बवासीर की बीमारी

Wed, 20 Nov 2024 03:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Wed, 20 Nov 2024 03:32 AM IST
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Piles disease is increasing among teenagers due to eating chow mein and momos
बहादुरगढ़। आपके बच्चे अगर हफ्ते में तीन-चार दिन मोमोज, चाऊमीन, बर्गर, तली-भुनी चीजें खाते हैं। शौच अनियमित है और शारीरिक व्यायाम नहीं करते हैं तो सजग हो जाएं। यही हाल रहा तो उन्हें आगे चलकर बवासीर की दिक्कत हो सकती है। नागरिक अस्पताल के चिकित्सक बताते हैं कि 12 से 17 साल तक के पांच फीसदी किशोरों में ये परेशानी मिलने लगी है। हालांकि समय रहते दवा और खानपान में सुधार से यह ठीक हो जाती है।
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नागरिक अस्पताल के फिजििशयन डॉ. सुंदरम ने बताया कि 15 साल पहले तक 12 से 17 साल तक के इक्का-दुक्का मरीज को ही बवासीर की शिकायत होती थी। अब इनकी संख्या करीब पांच फीसदी है। इनके मलद्वार में खुजली होने, मल त्याग करते वक्त दर्द होने और कभी-कभार रक्त आने की परेशानी मिल रही है। पूछताछ में पता चला है कि ये लोग सप्ताह में तीन-चार दिन फास्ट फूड और बाजार का तला भोजन खाते हैं। शारीरिक गतिविधियां कम करते हैं। पौष्टिक भोजन और खेलकूद अधिक करने से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देर तक बैठकर कार्य करने, मांसाहार खाने, तंबाकू-शराब के कारण भी बवासीर तेजी से बढ़ रहा है। चाऊमीन में अजीनोमोटो सहित कई तरह सामग्री का प्रयोग किया जाता है। इसे खाने से शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है और बीमारियां घेर रही हैं।
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मैदा पहुंचाता है अग्नाश्य को नुकसान

मोमोज के ऊपर की लेयर मैदे से बनाई जाती है। जो अनाज का रेशेदार चोकर हटाने के बाद बचा हुआ स्टार्च वाला हिस्सा होता है। इस स्टार्च वाले हिस्से में कुछ ब्लीच वाले केमिकल मिलाए जाते हैं। डॉ. सुंदरम का दावा है कि मैदा में एलोक्सन होता है। यह केमिकल मैदा को काफी समय तक नरम बनाए रखता है। मैदा में मिलाए जाने वाले ब्लीच केमिकल अग्नाश्य को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। एलोक्सन केमिकल अग्नाश्य के लिए हानिकारक होता है और यह न केवल बवासीर बल्कि डायबिटीज के लिए जिम्मेदार हो सकता है। वहीं मोमोज के स्वाद के लिए मोनो-सोडियम ग्लूटामेट मिलाया जाता है। सोडियम ग्लूटामेट सफेद क्रिस्टल पाउडर की तरह होता है, जो शरीर के नर्व डिसऑर्डर पसीना आना, उल्टी आना और हार्ट रेट बढ़ाने जैसे स्वास्थ्य जोखिम का कारण बन सकता है।
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खराब गुणवत्ता वाले इंग्रेडिएंट

मोमोज के अंदर इस्तेमाल होने वाली सब्जियां और चिकन लंबे समय तक रखे रहने से खराब हो जाते हैं, ऐसे इंग्रेडिएंट से बने मोमोज का सेवन करेंगे तो जाहिर सी बात है आप बीमार हो जाएंगे। अधिकांश चिकन प्रोडक्ट जो विभिन्न आउटलेट्स पर मिलते हैं, उनमें ईकॉली बैक्टीरिया काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह जहर के समान होता है और उससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।




तीखी चटनी है खतरनाक

लाल मिर्च को स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन उस लाल मिर्च में प्रोसेसिंग के जरिए कुछ मिलाया गया न हो तब, माेमोज बेचने वाले लोग मिर्च की क्वालिटी की चिंता नहीं करते हैं, वे मार्केट से सस्ती या लोकल मिर्च पाउडर खरीदकर उसकी चटनी बनाते हैं, ऐसी चटनी खाने से बवासीर होने का खतरा बना रहता है।



इनका रखें ख्याल

-मैदा से बनी सामग्री, तेज मसाले वाले और तला हुए भोजन करने से बचें।

-दाल, चपाती, हरी तरकारी खाएं, रोजाना 250 ग्राम से अधिक सलाद खाएं।

-शीतल पेय, पैकेट बंद भोजन, फास्ट फूड खाने की लत न लगाएं।

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