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हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए मिली अनुमति
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सिलानी गांव के पास पुल निर्माण तीन साल से बांधक बनी ऊपर से गुजरती हुई हाईटेंशन लाइन। संवाद
- फोटो : Jhjhar
राकेश कुमार
झज्जर। नेशनल हाईवे 71 पर सिलानी गांव के पास बन रहे पुल के निर्माण में हाईटेंशन लाइन तीन वर्षों से रोड़ा बनी हुई है जिसके कारण फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। झाड़ली थर्मल पावर प्लांट से दिल्ली मेट्रो के लिए जाने वाली बिजली की लाइन को बंद किया तो दिल्ली बंद हो जाएगी। अब इस लाइन को ऊपर उठाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी व विद्युत निगम के आपसी तालमेल से सहमति बन गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि 31 जनवरी के बाद लाइन को पुल के दोनों ओर बड़े खंभे लगा कर ऊंचा उठाया जाएगा। इसके साथ ही पुल के डिजाइन को भी मंजूरी मिल गई है।
गौरतलब है झज्जर-रेवाड़ी को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 71 पर बन रहे फ्लाईओवर पर हाईटेंशन तार काफी मुसीबत बनी हुई है। नेशनल हाईवे पर निर्माण में बाधक हाईटेंशन तार को हटाने पर दिल्ली की मेट्रो सेवा बंद हो जाएगी और यदि हाईटेंशन को ऊपर नहीं उठाया तो पुल का निर्माण नहीं हो पाएगा। इसलिए लाइन को बंद करने से पहले मेट्रो के लिए बिजली का दूसरे माध्यम से प्रबंध करना होगा। ताकि मेट्रो के संचालन में बाधा न आए।
करीब 7 करोड़ का हो चुका है नुकसान
नेशनल हाईवे अथॉरिटी को हाईटेंशन तार के कारण पुल का निर्माण न होने से अब तक करीब 7 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों विभागों में अब तालमेल बन पाया है जिसके चलते 31 जनवरी के बाद लाइन के लिफ्टिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। उसके बाद पुल का निर्माण सुचारु रूप से युद्ध स्तर पर किया जाएगा। संवाद
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वर्जन
बिजली निगम व नेशनल हाईवे अथॉरिटी में आपसी तालमेल बन गया है और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने बिजली निगम को हाईटेंशन लाइन को ऊंचा उठाने के लिए आने वाले खर्च की राशी जमा करवा दी है। 31 जनवरी तक काम शुरू हो जाएगा।
- राजेश गुप्ता, तकनीकी मैनेजर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी।
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झज्जर। नेशनल हाईवे 71 पर सिलानी गांव के पास बन रहे पुल के निर्माण में हाईटेंशन लाइन तीन वर्षों से रोड़ा बनी हुई है जिसके कारण फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। झाड़ली थर्मल पावर प्लांट से दिल्ली मेट्रो के लिए जाने वाली बिजली की लाइन को बंद किया तो दिल्ली बंद हो जाएगी। अब इस लाइन को ऊपर उठाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी व विद्युत निगम के आपसी तालमेल से सहमति बन गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि 31 जनवरी के बाद लाइन को पुल के दोनों ओर बड़े खंभे लगा कर ऊंचा उठाया जाएगा। इसके साथ ही पुल के डिजाइन को भी मंजूरी मिल गई है।
गौरतलब है झज्जर-रेवाड़ी को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 71 पर बन रहे फ्लाईओवर पर हाईटेंशन तार काफी मुसीबत बनी हुई है। नेशनल हाईवे पर निर्माण में बाधक हाईटेंशन तार को हटाने पर दिल्ली की मेट्रो सेवा बंद हो जाएगी और यदि हाईटेंशन को ऊपर नहीं उठाया तो पुल का निर्माण नहीं हो पाएगा। इसलिए लाइन को बंद करने से पहले मेट्रो के लिए बिजली का दूसरे माध्यम से प्रबंध करना होगा। ताकि मेट्रो के संचालन में बाधा न आए।
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करीब 7 करोड़ का हो चुका है नुकसान
नेशनल हाईवे अथॉरिटी को हाईटेंशन तार के कारण पुल का निर्माण न होने से अब तक करीब 7 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों विभागों में अब तालमेल बन पाया है जिसके चलते 31 जनवरी के बाद लाइन के लिफ्टिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। उसके बाद पुल का निर्माण सुचारु रूप से युद्ध स्तर पर किया जाएगा। संवाद
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बिजली निगम व नेशनल हाईवे अथॉरिटी में आपसी तालमेल बन गया है और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने बिजली निगम को हाईटेंशन लाइन को ऊंचा उठाने के लिए आने वाले खर्च की राशी जमा करवा दी है। 31 जनवरी तक काम शुरू हो जाएगा।
- राजेश गुप्ता, तकनीकी मैनेजर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी।