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Jhajjar: पूर्वांचल वासियों ने की छठ पूजा, दिया सूर्य को अर्घ्य
Thu, 07 Nov 2024 10:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 07 Nov 2024 10:02 PM IST
सार
ब्राह्मण वाले जोहड़ पर पूर्वांचल वासियों ने छठ पूजा की। छठ पूजा करने के लिए सैकड़ों की संख्या में पूर्वाचल वासी पहुंचे।
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छठ पूजा करते हुए श्रद्धालु।
- फोटो : संवाद
विस्तार
झज्जर शहर के कोसली मार्ग पर स्थित ब्राह्मण वाले जोहड़ पर सैकड़ों पूर्वांचल वासियों ने छठ पूजा का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया। इस दौरान शहर व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले पूर्वांचल वासियों ने ब्राह्मण वाले जोहड़ पर पहुंच कर पूजा अर्चना की। श्रद्धालु फल, नारियल, गन्ना व केले का पेड़ लेकर पूजा करने के लिए पहुंचे। इसके बाद उन्होंने दीये की ज्योत लगाकर छठी मईया की पूजा की।
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शहर के कोसली मार्ग पर स्थित पर ब्राह्मण वाले जोहड़ में पिछले कई वर्षों से पूर्वांचल वासी छठ पूजा करते हैं। छठ पूजा का पर्व नहाय-खाय से शुरू होता है। नहाय-खाय के बाद तीन दिनों तक वह अपना व्रत रखते हैं। जिले में शहर व ग्रामीण इलाकों में भी बिहार और उत्तर प्रदेश के कई लोग रहते हैं, जो यहीं पर रहकर अपना अपना काम करते हैं।
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पूर्वांचल वासियों ने वीरवार को सुबह से ही छठ पूजा की तैयारियां करनी शुरू कर दी थी। वीरवार को सुबह कुछ लोगों ने पहुंचकर जोहड़ व सीढ़ियों की साफ-सफाई की। वहीं शाम के समय पूर्वांचल वासियों ने पहुंचकर छठी मैया की पूजा की। ब्राह्मण वाले जोहड़ पर पूजा करने के लिए पहुंचे पूर्वांचल वासियों की तरफ से जमकर आतिशबाजी की गई।
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छठ पर्व में तीन दिन का व्रत रखा जाता है। दीपावली के बाद से ही छठ पर्व का त्योहार शुरू हो जाता है। छठ पर्व से अगले दिन सुबह सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत को खोला जाएगा। -सलेंद्र राय
छठ पर्व के दिन छठी मईया की पूजा की जाती है। इस दिन फल, नारियल गन्ना व केले का पेड़ और दीये जलाकर छठी मईया की पूजा की जाती है। इस दिन छठी मईया हमारी मांग को भी पूरी करती है। -नगेंद्र राय