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नागरिक अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रही लेप्रोस्कोपी सर्जरी की सुविधा

Sun, 28 Nov 2021 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 28 Nov 2021 12:15 AM IST
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patients are not getting the facility of laparoscopy surgery in the civil hospital
बहादुरगढ़। क्षेत्र की तीन लाख से अधिक आबादी के लिए बने स्थानीय नागरिक अस्पताल में मरीजों को ऑपरेशन करवाने के लिए आधुनिक लेप्रोस्कोपी सर्जरी की सुविधा नहीं मिल रही। लेप्रोस्कोपी सर्जरी न होने से अनेक मरीजों को मजबूर होकर रोहतक पीजीआईएमएस या फिर निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। नागरिक अस्पताल में हर्निया, अपेंडिक्स व पथरी समेत कई बीमारियों के इलाज के लिए फिलहाल ओपन सर्जरी करनी पड़ती है।
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बहादुरगढ़ औद्योगिक नगर के तौर पर खास पहचान रखता है। अब यह मेट्रो सिटी का भी हिस्सा माना जाने लगा है लेकिन बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के मामले में नागरिक अस्पताल में अभी भी काफी कुछ कमी है। आज के दौर में बिना ज्यादा चीर फाड़ किए व दर्द रहित सर्जरी की डिमांड अधिक रहती है, लेकिन यहां यह सुविधा हीं मिल पाई है। सर्जरी विभाग में डॉक्टर हैं लेकिन पर्याप्त संसाधनों के अभाव में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी शुरू नहीं हो पा रही।
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ओपन सर्जरी को लेकर मरीजों में कई तरह की शंका भी रहती है। ऐसे में काफी लोग इस सर्जरी से किनारा कर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करवाने के लिए मन बना लेते हैं। इस सर्जरी में भले ही मरीजों की जेब ढीली होती हो लेकिन वे अस्पताल से जल्दी डिस्चार्ज हो जाते हैं और घूमने-फिरने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती। इस कारण लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के प्रति मरीज ज्यादा फोकस रखता है।
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क्या है लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सुरक्षित और दर्द रहित ऑपरेशन प्रक्रिया है। इससे ऑपरेशन के बाद रोगी को बड़ी परेशानी नहीं होती और ऑपरेशन के बाद वह जल्द अपने घर चला जाता है। इसे डे-केयर सर्जरी भी कहते हैं जिसमें रोगी ऑपरेशन के 24 घंटे के अंदर चलने-फिरने की स्थिति में आ जाता है और डॉक्टर की परामर्श के बाद जल्द ही अपना काम भी कर सकते हैं। इस सर्जरी में पेट में छेद कर एचडी कैमरे से बीमारी का इलाज किया जाता है। लेप्रोस्कोपी सर्जरी से गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली), पेल्विस, अपर और लोवर जीआई ट्रैक्ट, थोरेक्स सर्जरी, अपेंडिक्स, हर्निया के अलावा बड़ी व छोटी आंत का सफल ऑपरेशन संभव है। इस सर्जरी में मरीज की रिकवरी फास्ट होती है। इस सर्जरी को तय करने से पहले मरीज की स्थिति, उसका स्वास्थ्य और बीमारी की गंभीरता परखी जाती है। ये सर्जरी ओपन सर्जरी की तुलना में सरल प्रक्रिया है और मरीज को ल बे समय तक बेड पर रेस्ट नहीं करना पड़ता। हालांकि कई केस में ऐसा भी होता है कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के दौरान जब ज्यादा दिक्कत आती है तो उस स्थिति में ओपन सर्जरी तक भी करनी पड़ जाती

वर्जन...
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखकर मांग भेजी जा चुकी है। इस सर्जरी के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध हो जाएंगे तो अस्पताल में इस तकनीक से सर्जरी की सुविधा भी मिलनी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. देवेंद्र मेघा, प्रशासनिक अधिकारी, नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़
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