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नवनियुक्त भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धनखड़ ने 1978 से की थी राजनीतिक शुरूआत, कुछ ऐसा रहा करियर
Mon, 20 Jul 2020 12:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2020 12:40 PM IST
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कार्यकर्ताओं को संबोधित करते ओपी धनखड़
- फोटो : Jhjhar
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शिवरात्रि के दिन भगवान ने आशीर्वाद दिया है। इसे हम सार्थक करके दिखाएंगे। सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे और आगे भी कामयाबी हासिल करते रहेंगे। यह बात भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने कही। झज्जर पहुंचने पर उनका कार्यकर्ताओं ने जोरदार सवगत किया। हालांकि इस दौरान कार्यकर्ता सोशल डिस्टेंश भूल गए।
ओपी धनखड़ का जन्म झज्जर जिले के गांव ढाकला में 1961 में वैद मोहब्बत सिंह और छोटो देवी के परिवार में हुआ था। 1978 से एक स्वयंसेवक के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1980 से 1996 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एबीवीपी के लिए काम किया। उन्होंने राज्य महासचिव, राज्य अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव और विभिन्न भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर कार्य किया है। आरएसएस के साथ अठारह साल के जुड़ाव के बाद, 1996 में वह बीजेपी में शामिल हो गए और वाजपेयी काल में एक राष्ट्रीय सचिव के रूप में कर्तव्यों का पालन किया।
वह हिमाचल प्रदेश के लिए प्रभारी थे और पहाड़ी राज्य में भाजपा की सरकार बनाने में बहुत योगदान देते थे। उन्होंने विशेष आर्थिक क्षेत्र के लिए अल्प मुआवजे और मनमाने ढंग से भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन और विरोध करने के लिए विभिन्न पदयात्राएं और साइकिल यात्राएं आयोजित की हैं। भाजपा किसान मोर्चा एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने की मांग कर रहा है। जिसके तहत किसानों को इनपुट लागत पर 50 प्रतिशत लाभ दिया जाना चाहिए। बीजेपी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में भी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने का वादा किया था।
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ओपी धनखड़ का जन्म झज्जर जिले के गांव ढाकला में 1961 में वैद मोहब्बत सिंह और छोटो देवी के परिवार में हुआ था। 1978 से एक स्वयंसेवक के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1980 से 1996 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एबीवीपी के लिए काम किया। उन्होंने राज्य महासचिव, राज्य अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव और विभिन्न भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर कार्य किया है। आरएसएस के साथ अठारह साल के जुड़ाव के बाद, 1996 में वह बीजेपी में शामिल हो गए और वाजपेयी काल में एक राष्ट्रीय सचिव के रूप में कर्तव्यों का पालन किया।
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वह हिमाचल प्रदेश के लिए प्रभारी थे और पहाड़ी राज्य में भाजपा की सरकार बनाने में बहुत योगदान देते थे। उन्होंने विशेष आर्थिक क्षेत्र के लिए अल्प मुआवजे और मनमाने ढंग से भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन और विरोध करने के लिए विभिन्न पदयात्राएं और साइकिल यात्राएं आयोजित की हैं। भाजपा किसान मोर्चा एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने की मांग कर रहा है। जिसके तहत किसानों को इनपुट लागत पर 50 प्रतिशत लाभ दिया जाना चाहिए। बीजेपी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में भी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश को लागू करने का वादा किया था।
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भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
ओमप्रकाश धनखड़ लगातार दो बार भाजपा के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। भाजपा के किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ओपी धनखड़ ने काम किया और भूमि अधिग्रहण, कीटनाशक प्रबंधन, किसानों की आत्महत्या, खेती सुधार जैसे कई मुद्दों को उठाया। स्वामीनाथन रिपोर्ट कार्यान्वयन आदि ओपी धनखड़ ने भूमि अधिग्रहण हैंडबुक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त अवसर देकर किसानों और उद्योग के मुद्दों को समान रूप से संबोधित करता है।
- सरदार पटेल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के राष्ट्रीय समन्वयक, लौह संग्रह निगम समिति
ओपी धनखड़ नेशनल कोऑर्डिनेटर, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, आयरन कलेक्शन कॉर्पोरेशन कमेटी के सदस्य हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा और एक वास्तुशिल्प चमत्कार माना जाता है। नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध के पास आने वाली सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा के लिए लोहे और मिट्टी को देश भर के किसानों से एकत्र किया और इसका निर्माण करवाया।
2014 रोहतक लोकसभा चुनाव हारे
2014 में उन्होंने दीपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ रोहतक संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा। ओपी धनखड़ 319436 वोट के साथ चुनाव हार गए।
2014 हरियाणा विधानसभा चुनाव जीता
उन्होंने 2014 के हरियाणा विधान सभा चुनाव में बादली निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा। ओमप्रकाश धनखड़ 2014 के विधानसभा चुनावों में हरियाणा में सरकार बनाने की स्थिति में नेतृत्व की स्थिति के दावेदार थे। लेकिन वे 5 विभागों के स्वतंत्र प्रभार कैबिनेट मंत्री बने।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदीप अहलावत, आनंद सागर, बिजेंद्र मांडोठी, अनिल सरपंच, अशोक राठी, धर्मेंद्र उर्फ बब्लू, रमेश बाल्मीकि, डॉ. राकेश, सुनीता चौहान, सोमबीर कोडान, नरेंद्र जौंधी, कप्तान बिरधाना, केडी शर्मा, जगबीर राठी, कृष्ण ढाकला मौजूद रहे।
- सरदार पटेल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के राष्ट्रीय समन्वयक, लौह संग्रह निगम समिति
ओपी धनखड़ नेशनल कोऑर्डिनेटर, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, आयरन कलेक्शन कॉर्पोरेशन कमेटी के सदस्य हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट को दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा और एक वास्तुशिल्प चमत्कार माना जाता है। नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध के पास आने वाली सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा के लिए लोहे और मिट्टी को देश भर के किसानों से एकत्र किया और इसका निर्माण करवाया।
2014 रोहतक लोकसभा चुनाव हारे
2014 में उन्होंने दीपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ रोहतक संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा। ओपी धनखड़ 319436 वोट के साथ चुनाव हार गए।
2014 हरियाणा विधानसभा चुनाव जीता
उन्होंने 2014 के हरियाणा विधान सभा चुनाव में बादली निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा। ओमप्रकाश धनखड़ 2014 के विधानसभा चुनावों में हरियाणा में सरकार बनाने की स्थिति में नेतृत्व की स्थिति के दावेदार थे। लेकिन वे 5 विभागों के स्वतंत्र प्रभार कैबिनेट मंत्री बने।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदीप अहलावत, आनंद सागर, बिजेंद्र मांडोठी, अनिल सरपंच, अशोक राठी, धर्मेंद्र उर्फ बब्लू, रमेश बाल्मीकि, डॉ. राकेश, सुनीता चौहान, सोमबीर कोडान, नरेंद्र जौंधी, कप्तान बिरधाना, केडी शर्मा, जगबीर राठी, कृष्ण ढाकला मौजूद रहे।