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Jhajjar-Bahadurgarh News: दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन वासुपूज्य भगवान का निर्माण कल्याणक मनाया
Sun, 07 Sep 2025 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 07 Sep 2025 02:19 AM IST
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-फोटो 54 : श्री पद्म प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम ब्रह्मचर्य दिवस पर पूजा अर्चना करते हुए श
बहादुरगढ़। दशलक्षण पर्युषण महापर्व के अंतिम 10वें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म दिवस मनाया गया। भाद्रपद शुक्ल अनंत चतुर्दशी को श्रद्धालुओं ने तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान मोक्ष कल्याणक पूजन किया और श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा की। शहर के किला मोहल्ला में स्थित श्री पद्म प्रभु दिगंबर जैन मंदिर, अग्रवाल कॉलोनी स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, संत कॉलोनी जैन मंदिर और अनाजमंडी स्थित पांडूशिला पर हुए कार्यक्रम में जैन श्रद्धालुओं ने पूरे विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
महासचिव अरविंद जैन ने बताया कि 7 सितंबर को पूर्णिमा के दिन वार्षिक रथयात्रा व क्षमावाणी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से होगा। शनिवार को चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म आराधना हुई। उन्होंने इसका महत्व बताते हुए कहा कि समस्त धर्मों का सार है। ब्रह्म शब्द का अर्थ निर्मल ज्ञान स्वरूप आत्मा है और उस आत्मा में लीन होने का नाम ब्रह्मचर्य है। ब्रह्म स्वभाव में चर्या ब्रह्मचर्य है।
भारतीय संस्कृति ने ब्रह्माचारी की सदा प्रशंसा, अनुमोदन व पूजा की और व्याभिचारी की सदा निंदा की है। उन्होंने उन्होंने कहा कि धन का लोभ दुख है और धन की प्राप्ति हो जाना दुख में वृद्धि है। मोक्ष मानव का अंतिम लक्ष्य है। मनुष्यों को 24 घंटे में कम से कम 2 घंटे भगवान की प्रार्थना, भक्ति व ध्यान के लिए निश्चित निकालना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि रविवार को पूर्णिमा के दिन वार्षिक रथयात्रा व क्षमावाणी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में 1008 श्री पदम प्रभु भगवान पंच कल्याणक विधान का भव्य संगीतमय आयोजन पंडित संदीप शास्त्री व पंडित विवेक शास्त्री दिल्ली वालों के की ओर से सुबह 8:30 बजे होगा।
सुबह 10 बजे मंगलाचरण व क्षमावाणी महापर्व का आयोजन होगा। साथ ही जैन पाठशाला के बच्चों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। 11:30 बजे इंद्रों की बोली होगी और दोपहर 12 बजे वात्सल्यमयी भोजन होगा और इसके बाद वार्षिक रथ यात्रा गांधी चौक स्थित श्री पदम प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर से रथ यात्रा निकाली जाएगी।
यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अनाजमंडी पांडूशिला, अग्रवाल कॉलोनी स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, से होकर वापिस श्री पदम प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर पर आकर इसका समापन होगा।
इस मौके पर श्री दिगंबर जैन समाज बहादुरगढ़ के संरक्षक मदन सैन जैन, पवन कुमार जैन, आनंद प्रकाश जैन, प्रधान राकेश जैन, उप प्रधान नरेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष दीपक जैन, महासचिव संयोजक तरसेम जैन, संजय जैन, सलाहकार अमांशु जैन, सौरभ जैन, प्रचार मंत्री बिजेन्द्र जैन, प्रचार मंत्री पवन जैन, भंडारी नवीन जैन, राजीव जैन, सुधीर जैन, मुनीष जैन के अलावा पांडूशिला समिति प्रधान सुनील जैन, रतन जैन, विजय जैन, नितिन जैन, नरेंद्र जैन मौजूद रहे।
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महासचिव अरविंद जैन ने बताया कि 7 सितंबर को पूर्णिमा के दिन वार्षिक रथयात्रा व क्षमावाणी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से होगा। शनिवार को चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म आराधना हुई। उन्होंने इसका महत्व बताते हुए कहा कि समस्त धर्मों का सार है। ब्रह्म शब्द का अर्थ निर्मल ज्ञान स्वरूप आत्मा है और उस आत्मा में लीन होने का नाम ब्रह्मचर्य है। ब्रह्म स्वभाव में चर्या ब्रह्मचर्य है।
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भारतीय संस्कृति ने ब्रह्माचारी की सदा प्रशंसा, अनुमोदन व पूजा की और व्याभिचारी की सदा निंदा की है। उन्होंने उन्होंने कहा कि धन का लोभ दुख है और धन की प्राप्ति हो जाना दुख में वृद्धि है। मोक्ष मानव का अंतिम लक्ष्य है। मनुष्यों को 24 घंटे में कम से कम 2 घंटे भगवान की प्रार्थना, भक्ति व ध्यान के लिए निश्चित निकालना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि रविवार को पूर्णिमा के दिन वार्षिक रथयात्रा व क्षमावाणी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में 1008 श्री पदम प्रभु भगवान पंच कल्याणक विधान का भव्य संगीतमय आयोजन पंडित संदीप शास्त्री व पंडित विवेक शास्त्री दिल्ली वालों के की ओर से सुबह 8:30 बजे होगा।
सुबह 10 बजे मंगलाचरण व क्षमावाणी महापर्व का आयोजन होगा। साथ ही जैन पाठशाला के बच्चों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। 11:30 बजे इंद्रों की बोली होगी और दोपहर 12 बजे वात्सल्यमयी भोजन होगा और इसके बाद वार्षिक रथ यात्रा गांधी चौक स्थित श्री पदम प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर से रथ यात्रा निकाली जाएगी।
यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अनाजमंडी पांडूशिला, अग्रवाल कॉलोनी स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, से होकर वापिस श्री पदम प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर पर आकर इसका समापन होगा।
इस मौके पर श्री दिगंबर जैन समाज बहादुरगढ़ के संरक्षक मदन सैन जैन, पवन कुमार जैन, आनंद प्रकाश जैन, प्रधान राकेश जैन, उप प्रधान नरेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष दीपक जैन, महासचिव संयोजक तरसेम जैन, संजय जैन, सलाहकार अमांशु जैन, सौरभ जैन, प्रचार मंत्री बिजेन्द्र जैन, प्रचार मंत्री पवन जैन, भंडारी नवीन जैन, राजीव जैन, सुधीर जैन, मुनीष जैन के अलावा पांडूशिला समिति प्रधान सुनील जैन, रतन जैन, विजय जैन, नितिन जैन, नरेंद्र जैन मौजूद रहे।