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Olympics: हरियाणा के अमन सेहरावत सेमीफाइनल में, गांव में किया हवन, खुशी का माहौल
Thu, 08 Aug 2024 05:05 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 08 Aug 2024 05:05 PM IST
सार
अमन के ताऊ सुधीर ने कहा कि अमन ओलंपिक में जरूर पदक जीत कर लाएगा। उन्होंने बताया कि अमन ओलंपिक के पदक के जरिए अपने माता-पिता को श्रद्धांजलि देना चाहता हैं।
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गांव में हवन करते हुए लोग।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पेरिस में चल रहे ओलंपिक खेलों में हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहड़ गांव के लाडले पहलवान अमन सहरावत सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। उन्होंने अपना पहला मैच 10-0 से जीता और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। उसके बाद क्वार्टर फाइनल में अबकारोव को 12-0 से हराया। उनकी जीत पर गांव बिरोहड़ में खुशी का माहौल है। अमन सहरावत ने दोनों मैचों में एक तरफा जीत हासिल की है।
वहीं परिजनों व ग्रामीणों द्वारा बिरोहड़ गांव स्थित बाबा रघुनाथ मंदिर में हवन व पूजा अर्चना का आयोजन करवाया जा रहा है। गांव के मुख्य बस स्टैंड व अमन सहरावत के खेतों की ढाणी में बने मकान में टीवी पर कुश्ती देखने की व्यवस्था की गई थी।
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पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के बाद अब अमन सहरावत पर देश की नजर टिकी हुई थी। जिले के बिरोहड़ गांव के अमन सहरावत देश का प्रतिनिधित्व करते हुए आठ अगस्त को कुश्ती के 57 किलोग्राम भार वर्ग में उतरे। उन्होंने लगातार दो मुकाबले एकतरफा जीते हैं।
अमन का जन्म साल 2003 में झज्जर जिले में हुआ था। अमन एक फ्रीस्टाइल पहलवान हैं। अमन ने अपना पहला खिताब साल 2021 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता था। अमन के माता-पिता का साया बहुत पहले उनके ऊपर से उठ चुका है। 2013 में उनकी माता कमलेश, 2014 में उनके पिता सोमवर सहरावत का स्वर्गवास हो गया था, लेकिन छोटी उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने के बावजूद अमन का हौसला कम नहीं हुआ।
आठ वर्ष की उम्र में शुरू किया था प्रशिक्षण
आठ वर्षीय अमन को जब परिजनों ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में भेजने की योजना बनाई। तब दिल्ली जाने से छह महीने पूर्व उनकी माता का निधन हो गया था। दिल्ली जाने के छह महीने बाद उनके पिता का निधन हो गया।
खेतों की ढाणी में साधारण तरीके से रहता है परिवार
अमन साधारण किसान परिवार से हैं। उनके हिस्से में केवल ढाई एकड़ जमीन आती है। माता-पिता के निधन के बाद अमन की परवरिश उनके चाचा-ताऊ व दादा ने मिलकर की। अमन की बहन पूजा फिलहाल बीए प्रथम वर्ष में पढ़ रही है। वर्तमान में अमन के दादा मांगेराम, उनके ताऊ सुधीर, जयवीर व चाचा रणवीर, कर्मवीर, वेद प्रकाश आदि परिजन गांव से दो किलोमीटर दूर नौगांव की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर बनी छोटी सी ढाणी में रहते हैं।
अमन की उपलब्धियां
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वहीं परिजनों व ग्रामीणों द्वारा बिरोहड़ गांव स्थित बाबा रघुनाथ मंदिर में हवन व पूजा अर्चना का आयोजन करवाया जा रहा है। गांव के मुख्य बस स्टैंड व अमन सहरावत के खेतों की ढाणी में बने मकान में टीवी पर कुश्ती देखने की व्यवस्था की गई थी।
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#WATCH | Jhajjar, Haryana | Family and friends of wrestler Aman Sehrawat celebrate after he enters semi-final of Men's 57 Kg freestyle wrestling event in Paris Olympics pic.twitter.com/Q6jGWwBSw2
— ANI (@ANI) August 8, 2024
पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के बाद अब अमन सहरावत पर देश की नजर टिकी हुई थी। जिले के बिरोहड़ गांव के अमन सहरावत देश का प्रतिनिधित्व करते हुए आठ अगस्त को कुश्ती के 57 किलोग्राम भार वर्ग में उतरे। उन्होंने लगातार दो मुकाबले एकतरफा जीते हैं।
अमन का जन्म साल 2003 में झज्जर जिले में हुआ था। अमन एक फ्रीस्टाइल पहलवान हैं। अमन ने अपना पहला खिताब साल 2021 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता था। अमन के माता-पिता का साया बहुत पहले उनके ऊपर से उठ चुका है। 2013 में उनकी माता कमलेश, 2014 में उनके पिता सोमवर सहरावत का स्वर्गवास हो गया था, लेकिन छोटी उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने के बावजूद अमन का हौसला कम नहीं हुआ।
आठ वर्ष की उम्र में शुरू किया था प्रशिक्षण
आठ वर्षीय अमन को जब परिजनों ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में भेजने की योजना बनाई। तब दिल्ली जाने से छह महीने पूर्व उनकी माता का निधन हो गया था। दिल्ली जाने के छह महीने बाद उनके पिता का निधन हो गया।
खेतों की ढाणी में साधारण तरीके से रहता है परिवार
अमन साधारण किसान परिवार से हैं। उनके हिस्से में केवल ढाई एकड़ जमीन आती है। माता-पिता के निधन के बाद अमन की परवरिश उनके चाचा-ताऊ व दादा ने मिलकर की। अमन की बहन पूजा फिलहाल बीए प्रथम वर्ष में पढ़ रही है। वर्तमान में अमन के दादा मांगेराम, उनके ताऊ सुधीर, जयवीर व चाचा रणवीर, कर्मवीर, वेद प्रकाश आदि परिजन गांव से दो किलोमीटर दूर नौगांव की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर बनी छोटी सी ढाणी में रहते हैं।
अमन की उपलब्धियां
- अंडर-17 फ्री स्टाइल 2022 में किर्गिस्तान में स्वर्ण पदक जीता
- रैंकिंग सीरीज अल्माटी में स्वर्ण पदक जीता
- खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2019 में स्वर्ण पदक जीता
- 2018 चैंपियनशिप मनामा 2022 में स्वर्ण पदक जीता
- एशियन चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक जीता
- तीन बार भारत कुमार रह चुका।
- साल 2023 में अमन ने कजाकिस्तान में हुए एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक को अपने नाम किया।
- जनवरी 2024 में ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में पुरुषों की 57 किलोग्राम स्पर्धा में गोल्ड जीता।