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Jhajjar-Bahadurgarh News: एलाइड स्ट्रिप्स कंपनी से दो हार्ड डिस्क ले गए अधिकारी
Sat, 20 Jul 2024 02:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 20 Jul 2024 02:27 AM IST
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-फोटो 53 : प्रदीप अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर, एलाइड स्ट्रिप्स लिमिटेड कंपनी।
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ में एएसएल (एलाइड स्ट्रिप्स लिमिटेड कंपनी) पर ईडी की रेड के मामले में कंपनी प्रबंधन का बयान सामने आया है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि उनका विधायक राव दान सिंह और उनके बेटे अक्षत सिंह से कोई संबंध नहीं है। कंपनी के नए मालिकों ने एनसीएलटी के जरिये 23 अक्तूबर 2022 को यह कंपनी खरीदी थी।
कहा कि बैंक ने लोन नहीं चुकाने के कारण इस कंपनी की कुर्की की थी। जिसे बोली लगाकर नए प्रबंधन ने टेक ओवर किया था। इसलिए कंपनी के पुराने प्रमोटर महेंद्र अग्रवाल और गौरव अग्रवाल के साथ-साथ विधायक राव दान सिंह और उनके बेटे अक्षत सिंह के साथ कंपनी के नए प्रबंधन का कोई संबंध नहीं है। कंपनी डायरेक्टर ने बताया कि ईडी अधिकारी कंपनी से पुराने कंप्यूटर की दो हार्ड डिस्क और लेनदेन संबंधी कागज ले गए हैं। उनकी तरफ से अधिकारियों का जांच में पूरा सहयोग किया गया।
प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम वीरवार सुबह 7:30 बजे कंपनी के अंदर दाखिल हुई थी। उन्हें कंपनी से संबंधित सभी कागज दिखाए गए। इतना ही नहीं नए प्रबंधन ने उच्च न्यायालय में एक रिट भी दाखिल की है। ताकि नए प्रबंधन को पुराने मुकदमे और जांच एजेंसी से मुक्ति मिल सके। इसके लिए संबंधित बैंक से भी श्वेत पत्र जारी करने की गुहार लगाई गई है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2022 में हुए 1392 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले की जांच के लिए ईडी टीम बहादुरगढ़ की एलाइड स्ट्रिप्स लिमिटेड कंपनी में जांच के लिए पहुंची थी। कंपनी के नए मालिकों की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर ने अपना पक्ष रख दिया है।
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कहा कि बैंक ने लोन नहीं चुकाने के कारण इस कंपनी की कुर्की की थी। जिसे बोली लगाकर नए प्रबंधन ने टेक ओवर किया था। इसलिए कंपनी के पुराने प्रमोटर महेंद्र अग्रवाल और गौरव अग्रवाल के साथ-साथ विधायक राव दान सिंह और उनके बेटे अक्षत सिंह के साथ कंपनी के नए प्रबंधन का कोई संबंध नहीं है। कंपनी डायरेक्टर ने बताया कि ईडी अधिकारी कंपनी से पुराने कंप्यूटर की दो हार्ड डिस्क और लेनदेन संबंधी कागज ले गए हैं। उनकी तरफ से अधिकारियों का जांच में पूरा सहयोग किया गया।
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प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम वीरवार सुबह 7:30 बजे कंपनी के अंदर दाखिल हुई थी। उन्हें कंपनी से संबंधित सभी कागज दिखाए गए। इतना ही नहीं नए प्रबंधन ने उच्च न्यायालय में एक रिट भी दाखिल की है। ताकि नए प्रबंधन को पुराने मुकदमे और जांच एजेंसी से मुक्ति मिल सके। इसके लिए संबंधित बैंक से भी श्वेत पत्र जारी करने की गुहार लगाई गई है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2022 में हुए 1392 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले की जांच के लिए ईडी टीम बहादुरगढ़ की एलाइड स्ट्रिप्स लिमिटेड कंपनी में जांच के लिए पहुंची थी। कंपनी के नए मालिकों की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर ने अपना पक्ष रख दिया है।