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Jhajjar-Bahadurgarh News: नंबरदारों ने मांगा चार माह का रुका भत्ता
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साल्हावास। मातनहेल स्थित पुरानी तहसील परिसर में शुक्रवार को ब्लॉक के नंबरदारों की बैठक में चार माह का मासिक भत्ता न मिलने का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने कहा कि दूसरी तहसील में भत्ता मिल चुका है तो उनके साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है। उन्होंने तहसील प्रशासन से जल्द से जल्द भत्ता दिलाने की मांग की।
प्रधान विजयपाल नंबरदार बताया कि साल्हावास व मातनहेल नंबरदारों का चार महीने का भत्ता रोक दिया गया है। यह सूचना उन्हें तहसील मातनहेल के एक अधिकारी ने दी है। मातनहेल तहसील व साल्हावास उप तहसील में लगभग 160 नंबरदार इस समय कार्यरत हैं। जिन्हें 14 अक्तूबर 2018 से 3000 रुपये मासिक भत्ता हरियाणा सरकार के माध्यम से दिया जा रहा है लेकिन मातनहेल तहसील व साल्हावास उप तहसील के नंबरदारों का पिछले चार महीने से भत्ता बकाया है। उन्होंने बताया कि मातनहेल, साल्हावास झज्जर एसडीएम के अंतर्गत आते हैं। झज्जर ब्लॉक के नंबरदारों का कोई भत्ता बकाया नहीं है जबकि मातनहेल व साल्हावास के नंबरदारों का चार महीने का भत्ता बकाया है। उन्होंने कहा कि नंबरदारों का भत्ता पिछले 6 महीने से रुका हुआ था। उन्हें 3 महीने का भत्ता मिल चुका है, लेकिन 3 महीना पिछला बकाया भत्ता और सितंबर महीने को मिलाकर उनका 4 महीने का भत्ता बकाया हो गया है, क्योंकि उन्होंने तहसील में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर 22 सितंबर की मीटिंग में मुद्दा उठाया था। इसी कारण ऐसा हो रहा है। बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा अन्य कर्मचारियों को सप्ताह के 6 दिन कार्यालय में उपस्थित रहने की मांग की गई। तहसील परिसर में जनरेटर व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग की। सोमवार से शनिवार तक हर रोज रजिस्ट्री कार्य करवाने की मांग की गई। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग रखी गई। इस अवसर पर मंगतुराम, जगदीश, रणधीर, अजय, धर्मवीर, दिवान, राजवीर, सुभाष, विक्रम नंबरदार मौजूद रहे।
वर्जन
तहसीलदार कार्यालय से किसी का कोई भत्ता नहीं रोका गया है। उन्होंने फाइल पर हस्ताक्षर करके भेजे हुए हैं। सोमवार को सैलरी विभाग में पता करेंगी कि नंबरदारों का भत्ता बकाया किस बात कारण से रुका हुआ है। नंबरदारों को कोई परेशानी आ रही है तो उनसे मिलकर बताना चाहिए।
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शिखा, तहसीलदार, मातनहेल तहसील
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प्रधान विजयपाल नंबरदार बताया कि साल्हावास व मातनहेल नंबरदारों का चार महीने का भत्ता रोक दिया गया है। यह सूचना उन्हें तहसील मातनहेल के एक अधिकारी ने दी है। मातनहेल तहसील व साल्हावास उप तहसील में लगभग 160 नंबरदार इस समय कार्यरत हैं। जिन्हें 14 अक्तूबर 2018 से 3000 रुपये मासिक भत्ता हरियाणा सरकार के माध्यम से दिया जा रहा है लेकिन मातनहेल तहसील व साल्हावास उप तहसील के नंबरदारों का पिछले चार महीने से भत्ता बकाया है। उन्होंने बताया कि मातनहेल, साल्हावास झज्जर एसडीएम के अंतर्गत आते हैं। झज्जर ब्लॉक के नंबरदारों का कोई भत्ता बकाया नहीं है जबकि मातनहेल व साल्हावास के नंबरदारों का चार महीने का भत्ता बकाया है। उन्होंने कहा कि नंबरदारों का भत्ता पिछले 6 महीने से रुका हुआ था। उन्हें 3 महीने का भत्ता मिल चुका है, लेकिन 3 महीना पिछला बकाया भत्ता और सितंबर महीने को मिलाकर उनका 4 महीने का भत्ता बकाया हो गया है, क्योंकि उन्होंने तहसील में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर 22 सितंबर की मीटिंग में मुद्दा उठाया था। इसी कारण ऐसा हो रहा है। बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा अन्य कर्मचारियों को सप्ताह के 6 दिन कार्यालय में उपस्थित रहने की मांग की गई। तहसील परिसर में जनरेटर व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग की। सोमवार से शनिवार तक हर रोज रजिस्ट्री कार्य करवाने की मांग की गई। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग रखी गई। इस अवसर पर मंगतुराम, जगदीश, रणधीर, अजय, धर्मवीर, दिवान, राजवीर, सुभाष, विक्रम नंबरदार मौजूद रहे।
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तहसीलदार कार्यालय से किसी का कोई भत्ता नहीं रोका गया है। उन्होंने फाइल पर हस्ताक्षर करके भेजे हुए हैं। सोमवार को सैलरी विभाग में पता करेंगी कि नंबरदारों का भत्ता बकाया किस बात कारण से रुका हुआ है। नंबरदारों को कोई परेशानी आ रही है तो उनसे मिलकर बताना चाहिए।
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शिखा, तहसीलदार, मातनहेल तहसील