फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Now marriages will happen after months

सीमित तरीके से ही सही, लेकिन खूब हुई शादियां

Mon, 19 Jul 2021 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:00 AM IST
विज्ञापन
Now marriages will happen after months
कोरोना महामारी के बीच भड़लिया नवमी के दिन शादियां तो बहुत हुईं, लेकिन कोविड नियमों के चलते बिना धूमधड़ाके के ही लोगों ने वैवाहिक कार्यक्रम निपट गए। भड़ली नवमी के दिन रविवार को बहादुरगढ़ शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में तमाम जोड़े शादी के बंधन में बंधे। अब चार माह बाद देवोत्थानी एकादशी पर ही शादी समारोह का योग हैं।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। यह 14 नवंबर तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों के लिए आमतौर पर मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसके बाद 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच में सूर्य धनु राशि में आ जाएगा। जिसे धनुर्मास कहते हैं। इस महीने के दौरान शुभ काम नहीं किए जाते। रविवार को शादी कारोबार से जुड़े लोगों भी कुछ काम मिला। हालांकि सरकार के आदेशानुसार विवाह समारोह में सीमित संख्या में ही लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए होटल, बैंक्वट हॉल व वाटिकाओं में ही सीमित काम मिला। हलवाइयों से लेकर कैटरिंग का काम करने वालों, टेंट वालों के साथ भी यही स्थिति रही। हां, बैंड वालों को ठीकठाक काम मिला। शादी समारोह का आयोजन करवाने वाले विक्रम, दिनेश, रमेश ने बताया कि कोरोना काल में पहले ही उनके काम धंधे कम हो गए थे। सरकार ने कुछ छूट का दायरा बढ़ाया तो थोड़ा ही सही रोजगार तो मिला। लेकिन अब चार माह तक शादियों का सीजन नहीं रहने के कारण उन्हें फिर से परेशानी झेलनी पड़ेगी। इतना ही नहीं, लोगों द्वारा विवाह के सीमिति आयोजन करने से भी उनके रोजगार पर प्रभाव पड़ा है।
विज्ञापन

शहरवासी राकेश ने कहा कि कोरोना काल में शादियों में होने वाली अनाप-शनाप भीड़ पर रोक लगाना बेहद ठीक है। इससे न तो बेवजह खर्चा बढ़ेगा और न ही किसी तरह की परेशानी आयोजकों को उठानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि शादी समारोह कार्यक्रम सीमित ही रखने चाहिए क्योंकि इनमें व्यर्थ की फिजूल खर्ची भी खूब होती है और काफी भोजन भी व्यर्थ में खराब हो जाता है। टेंट हाउस चलाने वाले नीटू ने बताया कि भड़लिया नवमी पर शादियां खूब हैं। लेकिन बाजार में मंदी छाई है और 20 से 30 फीसदी कार्य ही रह गया है। सोने-चांदी के कारोबार पर भी असर पड़ा है। विनोद कुमार ने कहा कि सोना महंगा होने के चलते लोग कम ही खरीद रहे हैं। हालांकि जो ज्यादा जरूरत के आभूषण है उनको लोग मन मसोस कर ही सही, खरीदते जरूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भड़लिया नवमी के दिन दूल्हे की गाड़ी सजाने वालों का कार्य भी काफी ठीक-ठाक रहा। इस दिन दूल्हे की गाड़ी सजाने के कार्य से जुड़े लोगों ने एक दिन में कई कई गाड़ियों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने का कार्य किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed