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नवरात्र के अंतिम दिन भक्तों ने मांगी मन्नतें, गूंजते रहे जयकारे
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sun, 09 Oct 2016 11:26 PM IST
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भीमेश्वरी मेला संपन्न
- फोटो : bureau
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नवरात्र पर माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में लगा मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। आखिरी दिन अष्टमी के अवसर पर माता के हजारों भक्तों ने मंदिर में माता के दर्शन कर उनसे आशीर्वाद लिया और मन्नतें भी मांगीं। अल सुबह से लेकर देेर रात तक बेरी माता के जयकारों से गूंजता रहा।
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मेले के ओवर आल इंचार्ज एसडीएम संजय राय, डीएसपी जितेंद्र सिंह, बेरी थाना प्रभारी कुलबीर सिंह, तहसीलदार कंवल सिंह यादव, नायब तहसीलदार जगदीश, नगर पालिका सचिव नरेंद्र सैनी, जेई अनिल कुमार के अलावा आला अधिकारियों ने भी मंदिर में पहुंचकर माता के दर्शन किए और बाहर मंदिर व अंदर वाले मंदिर में व्यवस्थाओं का भी जायजा लेते नजर आए।
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मेले में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक रखी है। हर गतिविधि पर डीसी नजर बनाए हुए थे और नौ दिन तक चलने नवरात्रों में जिला उपायुक्त ने कई बार मेले में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सप्तमी की पूरी रात मां के दरबार में बिताई मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की तरफ से प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि पुलिस विभाग के कर्मचारी अपने जान-पहचान और रिश्तेदारों को चंद मिनटों में वीआईपी कहकर दर्शन कराते हैं।
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पिछले दरवाजे से करा रहा था दर्शन, डीसी ने दिए सस्पेंड के आदेश
ऐसा ही वाक्या रात दो बजे देखने को मिला, जब एक पुलिसकर्मी मंदिर में पीछे के दरवाजे को खोलकर दर्शन करवाने के लिए लाया तो सामने डीसी साहब खड़े मिले। डीसी ने पुलिसकर्मी से कहा कि आप लोगों को व्यवस्था बनाने के लिए लगा रखा है और खुद ही नियमों को तोड़ रहे हो।
डीसी ने फटकार लगाते हुए पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने के आदेश दिए। मंदिर में प्रसाद की व्यवस्था बनाने को लेकर कस्बे के लोगों ने डीसी का आभार वक्त किया। डीसी साहब अष्टमी की सुबह माता की आरती में परिवार के साथ शरीक हुए और रात भर ड्यूटी करके अपना कर्तव्य निभाया।
मां को दो बजे लाया गया बाहर वाले मंदिर में
रोजाना मां को सुबह साढ़े चार बजे बाहर वाले मंदिर में लाया जाता था, लेकिन अष्टमी के दिन माता को अल सुबह 2 बजे बाहर वाले मंदिर में लाया गया। जब मां को बाहर वाले मंदिर वाले में लाया गया तो उस समय हजारों श्रद्धालु मां के दरबार में पूजा-अर्चना के लिए खड़े थे। मंदिर के पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ मां को स्नान करवाकर आरती की।
स्क्रीन से भी मां के दर्शन
कड़ी सुरक्षा के बीच मां को सुबह दो बजे माता को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया गया। मां के दरबार में पहले से ही हजारों श्रद्धालु मां के दर्शनों के लिए कतार में लगे हुए थे। प्रशासन ने जगह-जगह स्क्रीन लगवा रखी थीं, ताकि कतार में लगे हुए श्रद्धालु मां के दर्शन स्क्रीन पर करते रहें। बेरी में उमड़ने वाली लाखों भक्तों की भीड़ की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।