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कैश न मिलने पर लोगों ने अधिकारियों को किया बैंक में बंद
अमर उाला ब्यूरो/बहादुरगढ
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:07 AM IST
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लोगों को समझाते बैंक के गार्ड
- फोटो : amarujala
मेन बाजार स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में मंगलवार दोपहर बाद जोरदार हंगामा हो गया। रुपये न मिलने से गुस्साए लोगों ने गुस्से में शटर नीचे कर बैंक बंद कर दिया। बैंक में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर जमकर रोष जताया। अंदर फंसे बैंक कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ी रहीं।
मेन बाजार स्थित इस बैंक में मंगलवार सुबह कैश उपलब्ध नहीं था। दोपहर को कैश आया तो कैश बांटा गया, लेकिन दोपहर बाद कैश समाप्त हो गया। बैंक कर्मचारियों ने कैश खत्म होने की सूचना दी तो बाहर काफी देर से खड़े लोगों में रोष पनप गया। गुस्साई भीड़ ने शाम करीब सवा चार बजे बैंक का शटर नीचे कर कर्मचारियों को भीतर बंद कर दिया। कुछ मिनट तक कर्मचारी भीतर ही बंद रहे। लोगों ने कहा कि रोज-रोज बैंक में आते हैं, लेकिन रुपये नहीं निकाले जाते। मंगलवार को सुबह कैश नहीं था।
पूरा दिन इंतजार किया, लाइन में खड़े रहे। थोड़ी देर कैश बांटने के बाद कहते हैं कि कैश नहीं है। यदि कैश कम आया था तो बाहर खड़े लोगों को पहले ही सूचना दे देनी चाहिए थी। कम से कम परेशानी तो न होती। वीरेंद्र ने कहा कि इस बैंक में व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सुबह आकर लाइन में लगते हैं और दोपहर बाद बैरंग वापस लौटना पड़ता है।
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पुलिस पहुंची
शटर डाउन करने की सूचना बैंक कर्मचारियों ने पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने लोगों को शांत कराने के प्रयास किए। पुलिस के आश्वासन और बुधवार के लिए टोकन मिलने के आश्वासन के बाद ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ। तब जाकर बैंक कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बता दें कि छह दिसंबर को भी इस बैंक के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया था।
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मेन बाजार स्थित इस बैंक में मंगलवार सुबह कैश उपलब्ध नहीं था। दोपहर को कैश आया तो कैश बांटा गया, लेकिन दोपहर बाद कैश समाप्त हो गया। बैंक कर्मचारियों ने कैश खत्म होने की सूचना दी तो बाहर काफी देर से खड़े लोगों में रोष पनप गया। गुस्साई भीड़ ने शाम करीब सवा चार बजे बैंक का शटर नीचे कर कर्मचारियों को भीतर बंद कर दिया। कुछ मिनट तक कर्मचारी भीतर ही बंद रहे। लोगों ने कहा कि रोज-रोज बैंक में आते हैं, लेकिन रुपये नहीं निकाले जाते। मंगलवार को सुबह कैश नहीं था।
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पूरा दिन इंतजार किया, लाइन में खड़े रहे। थोड़ी देर कैश बांटने के बाद कहते हैं कि कैश नहीं है। यदि कैश कम आया था तो बाहर खड़े लोगों को पहले ही सूचना दे देनी चाहिए थी। कम से कम परेशानी तो न होती। वीरेंद्र ने कहा कि इस बैंक में व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सुबह आकर लाइन में लगते हैं और दोपहर बाद बैरंग वापस लौटना पड़ता है।
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पुलिस पहुंची
शटर डाउन करने की सूचना बैंक कर्मचारियों ने पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने लोगों को शांत कराने के प्रयास किए। पुलिस के आश्वासन और बुधवार के लिए टोकन मिलने के आश्वासन के बाद ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ। तब जाकर बैंक कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बता दें कि छह दिसंबर को भी इस बैंक के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया था।