{"_id":"63d77a71fb900f45bc24a660","slug":"na-jhjhar-news-c-17-1-50198-2023-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: नागरिक अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट बना सफेद हाथी, तकनीकि खामियां पड़ रही महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: नागरिक अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट बना सफेद हाथी, तकनीकि खामियां पड़ रही महंगी
Mon, 30 Jan 2023 01:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 30 Jan 2023 01:36 PM IST
विज्ञापन
झज्जर के सामान्य अस्पताल में बंद पड़ा गैस का प्लांट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। नागरिक अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बन कर खड़ा है। यह ऑक्सीजन प्लांट कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए लगाया गया था, लेकिन इसमें बार-बार तकनीकी खराबी आने के कारण इसे ठीक कराने के लिए गुजरात से टीम बुलानी पड़ती है। जिस कारण कई दिनों तक यह प्लांट बंद रहता है। मौजूदा समय में करीब एक सप्ताह से ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है।
इस बार ऑक्सीजन की सप्लाई को एक टैंक से दूसरे टैंक में डालने वाले वॉल खराब हैैं। जिनकी मरम्मत के लिए गुजरात से टीम बुलाने के लिए मेल भेजी गई है। जैसे ही टीम ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत कर देती है उसके बाद सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर में मरीजों के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। इस प्लांट के बनने के बाद अस्पताल के सभी वार्डो में पाइपों के माध्यम से मरीजों के बैड ऑक्सीजन पहुंच जाती है। स्वास्थ्य कर्मचारी को भारी सिलिंडरों को मरीजों तक नहीं पहुंचाना पड़ता। हांलाकि अस्पताल में दूसरे उपकरणों के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराई जा रही है।
करीब सौ जगह हैं प्लांट के कनेक्शन
नागरिक अस्पताल में निजी अस्पतालों की तरह ऑक्सीजन की सुविधा मरीजों को बेड पर ही मुहैया कराने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। अस्पताल के सभी वार्डों में पाइप लगाकर बेड के साथ ऑक्सीजन पॉइंट लगाए गए हैं। कोरोना कल की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए गैस प्लांट लगाया था। गैस प्लांट के कनेक्शन आपातकालीन विभाग, सामान्य वार्ड, महिला वार्ड, नेत्र विभाग, ऑपरेशन थिएटर, प्राइवेट वार्ड में किए गए हैं और करीब 100 स्थानों पर ऑक्सीजन पहुंचती है।
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर में पड़ी थी सिलिंडरों की कमी
कोरोना काल की दूसरी लहर के समय बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडरों की आवश्यकता पड़ी थी। उस समय एक- एक बेड पर कई कई मरीजों को लेटा कर जुगाड़ के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई थी। तब मरीजों को बेड तक नहीं मिले थे। मरीजों की जमीन पर लिटाकर ही ऑक्सीजन सिलिंडरों से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई थी। जिसके बाद अस्पताल में 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन करने वाला प्लांट लगाया गया।
टीम बुलाई गई
प्लांट को ठीक करने के लिए टीम को बुलाने के लिए मेल कर दी गई है। जैसे ही टीम पहुंचकर प्लांट की तकनीकी खामी को दूर करती है। प्लांट सुचारू रूप से काम करना शुरू कर देगा।
- नरेश दहिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, झज्जर।
विज्ञापन
झज्जर। नागरिक अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बन कर खड़ा है। यह ऑक्सीजन प्लांट कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए लगाया गया था, लेकिन इसमें बार-बार तकनीकी खराबी आने के कारण इसे ठीक कराने के लिए गुजरात से टीम बुलानी पड़ती है। जिस कारण कई दिनों तक यह प्लांट बंद रहता है। मौजूदा समय में करीब एक सप्ताह से ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है।
इस बार ऑक्सीजन की सप्लाई को एक टैंक से दूसरे टैंक में डालने वाले वॉल खराब हैैं। जिनकी मरम्मत के लिए गुजरात से टीम बुलाने के लिए मेल भेजी गई है। जैसे ही टीम ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत कर देती है उसके बाद सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा। कोरोना की तीसरी लहर में मरीजों के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। इस प्लांट के बनने के बाद अस्पताल के सभी वार्डो में पाइपों के माध्यम से मरीजों के बैड ऑक्सीजन पहुंच जाती है। स्वास्थ्य कर्मचारी को भारी सिलिंडरों को मरीजों तक नहीं पहुंचाना पड़ता। हांलाकि अस्पताल में दूसरे उपकरणों के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराई जा रही है।
विज्ञापन
करीब सौ जगह हैं प्लांट के कनेक्शन
नागरिक अस्पताल में निजी अस्पतालों की तरह ऑक्सीजन की सुविधा मरीजों को बेड पर ही मुहैया कराने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। अस्पताल के सभी वार्डों में पाइप लगाकर बेड के साथ ऑक्सीजन पॉइंट लगाए गए हैं। कोरोना कल की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए गैस प्लांट लगाया था। गैस प्लांट के कनेक्शन आपातकालीन विभाग, सामान्य वार्ड, महिला वार्ड, नेत्र विभाग, ऑपरेशन थिएटर, प्राइवेट वार्ड में किए गए हैं और करीब 100 स्थानों पर ऑक्सीजन पहुंचती है।
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर में पड़ी थी सिलिंडरों की कमी
कोरोना काल की दूसरी लहर के समय बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडरों की आवश्यकता पड़ी थी। उस समय एक- एक बेड पर कई कई मरीजों को लेटा कर जुगाड़ के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई थी। तब मरीजों को बेड तक नहीं मिले थे। मरीजों की जमीन पर लिटाकर ही ऑक्सीजन सिलिंडरों से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई थी। जिसके बाद अस्पताल में 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन करने वाला प्लांट लगाया गया।
टीम बुलाई गई
प्लांट को ठीक करने के लिए टीम को बुलाने के लिए मेल कर दी गई है। जैसे ही टीम पहुंचकर प्लांट की तकनीकी खामी को दूर करती है। प्लांट सुचारू रूप से काम करना शुरू कर देगा।
- नरेश दहिया, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, झज्जर।