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Jhajjar-Bahadurgarh News: मेट्रो में अब कॉमन मोबिलिटी कार्ड और क्यू आर कोड स्कैन कर दे सकेंगे किराया

Mon, 30 Jan 2023 01:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 30 Jan 2023 01:35 PM IST
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सांकेतिक फोटो।
संवाद न्यूज एजेंसी
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बहादुरगढ़। दिल्ली मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन (डीएमआरसी) की तरफ से एयरपोर्ट लाइन के अलावा अब दिल्ली मेट्रो के बाकी पूरे नेटवर्क में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) से यात्रा की सुविधा करने की योजना पर काम चल रहा है। मार्च के अंत तक या अप्रैल की शुरुआत में यह सुविधा शुरू करने की योजना है। इसके लिए गेटों को रिजर्व करने का काम तेजी से किया जा रहा है। सभी स्टेशनों के एंट्री व एग्जिट पॉइंट पर जो एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट लगे होते हैं, उनमें सबसे दाहिने या बायीं तरफ के एक या दो गेटों को एनसीएमसी कार्ड से यात्रा करने वालों के लिए रिजर्व किया जा रहा है।
डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कम्यूनिकेशन) अनुज दयाल ने बताया कि एनसीएमसी कार्ड से यात्रा करने वालों के लिए जो गेट रिजर्व किए जा रहे हैं, उनमें एक अलग तरह का सॉफ्टवेयर लगाया जाएगा, जो केवल एनसीएमसी कार्ड को ही रीड करेगा। इसके साथ ही इन गेटों पर क्यूआर कोड स्केनर भी लगाया जाएगा, जिसे अपने फोन से स्केन करके लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे। इसके अलावा इन गेटों से अकाउंट बेस्ड टिकट और नियर फील्ड कम्यूनिकेशन (एनसीएमसी) के जरिए भी यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। यानी लोग अपने फोन में मौजूद टिकट के क्यूआर कोड को गेट पर पंच करके भी एंट्री कर सकेंगे। इस नए सिस्टम के शुरू होने के बाद मेट्रो के स्मार्ट कार्ड की जरूरत लगभग खत्म हो जाएगी।
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सीधे बैंक खाते से कट जाएगा पैसा
लोग अपने बैंक के रूपे आधारित डेबिट/क्रेडिट कार्ड या मोबाइल से ही मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे और किराया सीधे उनके बैंक खाते से कट जाएगा। क्यूआर कोड भी एनसीएमसी सिस्टम से जुड़ा होगा। जैसे अभी हम किसी मोबाइल वॉलेट के जरिए क्यूआर कोड स्केन करके सीधे अपने बैंक खाते से यूपीआई के जरिए पेमेंट कर देते हैं, उसी तरह से मेट्रो में सफर का किराया भी दे सकेंगे।
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मेट्रो स्टेशनों के गेट के डिजाइन में भी किया जा रहा बदलाव
इसके लिए मेट्रो स्टेशनों पर गेट के डिजाइन में भी कुछ बदलाव किया जा रहा है। इन गेटों पर मेट्रो के स्मार्ट कार्ड की तरह दिखने वाले कार्ड का फोटो लगाया जा रहा है, जिस पर एनसीएमसी लिखा है। उसी के बगल में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिन्हें स्केन करके यात्रा की जा सकेगी। रिजर्व गेटों पर अन्य लोग न आएं, इसके लिए गेटों पर ''कार्ड ओनली'' लिखे स्टीकर भी चिपकाए जा रहे हैं।


286 स्टेशनों पर लगे हैं 3330 एएफसी गेट
मेट्रो नेटवर्क की 12 लाइनों के 286 स्टेशनों पर करीब 3,330 एएफसी गेट लगे हुए हैं, जिन पर कार्ड या टोकन पंच करके लोग स्टेशन में प्रवेश करते हैं। इनमें से करीब 10 प्रतिशत गेटों को एनसीएमसी कार्डधारकों के लिए रिजर्व किया जाएगा। हर स्टेशन पर कम से कम एक-एक एंट्री व एग्जिट गेट रिजर्व रहेगा। इसके अलावा फेज-4 में बन रहे नए स्टेशनों के भी करीब 350 गेट रिजर्व रहेंगे। फेज-3 के स्टेशनों पर गेट लगाने का काम पूरा हो चुका है और अब फेज-1 और 2 के स्टेशनों पर काम चल रहा है, जो मार्च तक पूरा हो जाएगा। टेस्टिंग और ट्रायल के बाद मार्च के आखिर तक या अप्रैल में इस सिस्टम को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए मेसर्स थेल्स और पेटीएम बैंक के कंसोर्टियम गेट लगाने और नया सॉफ्टवेयर डिवेलप करने का जिम्मा सौंपा गया है।
-अनुज दयाल, डीएमआरसी कार्यकारी निदेशक (कम्यूनिकेशन)।
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