फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Municipal Council made tenants and laborers the owners of plots In Bahadurgarh

बहादुरगढ़: किरायेदार और श्रमिकों को नगर परिषद ने बना दिया प्लाटों का मालिक, गरीबों लोगों का कट गया राशन

Thu, 27 Aug 2026 09:35 AM IST
Naveen कृष्ण वशिष्ठ, बहादुरगढ़
कृष्ण वशिष्ठ, बहादुरगढ़ Published by: Naveen Updated Thu, 27 Aug 2026 09:35 AM IST
सार

बहादुरगढ़ शहर में करीब 30 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें गरीब, श्रमिक या किराये पर रहने वाले लोगों की फैमिली आईडी में एक से लेकर 13 तक प्लाटों की प्रापर्टी आईडी दर्ज हो गई। इनमें कई लोगों के पास खुद का मकान या जमीन तक नहीं है।

विज्ञापन
Municipal Council made tenants and laborers the owners of plots In Bahadurgarh
पीड़ित - फोटो : संवाद

विस्तार

साब.. मैं रेवाड़ी से बहादुरगढ़ में आकर मिट्टी के सकोरे और अन्य बर्तन बनाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा हूं। परिवार में पत्नी और बेटी के अलावा कोई नहीं है। बीपीएल कार्ड था, जिससे महीने का राशन और तेल मिल जाता था, लेकिन सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने वह भी छीन लिया। कुछ दिन पहले राशन डिपो पर पहुंचा तो पता चला कि मेरा नाम बीपीएल सूची से कट गया है। जांच करवाई तो पता चला कि फैमिली आईडी में मेरे नाम एक नहीं, बल्कि 13 प्लाट दर्ज हैं। एक बेटा भी दिखा रखा है, जबकि मेरा ऐसा कोई बेटा नहीं है।

विज्ञापन




यह पीड़ा आर्य नगर निवासी ईश्वर की है। ईश्वर के मुताबिक वह किराये पर जगह लेकर मिट्टी के सकोरे व अन्य बर्तन बनाने का काम करते हैं। उनके पास अपना कोई प्लाट नहीं है, लेकिन नगर परिषद के रिकॉर्ड में उनके नाम 13 प्रापर्टी आईडी दर्ज हो गईं। इसका असर यह हुआ कि फैमिली आईडी में संपत्ति दर्ज होने के कारण उनका नाम बीपीएल सूची से बाहर हो गया और सरकारी राशन समेत अन्य योजनाओं का लाभ भी बंद हो गया। अब वह अपनी गलती नहीं होने के बावजूद एसडीएम कार्यालय और नगर परिषद के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


ईश्वर का मामला अकेला नहीं है। बहादुरगढ़ शहर में करीब 30 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें गरीब, श्रमिक या किराये पर रहने वाले लोगों की फैमिली आईडी में एक से लेकर 13 तक प्लाटों की प्रापर्टी आईडी दर्ज हो गई। इनमें कई लोगों के पास खुद का मकान या जमीन तक नहीं है। रिकॉर्ड में संपत्ति दर्ज होने के कारण ऐसे परिवार बीपीएल सूची से बाहर हो गए और उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सेल्फ सर्टिफिकेशन में हुई गड़बड़ी का खामियाजा भुगत रहे लोग

मामला नगर परिषद की ओर से कुछ माह पहले चलाए गए प्रापर्टी आईडी सेल्फ सर्टिफिकेशन अभियान से जुड़ा बताया जा रहा है। करीब 87 हजार प्रापर्टी आईडी में से अब तक करीब 40 हजार सेल्फ सर्टिफाइड हुई हैं।

आरोप है कि कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर जाकर संपत्तियों का सत्यापन करने के बजाय फैमिली आईडी में दर्ज नाम और मोबाइल नंबर के आधार पर प्रापर्टी आईडी का सेल्फ सर्टिफिकेशन कर दिया। एक ही नाम से कई प्रापर्टी आईडी मिलने पर फैमिली आईडी में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी लेकर एक ही व्यक्ति के नाम पर कई संपत्तियां प्रमाणित कर दी गईं। इस प्रक्रिया में वास्तविक संपत्ति मालिकों की पहचान और उनके परिवार से संबंधित रिकॉर्ड का सही मिलान नहीं किया गया। इसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिनके नाम गलती से ऐसी संपत्तियां दर्ज हो गईं।

653 परिवार बीपीएल सूची से बाहर

बहादुरगढ़ में पिछले करीब तीन माह में लगभग 653 परिवार बीपीएल सूची से बाहर हुए हैं। इनमें संपत्ति रिकॉर्ड से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। नियम के अनुसार शहरी क्षेत्र में फैमिली आईडी में 200 वर्ग गज या उससे अधिक क्षेत्रफल का प्लाट दर्ज होने पर परिवार बीपीएल श्रेणी से बाहर हो जाता है। ऐसे में गलत तरीके से दर्ज प्रापर्टी आईडी गरीब परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं।

रोज काट रहे कार्यालयों के चक्कर

गलत प्रापर्टी आईडी दर्ज होने के बाद प्रभावित परिवार अब रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने के लिए एसडीएम कार्यालय और नगर परिषद के चक्कर लगा रहे हैं। किसी के नाम एक, किसी के नाम पांच, आठ तो किसी के नाम 13 तक प्लाट दर्ज मिले हैं। लोगों का कहना है कि गलती उनकी नहीं है, लेकिन इसका नुकसान उन्हें उठाना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से रिकॉर्ड की जांच करवाकर गलत प्रापर्टी आईडी हटाने और बीपीएल सूची में दोबारा शामिल करने की मांग की है।

अब जानिये पीड़ितों की कहानी, उन्हीं की जुबानी..

मेहनत-मजदूरी करके पेट पाल रहे हैं। रहने को कोई मकान नहीं है। मेरी फैमिली आईडी में सात प्लाटों की प्रापर्टी आईडी दर्ज हो गई हैं। इस कारण मेरा नाम बीपीएल सूची से बाहर हो गया है। अब मैंने इसकी शिकायत दी है ताकि मेरा नाम दोबारा से बीपीएल सूची में आ सके। -सुनीता,जटिया मोहल्ला, बहादुरगढ़।

कुछ तकनीकी कारणों की वजह से मेरी फैमिली आईडी में 8 प्रापर्टी आईडी दर्ज हो गई हैं। अब उसे ठीक कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही हूं। इस कारण मेरा गरीबी वाला राशन कार्ड भी कट गया है। -सुमित्रा, बहादुरगढ़।

मैं मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहा हूं। किराये पर रहता हूं। अब सरकारी सिस्टम की लापरवाही के कारण एक नहीं बल्कि 8 प्लाटों की प्रापर्टी आईडी मेरे नाम पर दर्ज हो गई हैं। मेरा राशन कार्ड भी इसी वजह से कट गया है। -सुनील, श्रमिक, बहादुरगढ़।

अधिकारी के अनुसार

सेल्फ सर्टिफिकेशन के दौरान संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह गलती हुई है। जैसे-जैसे लोगों की शिकायतें आ रही हैं, उसकी जांच करवाकर प्रापर्टी आईडी का डाटा दुरुस्त किया जा रहा है। -संजय रोहिल्ला, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, बहादुरगढ़।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed