फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   mostwanted criminal arrested

दो लाख का इनामी मोस्टवांटेड अपराधी गिरफ्तार

Sun, 17 Jan 2016 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़ Updated Sun, 17 Jan 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
mostwanted criminal arrested

विज्ञापन
 हरियाणा पुलिस के लिए सिरदर्द बने मोस्टवांटेड व दो लाख के इनामी अपराधी मांडोठी निवासी संजीव उर्फ काला को थाना सदर पुलिस ने दो अवैध हथियारों सहित कर लिया है। पुलिस के अनुसार वह हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, फिरौती सहित 14 मामलों में अति वांछित था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।




एसपी सुमित कुमार ने बताया कि अति वांछित आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस महानिदेशक की ओर से दो लाख रुपये का इनाम रखा गया था। उन्होंने बताया कि संजीव उर्फ काला के खिलाफ वर्ष 2011 में गांव दुल्हेड़ा के पास चार व्यक्तियों की हत्या के मामले के अलावा ताल नगर के व्यापारियों से जान से मारने की धमकी देकर अवैध वसूली के मामले सहित हत्या, हत्या के प्रयास एवं अवैध हथियार सहित कई अन्य संगीन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
विज्ञापन




उन्होंने बताया कि बताया कि पकड़ा गया अति वांछित संजीव उर्फ काला हत्या के मामले में गुड़गांव जेल में बंद था। वर्ष 2014 में अपनी पत्नी के इलाज के बहाने से कुछ दिन के पेरोल पर आया था, लेकिन उसके बाद वापस जेल नहीं लौटा। उन्होंने बताया कि वह बदमाश करतार जो कि फिलहाल जेल में बंद है, उसका भाई है। उन्होंने अपना अलग से गैंग बना रखा है, जिसमें कई अन्य अपराधी इसमें शामिल हैं। इसमें से कुछ पर तो पुलिस ने इनाम तक रखा हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन





एसपी ने बताया कि वह पंचायत चुनाव में गड़बड़ी की मंशा से आया था, लेकिन पुलिस के कड़े इंतजामों के चलते वह अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि मोस्टवांटेड को पकड़ने के लिए थाना सदर प्रभारी एवं निरीक्षक बिजेंद्र सिंह व उनकी टीम में उप निरीक्षक अरविंद कुमार, सुनील कुमार, सहायक उप निरीक्षक योमेश कुमार, मुख्य सिपाही कर्मबीर, सिपाही अशोक व चालक विजय कुमार शामिल रहे।




ये कीं वारदात
पुलिस के अनुसार संजीव उर्फ काला ने साल 1998 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। मांडोठी गांव में पंचायत चुनावों से शुरू हुई रंजिश में संजीव अपने भाई करतार और हरीश के साथ हत्या के मामले में नामजद हुआ था। उसके बाद तो पंचायती चौधर की रंजिश में ही गांव में अपने विरोधी पक्ष के कई लोगों की हत्या की गई। वर्ष 2005 व 2011 में हुई कई हत्याओं में भी उनका नाम आया था।



वह पुलिस पकड़ से बचता आ रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद वह गुड़गांव की जेल में बंद था मगर 2014 में उसने अपनी पत्नी के इलाज के बहाने से पेरोल लिया और निर्धारित समयावधि के बाद वापस नहीं लौटा। उस पर आरोप है कि उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर ताल नगर औद्योगिक क्षेत्र से व्यापारियों से फिरौती मांगनी शुरू कर दी थी।





-व्यापारी रहते थे दहशत में
ताल नगर में अपराधियों के खौफ से यहां के व्यापारी दहशत के साये में काम करने पर मजबूर थे। पुलिस के संज्ञान में मामला आया तो आसोदा चौकी जो कि गांव के मोड़ के पास बनी हुई थी, उसे यहां से ताल नगर औद्योगिक क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया था। तब जाकर व्यापारियों को राहत मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed