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बहादुरगढ़ में मेट्रो सेवा रही बंद, यात्री हुए परेशान
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बहादुरगढ़ सिटी मेट्रो स्टेशन के बंद पड़े गेट नंबर-1 के बाहर खड़े यात्री। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
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कृषि कानूनों के विरोध में टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के मद्देनजर इंटरनेट के साथ अब मुंडका-बहादुरगढ़ के बीच ग्रीन लाइन के चार मेट्रो स्टेशन बंद रहे। इनमें से तीन स्टेशन बहादुरगढ़ के और एक स्टेशन दिल्ली का शामिल रहा। सोमवार को दिल्ली एनसीआर में विभिन्न स्थानों पर जाने वाले डेढ़ लाख से अधिक लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को दिल्ली सीमा से ब्रिगेडियर होशियार सिंह तक के चार स्टेशनों से मेट्रो सेवा का लाभ यात्री सुबह छह से साढ़े नौ बजे तक ही उठा पाए। इस दौरान 20 गाड़ियों के करीब 40 फेरे लगे। 20 हजार से अधिक लोग अपने कामकाज के लिए मेट्रो से दिल्ली निकल गए, लेकिन लगभग साढ़े नौ बजे अचानक मेट्रो सेवा बंद कर दी गई। दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम जानेे के लिए बहादुरगढ़ के काफी लोग स्थानीय मेट्रो स्टेशनों पर पहुंच गए थे, मगर यहां पता चला कि डीएमआरसी ने बहादुरगढ़ के लिए अचानक मेट्रो सेवाएं स्थगित कर दी हैं।
सोमवार को बहादुरगढ़ के तीन और दिल्ली के एक स्टेशन पर मेट्रो सेवाएं बाधित रहीं। इसमें टीकरी बॉर्डर, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी व ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो का परिचालन बंद रहा। सोमवार को बहादुरगढ़ के अंतर्गत आने वाले सभी मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रहे। मेट्रो स्टेशनों के बाहर से वाहन पार्किंग के चलते पैर रखने तक जगह नहीं मिलती थी, वहीं सोमवार को पार्किंग में इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आए। सुरक्षा कारणों के चलते सभी मेट्रो स्टेशनों पर अर्द्ध सैनिक बलों के जवान पहले ही तैनात हैं।
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बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी व बिहार सहित अन्य राज्यों के किसान पिछले दो माह से ज्यादा समय से बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर व बहादुरगढ़ में डटे हुए हैं। जिससे दिल्ली की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग पूर्णरूप से बंद है। ऐसे में लोग झाड़ोदा बॉर्डर व अन्य अप्रोच रास्तों से किसी न किसी तरह से दिल्ली तक का सफर तय कर रहे थे, मगर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा और लाल किले पर घटे घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारी किसानों पर शिकंजा कसने लगा है। दिल्ली सरकार की ओर से जहां टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, वहीं आठ लेयर की बैरिकेडिंग व बड़े-बड़े अवरोध लगाए गए हैं। ताकि कोई भी किसान दिल्ली की ओर कूच न कर सके। इसके अलावा झाड़ौदा बॉर्डर सहित अन्य अप्रोच रास्तों को भी पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। ऐसे में दिल्ली व अन्य शहरों में नौकरीपेशा लोग मेट्रो पर ही निर्भर थे। मगर सोमवार को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बहादुरगढ़ के तहत आने वाले सभी स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं बाधित रहीं, जिसके चलते दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेट्रो बंद होने से यात्रियों के चेहरे पर परेशानी साफ देखने को मिल रही थी।
दैनिक यात्री संघ के प्रवक्ता रमेश राजपूत, कोमल, सुमित, नरेश शर्मा, अजय, राहुल दलाल, सुनील, पंकज सहित अन्य ने बताया कि आंदोलन के चलते जहां दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते बंद हैं, वहीं अब मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से उनकी परेशानी बढ़ गई। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द किसानों के साथ बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए, ताकि आमजन को परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने बताया कि पहले ही लॉकडाउन से उनके काम-धंधे ठप थे। अब ऊपर से आंदोलन के चलते सभी मार्ग बंद होने के साथ मेट्रो सेवाएं भी प्रभावित होने से उन्हें काम करना ही मुश्किल हो गया है।
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सोमवार को दिल्ली सीमा से ब्रिगेडियर होशियार सिंह तक के चार स्टेशनों से मेट्रो सेवा का लाभ यात्री सुबह छह से साढ़े नौ बजे तक ही उठा पाए। इस दौरान 20 गाड़ियों के करीब 40 फेरे लगे। 20 हजार से अधिक लोग अपने कामकाज के लिए मेट्रो से दिल्ली निकल गए, लेकिन लगभग साढ़े नौ बजे अचानक मेट्रो सेवा बंद कर दी गई। दिल्ली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम जानेे के लिए बहादुरगढ़ के काफी लोग स्थानीय मेट्रो स्टेशनों पर पहुंच गए थे, मगर यहां पता चला कि डीएमआरसी ने बहादुरगढ़ के लिए अचानक मेट्रो सेवाएं स्थगित कर दी हैं।
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सोमवार को बहादुरगढ़ के तीन और दिल्ली के एक स्टेशन पर मेट्रो सेवाएं बाधित रहीं। इसमें टीकरी बॉर्डर, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी व ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो का परिचालन बंद रहा। सोमवार को बहादुरगढ़ के अंतर्गत आने वाले सभी मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रहे। मेट्रो स्टेशनों के बाहर से वाहन पार्किंग के चलते पैर रखने तक जगह नहीं मिलती थी, वहीं सोमवार को पार्किंग में इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आए। सुरक्षा कारणों के चलते सभी मेट्रो स्टेशनों पर अर्द्ध सैनिक बलों के जवान पहले ही तैनात हैं।
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बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी व बिहार सहित अन्य राज्यों के किसान पिछले दो माह से ज्यादा समय से बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर व बहादुरगढ़ में डटे हुए हैं। जिससे दिल्ली की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग पूर्णरूप से बंद है। ऐसे में लोग झाड़ोदा बॉर्डर व अन्य अप्रोच रास्तों से किसी न किसी तरह से दिल्ली तक का सफर तय कर रहे थे, मगर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा और लाल किले पर घटे घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारी किसानों पर शिकंजा कसने लगा है। दिल्ली सरकार की ओर से जहां टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, वहीं आठ लेयर की बैरिकेडिंग व बड़े-बड़े अवरोध लगाए गए हैं। ताकि कोई भी किसान दिल्ली की ओर कूच न कर सके। इसके अलावा झाड़ौदा बॉर्डर सहित अन्य अप्रोच रास्तों को भी पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। ऐसे में दिल्ली व अन्य शहरों में नौकरीपेशा लोग मेट्रो पर ही निर्भर थे। मगर सोमवार को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बहादुरगढ़ के तहत आने वाले सभी स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं बाधित रहीं, जिसके चलते दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेट्रो बंद होने से यात्रियों के चेहरे पर परेशानी साफ देखने को मिल रही थी।
दैनिक यात्री संघ के प्रवक्ता रमेश राजपूत, कोमल, सुमित, नरेश शर्मा, अजय, राहुल दलाल, सुनील, पंकज सहित अन्य ने बताया कि आंदोलन के चलते जहां दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते बंद हैं, वहीं अब मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने से उनकी परेशानी बढ़ गई। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द किसानों के साथ बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए, ताकि आमजन को परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने बताया कि पहले ही लॉकडाउन से उनके काम-धंधे ठप थे। अब ऊपर से आंदोलन के चलते सभी मार्ग बंद होने के साथ मेट्रो सेवाएं भी प्रभावित होने से उन्हें काम करना ही मुश्किल हो गया है।