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डी प्रशासन के दावों की खुली पोल
jhajjar
Updated Sat, 02 Apr 2016 02:18 AM IST
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मंडी
- फोटो : bureau
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एक अप्रैल से शुरू हो रही समर्थन मूल्य पर सरकारी गेहूं की खरीददारी करने के लिए मंडी पर कोई भी खरीद एजेंसी नही पहुंची। जिससे मंडी प्रशासन के द्वारा किए जा रहे दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। खरीद के पहले दिन किसी भी ऐजेंसी द्वारा कोई उठान नहीं किया गया है।
गेहूं का उठान न होने के कारण आढ़तियों को चिंता सता रही है। क्याेंकि काफी सारा गेहूं खुले आसमान में पड़ा है। आढ़तियों का कहना है कि ऐसे समय में अगर बारिश आ जाती है तो किसान का सारा गेहूं बह सकता है। शैड के नीचे जगह फुल होने के कारण काफी सारा गेहूं खुले आसमान में जमीन पर रखा गया है। जो किसी भी प्रकार की आपदा की चपेट में आ सकता है।
जब इसके बारे में अनाज मंडी प्रधान हरिंद्र सिलाना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मंडी में किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है। पहले दिन करीब 4 हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा है। कुल मिलाकर अब तक 12 हजार क्विंटल तक गेंहू मंडी पहुंच चुका है।
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जिसके उठान के लिए किसी भी ऐजेंसी ने मंडी की तरफ मुंह नहीं किया है। मंडी अभी तक किसी प्रकार के बारदानें की व्यवस्था भी नहीं की गई है। उनका कहना था कि सरकार की ओर से उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि कौन सी ऐजेंसी किस दिन गेहूं की खरीद करने वाली है।
मानक के अनुकूल है गेहूं
अनाज मंडी में खरीद ऐजेंसी की बाट जोह रहे आढ़तियों ने कहा कि किसानों द्वारा मंडी लाया जा रहा गेहूं सूखा है। जिसमें नमी की मात्रा भी विभाग के नियमों के अनुकूल ही है, लेकिन फिर भी इसके उठान में देरी की जा रही है। मंडी में जगह कम है और गेहूं की मात्रा दिन-प्रतिदन बढ़ती ही जा रही है।
अगर जल्द ही इसका उठान नहीं किया गया तो मंडी में जाम लगना शुरू हो जाएगा। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी सुरेंद्र मलिक ने बताया कि जिले में करीब 1 लाख 5 हजार हेक्टेयर भूमि में किसानों द्वारा गेहूं की बिजाई की गई है। क्षेत्र में फसल पककर पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और उसका कटान भी जोरों पर है। किसान जल्द से जल्द मंडी में गेहूं पहुंचाने की कोशिश में हैं।
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गेहूं का उठान न होने के कारण आढ़तियों को चिंता सता रही है। क्याेंकि काफी सारा गेहूं खुले आसमान में पड़ा है। आढ़तियों का कहना है कि ऐसे समय में अगर बारिश आ जाती है तो किसान का सारा गेहूं बह सकता है। शैड के नीचे जगह फुल होने के कारण काफी सारा गेहूं खुले आसमान में जमीन पर रखा गया है। जो किसी भी प्रकार की आपदा की चपेट में आ सकता है।
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जब इसके बारे में अनाज मंडी प्रधान हरिंद्र सिलाना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मंडी में किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है। पहले दिन करीब 4 हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा है। कुल मिलाकर अब तक 12 हजार क्विंटल तक गेंहू मंडी पहुंच चुका है।
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जिसके उठान के लिए किसी भी ऐजेंसी ने मंडी की तरफ मुंह नहीं किया है। मंडी अभी तक किसी प्रकार के बारदानें की व्यवस्था भी नहीं की गई है। उनका कहना था कि सरकार की ओर से उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि कौन सी ऐजेंसी किस दिन गेहूं की खरीद करने वाली है।
मानक के अनुकूल है गेहूं
अनाज मंडी में खरीद ऐजेंसी की बाट जोह रहे आढ़तियों ने कहा कि किसानों द्वारा मंडी लाया जा रहा गेहूं सूखा है। जिसमें नमी की मात्रा भी विभाग के नियमों के अनुकूल ही है, लेकिन फिर भी इसके उठान में देरी की जा रही है। मंडी में जगह कम है और गेहूं की मात्रा दिन-प्रतिदन बढ़ती ही जा रही है।
अगर जल्द ही इसका उठान नहीं किया गया तो मंडी में जाम लगना शुरू हो जाएगा। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी सुरेंद्र मलिक ने बताया कि जिले में करीब 1 लाख 5 हजार हेक्टेयर भूमि में किसानों द्वारा गेहूं की बिजाई की गई है। क्षेत्र में फसल पककर पूरी तरह से तैयार हो चुकी है और उसका कटान भी जोरों पर है। किसान जल्द से जल्द मंडी में गेहूं पहुंचाने की कोशिश में हैं।