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Jhajjar-Bahadurgarh News: चंद्र ग्रहण के कारण श्रद्धालुओं के लिए बंद रहे मंदिरों के मुख्य द्वार
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03jjrp03- सिद्ध बाबा कांशी गिरि मंदिर में धार्मिक पुस्तक पढ़कर सर्व मंगल की कामना करते हुए ब्राह
झज्जर। साल का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को लगा। यह चंद्रग्रहण भारत में दर्शनीय है, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा। सूतक काल लगने पर भगवान के दर्शन नहीं किए जा सकते और न ही पूजा पाठ। श्रद्धालुओं ने घरों और पुजारियों ने मंदिरों में मंत्रों का जाप किया। ग्रहण के दौरान प्रातः काल 6:20 बजे से मंदिरों के मुख्य द्वार बंद रहे।
सिद्ध बाबा कांशी गिरि महाराज मंदिर के पंडित पवन कौशिक ने बताया कि हिन्दू धर्म में ग्रहण को लेकर कुछ परंपराएं प्राचीन समय से चली आ रही हैं। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ भोजन और सोने पर भी इसका असर पड़ता है। इन्ही परंपराओं में से एक परंपरा मन्दिर के द्वार बंद किए जाना है।
शास्त्रों में बताया गया है कि इस अवधि के दौरान मानसिक तौर पर पूजा पाठ और मंत्रों का जाप करना विशेष रूप से फलदायी होता है। चंद्र ग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले ही लग गया। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल साधना, जप और आत्मचिंतन का समय है।
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देवेश शर्मा ने बताया कि ब्रह्मपूजा को विराम देकर आंतरिक एकाग्रता पर बल दिया जाता है। यही कारण है कि ग्रहण के दौरान मंदिरों के द्वार बंद किए जाते हैं और शुद्धिकरण के पश्चात ही नियमित पूजा-अर्चना शुरू होती है। मंदिरों के द्वार ग्रहण समाप्त होने के बाद साफ-सफ़ाई और शुद्धिकरण के बाद खोले जाएंगे।
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सिद्ध बाबा कांशी गिरि महाराज मंदिर के पंडित पवन कौशिक ने बताया कि हिन्दू धर्म में ग्रहण को लेकर कुछ परंपराएं प्राचीन समय से चली आ रही हैं। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ भोजन और सोने पर भी इसका असर पड़ता है। इन्ही परंपराओं में से एक परंपरा मन्दिर के द्वार बंद किए जाना है।
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शास्त्रों में बताया गया है कि इस अवधि के दौरान मानसिक तौर पर पूजा पाठ और मंत्रों का जाप करना विशेष रूप से फलदायी होता है। चंद्र ग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले ही लग गया। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल साधना, जप और आत्मचिंतन का समय है।
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देवेश शर्मा ने बताया कि ब्रह्मपूजा को विराम देकर आंतरिक एकाग्रता पर बल दिया जाता है। यही कारण है कि ग्रहण के दौरान मंदिरों के द्वार बंद किए जाते हैं और शुद्धिकरण के पश्चात ही नियमित पूजा-अर्चना शुरू होती है। मंदिरों के द्वार ग्रहण समाप्त होने के बाद साफ-सफ़ाई और शुद्धिकरण के बाद खोले जाएंगे।