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तीन बार झज्जर में प्रवेश कर चुका है टिड्डी दल
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जिला की सीमा पर खेत टिड्डी दल को थाली बजाकर उड़ाते बच्चे।
- फोटो : Jhjhar
कई वर्षों के बाद टिड्डी दल किसानों व प्रशासन के लिए परेशानी बन गया है। जिले में करीब एक पखवाड़े में तीन बार टिड्डी दल झज्जर में प्रवेश कर चुका है। 27 जून को पहली बार रेवाड़ी क्षेत्र से ही टिड्डी दल ने झज्जर जिला में प्रवेश किया था। उसके बाद 11 जुलाई को महेंद्रगढ़ क्षेत्र से मातनहेल खंड के दो गांवों में व 12 जुलाई को रेवाड़ी क्षेत्र से साल्हावास खंड के गांवों से होते हुए टिड्डी दल प्रवेश किया। लेकिन वह बिना रुके यहां से चला गया। शनिवार की शाम को दूसरी बार व रविवार की शाम को तीसरी बार टिड्डी दल ने झज्जर का रुख किया। लेकिन इसका झज्जर में ठहराव नहीं हुआ।
- टिड्डी दल से बचाव के लिए प्रशासन सजग
जिले में टिड्डी दल से बचाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर बचाव की तैयारी को लेकर डीसी जितेंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को देर रात आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। डीसी ने टिड्डी दल से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए आवाज करते हुए ड्रम बजाने के साथ ही फायर टेंडर का उपयोग करते हुए दूरी बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी मुस्तैदी से टिड्डी दल से बचाव के लिए सावधानी बरतने में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक तरीके से कदम उठाए जाएं। डीसी ने कहा कि टिड्डी दल झज्जर जिले की सीमा के आसपास कोसली क्षेत्र में है, ऐसे में जिले की सीमावर्ती गांव में विशेष एहतियात बरतते हुए गांव में पंचायत विभाग के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, ग्राम सचिव व पटवारी अपने संबंधित गांव में पहुंचकर लोगों को टिड्डी दल से बचाव के लिए सावधानी रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिले के सभी एसडीएम टिड्डी दल से जुड़ी हर गतिविधि पर पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से साल्हावास व मातनहेल खंडों में 14 ट्रैक्टर माउंटेड पंप अलर्ट पर रखे हैं। जबकि छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी अलर्ट पर हैं।
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- डॉ. इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।
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- टिड्डी दल से बचाव के लिए प्रशासन सजग
जिले में टिड्डी दल से बचाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर बचाव की तैयारी को लेकर डीसी जितेंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को देर रात आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। डीसी ने टिड्डी दल से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए आवाज करते हुए ड्रम बजाने के साथ ही फायर टेंडर का उपयोग करते हुए दूरी बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी मुस्तैदी से टिड्डी दल से बचाव के लिए सावधानी बरतने में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक तरीके से कदम उठाए जाएं। डीसी ने कहा कि टिड्डी दल झज्जर जिले की सीमा के आसपास कोसली क्षेत्र में है, ऐसे में जिले की सीमावर्ती गांव में विशेष एहतियात बरतते हुए गांव में पंचायत विभाग के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, ग्राम सचिव व पटवारी अपने संबंधित गांव में पहुंचकर लोगों को टिड्डी दल से बचाव के लिए सावधानी रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिले के सभी एसडीएम टिड्डी दल से जुड़ी हर गतिविधि पर पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से साल्हावास व मातनहेल खंडों में 14 ट्रैक्टर माउंटेड पंप अलर्ट पर रखे हैं। जबकि छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी अलर्ट पर हैं।
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- डॉ. इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।