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स्वच्छता में झज्जर के मुकाबले बहादुरगढ़ शहर बेहतर

Wed, 15 Jan 2020 01:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 01:54 AM IST
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jhajjar top in comparison to bhadugarh
शहर की स्वच्छता रैंकिंग तय करने के लिए शुरू हुए सर्वे के बीच टीम ने मंगलवार को कई जगहों का दौरा किया और लोगों से फीडबैक लिया। खास बात यह है कि इस सर्वे के दौरान टीम को जहां एक तरफ प्रशासनिक स्तर पर कुछ कमियां नजर आईं, वहीं लोगों की ओर से भी खामियां देखने को मिली। लोगों ने टीम को बताया कि शहर के कई हिस्सों में नाले गंदगी से भरे हैं। सीवरेज में भी नालों का पानी और कूड़ा-कचरा बहाया जा रहा है। ऐसे में स्वच्छता की रैंकिंग तो बाद में होगी, फिलहाल तो लोगों की तरफ से भी स्वच्छता को पूरी तरह नहीं अपनाया जा रहा है।
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स्वच्छता टीम के सदस्य सत्यजीत ने मंगलवार को शहर के कई इलाकों का दौरा किया। दोपहर में वह पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में लोगों से भी मिले। स्वच्छता टीम के सदस्य से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने प्रदीप जून के नेतृत्व में स्वच्छता सर्वे टीम से मुलाकात की और उनको स्थिति से अवगत कराया। सर्वे टीम के सदस्य ने बताया कि अभी सर्वे पूरा होने में एक-दो दिन लगेगा। अभी तक के सर्वे में टीम ने बहादुरगढ़ को झज्जर शहर के मुकाबले बेहतर बताया है। मगर कई बिंदुओं पर सुधार की जरूरत भी बताई है। शहर कितना स्वच्छ है यह तो रैंकिंग से तय होगा, मगर अभी तो टीम एक-एक प्वाइंट पर बारीकी से रिपोर्ट जुटा रही है।
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नप दे रही स्वच्छता पर जोर
शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार को लेकर नगर परिषद द्वारा पूरा जोर दिया जा रहा है। रात में सफाई करवाई जा रही है। गौरतलब है कि 2019 में बहादुरगढ़ को 228वां रैंक मिला था। 2018 में बहादुरगढ़ का रैंक 209वां था और 2017 में शहर का रैंक 353 था। नगर परिषद की ओर से लोगों के मोबाइल में स्वच्छ मैप एप को डाउनलोड करवाया गया है। इन लोगों को शहर में कहीं पर भी गंदगी मिलने पर मोबाइल से फोटो एप पर डालने के लिए जागरूक किया गया है। ताकि वहां पर सफाई कराई जा सके। एप के जरिये हजारों शिकायतों का समाधान हो चुका है।
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नाइट स्वीपिंग में पिछड़ा था शहर
2019 के सर्वे में नाइट स्वीपिंग, डोर टू डोर कूड़ा उठान न होने और कूड़े का उचित प्रबंधन न होने की वजह से पिछड़ गया था। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम न होने की वजह से शहर स्वच्छता के मामले में फिसड्डी साबित हुआ था। 1250 अंकों में से सिर्फ 125.35 अंक ही हासिल कर सके थे। कुछ ऐसी ही कहानी ओडीएफ यानी खुले में शौच की थी। ओडीएफ सर्टिफिकेशन के 1250 अंकों में से बहादुरगढ़ को मात्र 200 अंक ही मिले थे। इसलिए नप इस बार नाइट स्वीपिंग यानी रात को सफाई करवा रही है।
2020 में इन बिंदुओं के ये हैं अंक
बिंदु अधिकतम अंक
सिटीजन फीडबैक 1500
सर्विस लेवल प्रोग्रेस 1500
डायरेक्ट आब्जर्वेशन 1500
गारबेज फ्री सिटी 1500
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