{"_id":"5d7aab7f8ebc3e93b31a5be4","slug":"jhajjar-jhjhar-news-rtk51759989","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरने पर हालात का जायजा लेने पहुंची राज्यपाल की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरने पर हालात का जायजा लेने पहुंची राज्यपाल की टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दस दिनों से कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे झज्जर वर्ल्ड कॉलेज के आंदोलनकारी छात्रों की मांगों व वस्तुस्थिति को लेकर हालात का जायजा लेने के लिए राज्यपाल की चार सदस्यीय टीम वीरवार को झज्जर पहुंची। टीम ने आंदोलनरियों को समस्या का हल बातचीत के जरिए निकालने के लिए सभी छात्र-छात्राओं को झज्जर लघु सचिवालय में बुलाया। यहां डीसी संजय जून की अध्यक्षता में टीम के सदस्यों व आंदोलनकारियों के बीच करीब चार घंटे तक बातचीत का दौर जारी रहा।
आंदोलनकारियों की तरफ से टीम के सामने कॉलेज से जुड़े सभी तथ्य पेश किए गए और अपना पक्ष रखकर यह भी बताया कि कॉलेज में जो स्थिति है, उसकी वजह से न सिर्फ उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है बल्कि कॉलेज प्रबंधन के अलावा सत्तापक्ष से जुड़े लोगों द्वारा भी उन्हें आमजन के सामने इस तरह से पेश किया जा रहा जैसे कि वह अपनी मांगें नहीं मनवा रहे बल्कि कॉलेज पर कब्जा करना चाहते हैं। चार घंटे तक चली इस बैठक में कॉलेज प्रबंधन की तरफ से तो कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ, लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से स्वयं जिला उपायुक्त संजय जून, एसडीएम शिखा व सीएमओ आरएस पूनिया शामिल हुए।
राज्यपाल टीम ने दिया आश्वासन
बैठक में आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं की तरफ से अपना पक्ष रखे जाने के बाद राज्यपाल द्वारा भेजी गई टीम उनके पक्ष से सहमत हुई और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। आंदोलनकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि फिलहाल उन्हें टीम के सदस्यों ने किसी अन्य कॉलेज में शिफ्ट किए जाने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद उन्होंने फिलहाल अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन उनका धरना मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा। उधर अपने आंदोलन को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए वीरवार को भी आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन से अनुमति लेने के लिए कई चक्कर लगाए। जिला प्रशासन ने इन्हें लिखित में तो कोई अनुमति नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि उन्हें आंदोलन जारी रखने की शुक्रवार को अनुमति दे दी जाएगी।
विज्ञापन
आखिर क्या है मामला
झज्जर-सांपला मार्ग पर स्थित गांव गिरावड़ के वर्ल्ड कॉलेज के विद्यार्थी कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ शहर के श्रीराम शर्मा पार्क में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इस दौरान न सिर्फ सत्तापक्ष के बल्कि विपक्षी पार्टियों के राजनेता भी आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे। लेकिन इन सबके बावजूद भी छात्रों की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। छात्रों की समस्या है कि वह साल 2016 के बैच में नीट क्वालीफाई कर वर्ल्ड कॉलेज में दाखिल हुए थे। लेकिन कॉलेज में न तो कोई लैब की सुविधा है और न ही उन्हें मेडिकल की पढ़ाई कराने वाले टीचर हैं, जबकि वह समय पर अपनी फीस अदा कर चुके हैं।
विज्ञापन
आंदोलनकारियों की तरफ से टीम के सामने कॉलेज से जुड़े सभी तथ्य पेश किए गए और अपना पक्ष रखकर यह भी बताया कि कॉलेज में जो स्थिति है, उसकी वजह से न सिर्फ उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है बल्कि कॉलेज प्रबंधन के अलावा सत्तापक्ष से जुड़े लोगों द्वारा भी उन्हें आमजन के सामने इस तरह से पेश किया जा रहा जैसे कि वह अपनी मांगें नहीं मनवा रहे बल्कि कॉलेज पर कब्जा करना चाहते हैं। चार घंटे तक चली इस बैठक में कॉलेज प्रबंधन की तरफ से तो कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ, लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से स्वयं जिला उपायुक्त संजय जून, एसडीएम शिखा व सीएमओ आरएस पूनिया शामिल हुए।
विज्ञापन
राज्यपाल टीम ने दिया आश्वासन
बैठक में आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं की तरफ से अपना पक्ष रखे जाने के बाद राज्यपाल द्वारा भेजी गई टीम उनके पक्ष से सहमत हुई और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। आंदोलनकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि फिलहाल उन्हें टीम के सदस्यों ने किसी अन्य कॉलेज में शिफ्ट किए जाने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद उन्होंने फिलहाल अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन उनका धरना मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा। उधर अपने आंदोलन को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए वीरवार को भी आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन से अनुमति लेने के लिए कई चक्कर लगाए। जिला प्रशासन ने इन्हें लिखित में तो कोई अनुमति नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि उन्हें आंदोलन जारी रखने की शुक्रवार को अनुमति दे दी जाएगी।
विज्ञापन
आखिर क्या है मामला
झज्जर-सांपला मार्ग पर स्थित गांव गिरावड़ के वर्ल्ड कॉलेज के विद्यार्थी कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ शहर के श्रीराम शर्मा पार्क में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। इस दौरान न सिर्फ सत्तापक्ष के बल्कि विपक्षी पार्टियों के राजनेता भी आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे। लेकिन इन सबके बावजूद भी छात्रों की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। छात्रों की समस्या है कि वह साल 2016 के बैच में नीट क्वालीफाई कर वर्ल्ड कॉलेज में दाखिल हुए थे। लेकिन कॉलेज में न तो कोई लैब की सुविधा है और न ही उन्हें मेडिकल की पढ़ाई कराने वाले टीचर हैं, जबकि वह समय पर अपनी फीस अदा कर चुके हैं।