{"_id":"610ed12e8ebc3e7515568db6","slug":"jhajjar-bahadurgarh-news-nap-sent-75-destitute-cows-jhjhar-news-rtk6203102163","type":"story","status":"publish","title_hn":"नप ने 75 बेसहारा गोवंश को भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नप ने 75 बेसहारा गोवंश को भेजा
विज्ञापन
अब शहर में घूम रहे बेसहारा गोवंश को सहारा मिलेगा। गोवंश गंदगी खाकर नहीं अब चारा खाकर पेट भरेगा। काफी इंतजार के बाद आखिरकार नगर परिषद की तरफ से गोवंश को पकड़कर खेड़का गुज्जर गांव की गोशाला में भेजने का अभियान शुरू कर दिया है।
नगर परिषद की तरफ से बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशाला में भेज रहा है। संबंधित ठेकेदार की तरफ से अब तक 75 गोवंश को गोशाला पहुंचा दिया है। गोवंश की टैगिंग कर गोशाला में भेजा जा रहा है, ताकि इन पशुओं की पहचान हो सके। नगर परिषद की तरफ से गोवंश को पकड़ कर गोशाला भेजने के लिए करीब एक माह तक निरंतर रूप से अभियान चलाया जाएगा।
नप ने 47 लाख रुपये का बजट कराया पास
सड़कों पर बैठा रहने वाला गोवंश सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। वहीं, हिंसक होकर लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां दिन सुबह रात को इन गोवंश का सड़कों पर जमघट न लगता हो। नगर परिषद झज्जर ने 47 लाख रुपये का बजट पास कराया है। इसके जरिए शहर के 500 पशुओं को एक साल तक के चारे का प्रबंध किया जाएगा। यह पशु जिस गोशाला में रखे जाएंगे उनको टैगिंग के हिसाब से प्रतिदिन के जरिये चारे की राशि दी जाएगी। 500 पशुओं में से 450 पशु खेड़का गुर्जर गोशाला और 50 पशु बेरी गोशाला में भेजे जाएंगे। खेड़का गुज्जर गोशाला में समय-समय पर पशुओं की देखभाल संबंधी मॉनिटरिंग की जाएगी जो पशु गोशाला भेजे गए हैं, उनकी मौके पर टैगिंग चेक करके ही पशु चारे के बिल भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
गोवंश को टैगिंग कर गोशाला भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब एक माह में शहर को बेसहारा गोवंश मुक्त कर दिया जाएगा।
- अरूण नांदल, ईओ, नर परिषद, झज्जर।
विज्ञापन
नगर परिषद की तरफ से बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशाला में भेज रहा है। संबंधित ठेकेदार की तरफ से अब तक 75 गोवंश को गोशाला पहुंचा दिया है। गोवंश की टैगिंग कर गोशाला में भेजा जा रहा है, ताकि इन पशुओं की पहचान हो सके। नगर परिषद की तरफ से गोवंश को पकड़ कर गोशाला भेजने के लिए करीब एक माह तक निरंतर रूप से अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
नप ने 47 लाख रुपये का बजट कराया पास
सड़कों पर बैठा रहने वाला गोवंश सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। वहीं, हिंसक होकर लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां दिन सुबह रात को इन गोवंश का सड़कों पर जमघट न लगता हो। नगर परिषद झज्जर ने 47 लाख रुपये का बजट पास कराया है। इसके जरिए शहर के 500 पशुओं को एक साल तक के चारे का प्रबंध किया जाएगा। यह पशु जिस गोशाला में रखे जाएंगे उनको टैगिंग के हिसाब से प्रतिदिन के जरिये चारे की राशि दी जाएगी। 500 पशुओं में से 450 पशु खेड़का गुर्जर गोशाला और 50 पशु बेरी गोशाला में भेजे जाएंगे। खेड़का गुज्जर गोशाला में समय-समय पर पशुओं की देखभाल संबंधी मॉनिटरिंग की जाएगी जो पशु गोशाला भेजे गए हैं, उनकी मौके पर टैगिंग चेक करके ही पशु चारे के बिल भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
गोवंश को टैगिंग कर गोशाला भेजने का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब एक माह में शहर को बेसहारा गोवंश मुक्त कर दिया जाएगा।
- अरूण नांदल, ईओ, नर परिषद, झज्जर।