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आयुर्वेद चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय हब बनेगा जटेला धाम : महंत राजेंद्र
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05jjrp07- जटेला धाम में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर मौजूद संत। स्रोत-आयोजक
बेरी। गांव माजरा दूबलधन में स्थित स्वामी नितानंद महाराज की तपोभूमि जटेला धाम में फाग के दिन सत्संग व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। महंत राजेंद्र दास ने कहा कि जब बसंत ऋतु आती है तब प्रकृति में स्वच्छता एवं सुंदरता प्रदान होती हौ। जब संत आते हैं तब संस्कृति में सुधार आता है।
उन्होंने कहा कि सतगुरु के बिना जीव-आत्मा को भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है। आत्मा-परमात्मा के मिलन में सद्गुरु का होना अति आवश्यक है। जटेला धाम आदिकाल से ही अध्यात्म का केंद्र रहा है। साध संगत के आशीर्वाद से आयुर्वेद चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय हब बनने जा रहा है।
राधास्वामी दिनोद के परम संत कंवर साहिब महाराज ने कहा कि सामाजिक समरसता और आरोग्य का जटेला धाम ही सबसे बड़ा उपासना स्थल है। रामानंद महाराज ने कहा कि जटेला धाम अब भविष्य में अध्यात्म की राजधानी के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सा का भी पूजनीय धाम बनेगा।
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मौके पर साध्वी राधागिरी महाराज वृंदावन, स्वामी कल्याण देव महाराज, डॉ. रमेश कलकल, प्रोफेसर कुलताज सिंह, राजवीर डबास, चांद माजरा, रवि कादयान, समंदर कौशिक आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि सतगुरु के बिना जीव-आत्मा को भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है। आत्मा-परमात्मा के मिलन में सद्गुरु का होना अति आवश्यक है। जटेला धाम आदिकाल से ही अध्यात्म का केंद्र रहा है। साध संगत के आशीर्वाद से आयुर्वेद चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय हब बनने जा रहा है।
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राधास्वामी दिनोद के परम संत कंवर साहिब महाराज ने कहा कि सामाजिक समरसता और आरोग्य का जटेला धाम ही सबसे बड़ा उपासना स्थल है। रामानंद महाराज ने कहा कि जटेला धाम अब भविष्य में अध्यात्म की राजधानी के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सा का भी पूजनीय धाम बनेगा।
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मौके पर साध्वी राधागिरी महाराज वृंदावन, स्वामी कल्याण देव महाराज, डॉ. रमेश कलकल, प्रोफेसर कुलताज सिंह, राजवीर डबास, चांद माजरा, रवि कादयान, समंदर कौशिक आदि मौजूद रहे।