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Jhajjar-Bahadurgarh News: प्राथमिक स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर होंगे कार्यक्रम
Thu, 19 Feb 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 19 Feb 2026 02:09 AM IST
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झज्जर। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर 21 फरवरी को प्रदेश के राजकीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही बच्चों के माता-पिता की सहभागिता रहेगी।
इस दिवस को मनाए जाने का उद्देश्य भाषा विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाता है। साथ ही अपनी मातृभाषा का अध्ययन करने के महत्व को उजागर करना है, जिससे शैक्षिक परिणामों में सुधार हो सके।
इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों व जिला परियोजना समन्वयकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर स्कूल में सुबह प्रार्थना के समय दिवस के महत्व पर चर्चा की जाएगी।
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विभाग की तरफ से जारी की गई विभिन्न गतिविधियों में से कम से कम दो का आयोजन किया जाएगा। साथ ही अभिभावकों, दादा-दादी, समुदाय के सदस्यों और एसएमसी के सदस्य भी गतिविधि में शामिल होंगे। सभी एफएलएन समन्वयकों को अधिकारियों और मेंटर्स के साथ योजना बैठक आयोजित करनी होगी ताकि गतिविधियों को स्पष्ट किया जा सके।
इसके बाद मेंटर्स को कार्यक्रम से पहले अपने-अपने कलस्टर के शिक्षकों के साथ चर्चा करनी होगी। सभी शिक्षक और स्कूल प्रमुख स्कूल प्रबंधन समितियों के पूर्व में सूचित करेंगे और उन्हें अभिभावकों को आमंत्रित करने में सक्रिय रूप से शामिल करेंगे।
अधिकारी करेंगे स्कूलों का दौरा
सभी मेंटर्स और एफएलएन समन्वयकों को कार्यक्रम का निरीक्षण करने के लिए कम से कम एक स्कूल का दौरा करना होगा। इसी प्रकार से सभी जिला व ब्लाक स्तरीय अधिकारी निगरानी और मार्गदर्शन के लिए कम से कम एक स्कूल का दौरा करेंगे। सभी मेंटर्स और एफएलएन समन्वयकों और अधिकारियों को दौरे से संबंधित गूगल फार्म भरना होगा।
यह गतिविधियां की जाएंगी आयोजित
मेरी मातृभाषा मेरी पहचान, चित्र पहचान, फॉक गाने, कहानी सुनना, दादी की कहानी, राेल प्ले, ओरल स्टोरी, मेरी मातृभाषा, मेरा गौरव, फॉक स्टोरी, शार्ट स्किट मेरी भाषा-मेरी पहचान, अखबार पढ़ना आदि शामिल किए गए हैं। यह बालवाटिका से लेकर कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग कैटेगरी दी गई है।
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इस दिवस को मनाए जाने का उद्देश्य भाषा विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाता है। साथ ही अपनी मातृभाषा का अध्ययन करने के महत्व को उजागर करना है, जिससे शैक्षिक परिणामों में सुधार हो सके।
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इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों व जिला परियोजना समन्वयकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर स्कूल में सुबह प्रार्थना के समय दिवस के महत्व पर चर्चा की जाएगी।
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विभाग की तरफ से जारी की गई विभिन्न गतिविधियों में से कम से कम दो का आयोजन किया जाएगा। साथ ही अभिभावकों, दादा-दादी, समुदाय के सदस्यों और एसएमसी के सदस्य भी गतिविधि में शामिल होंगे। सभी एफएलएन समन्वयकों को अधिकारियों और मेंटर्स के साथ योजना बैठक आयोजित करनी होगी ताकि गतिविधियों को स्पष्ट किया जा सके।
इसके बाद मेंटर्स को कार्यक्रम से पहले अपने-अपने कलस्टर के शिक्षकों के साथ चर्चा करनी होगी। सभी शिक्षक और स्कूल प्रमुख स्कूल प्रबंधन समितियों के पूर्व में सूचित करेंगे और उन्हें अभिभावकों को आमंत्रित करने में सक्रिय रूप से शामिल करेंगे।
अधिकारी करेंगे स्कूलों का दौरा
सभी मेंटर्स और एफएलएन समन्वयकों को कार्यक्रम का निरीक्षण करने के लिए कम से कम एक स्कूल का दौरा करना होगा। इसी प्रकार से सभी जिला व ब्लाक स्तरीय अधिकारी निगरानी और मार्गदर्शन के लिए कम से कम एक स्कूल का दौरा करेंगे। सभी मेंटर्स और एफएलएन समन्वयकों और अधिकारियों को दौरे से संबंधित गूगल फार्म भरना होगा।
यह गतिविधियां की जाएंगी आयोजित
मेरी मातृभाषा मेरी पहचान, चित्र पहचान, फॉक गाने, कहानी सुनना, दादी की कहानी, राेल प्ले, ओरल स्टोरी, मेरी मातृभाषा, मेरा गौरव, फॉक स्टोरी, शार्ट स्किट मेरी भाषा-मेरी पहचान, अखबार पढ़ना आदि शामिल किए गए हैं। यह बालवाटिका से लेकर कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग कैटेगरी दी गई है।