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Jhajjar-Bahadurgarh News: अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस...85 की उम्र में भी नहीं मानी हार, चांद सिंह ने देश ही नहीं विदेशों में भी जीते पदक

Wed, 01 Oct 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Wed, 01 Oct 2025 01:46 AM IST
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International Elderly Day... Chand Singh did not give up even at the age of 85, winning medals not only in the country but also abroad.
30jjrp07- चांद सिंह अहलावत।
झज्जर। डीघल निवासी चांद सिंह अहलावत उन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं, जो उम्र के एक पड़ाव पर आकर हार मान जाते हैं। चांद सिंह 85 साल के हो चुके हैं, लेकिन अब भी वह देश ही नहीं बल्कि देशों में पदक जीतकर नाम रोशन कर रहे हैं। डीघल गांव हाल रोहतक के लक्ष्मी नगर निवासी चांद सिंह अहलावत को बचपन से ही खेलने का शौक था।
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वर्ष 2000 में वह बतौर फिजिकल एजुकेशन के शिक्षक के तौर पर एनडीएस के तहत दिल्ली स्थित आरके पुरम के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भर्ती हुए। उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान कई खिलाड़ी तैयार किए। अब तक वह चार हजार खिलाड़ी तैयार कर चुके हैं, जिसमें सुनील डबास भी शामिल है, जिनको पदमश्री अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
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वर्ष 2000 में नौकरी से सेवानिवृत्त हुए, लेकिन खेलने का जज्बा कायम रहा। उन्होंने मास्टर वेटरन खेलों में भाग लेना शुरू किया। अब तक उन्होंने हरियाणा मास्टर्स एथलेटिक्स, राष्ट्रीय मास्टर्ज एथलेटिकस और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 93 स्वर्ण, 24 सिल्वर और पांच रजत पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया है।
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यही नहीं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने केंद्रीय सरकार एनडीएस के श्रेष्ठ शिक्षकों को अपने जन्मदिन 14 नवंबर 1093 को अपने तीन मूर्ति भवन निवास में आमंत्रित कर रात्रि भोज दिया था, जिसमें चांद सिंह अहलावत भी शामिल थे। उस समय वह सबसे कम उम्र में यह सम्मान पाने वाले शिक्षक थे।
उन्होंने मलेशिया, इंडानेशिया, श्रीलंका, नेपाल, दुबई, धर्मशाला में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते हैं।


तीन प्रतियोगिताओं में ले रहे भाग, हेमर थ्रो छोड़ा
अब तक चांद सिंह अहलावत शाटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलीन और हेमर थ्रो जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने थे। पिछले दिनों कमर में झटका लगने के बाद उन्होंने हेमर थ्रो खेलना छोड़ दिया और अब केवल तीन प्रतियोगिताओं में ही भाग लेते हैं।


एशियाई चैंपियनशिप में लेंगे भाग
चांद सिंह अहलावत ने बताया कि उनको बचपन से ही खेलने का शौक था। इसे आज भी बरकरार रखा है। अब वह आगामी चार से 9 नवंबर तक चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाली 23वीं एशियाई चैंपियनशिप में भाग लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह इसमें भी पदक लेकर देश का नाम रोशन करेंगे।
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