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Jhajjar-Bahadurgarh News: मंत्री से मिलकर उद्योगपतियों ने 24 घंटे बिजली मांगी
Fri, 29 Sep 2023 01:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 29 Sep 2023 01:56 AM IST
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बहादुरगढ़। एनसीआर क्षेत्र में दो दिन बाद यानी एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू हो जाएगा। इसके बाद लोग डीजल आधारित जनरेटर नहीं चला पाएंगे। ऐसे में उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि प्रदेश सरकार औद्योगिक इकाइयों को पूरी बिजली नहीं दे पा रही है। इसे लेकर बुधवार को बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के पदाधिकारियों ने बिजली मंत्री रणजीत चौटाला, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी उमाशंकर से चंडीगढ़ में मुलाकात की। उद्योगपतियों ने बताया कि बिजली मंत्री और अधिकारियों का सकारात्मक रुख रहा है। इससे उनको राहत मिली है।
बहादुरगढ़ में 7 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें से तीन हजार के लगभग फुटवियर की हैं। इन उद्योगों को पूरी बिजली नहीं मिल रही है। ऐसे में उनको चलाने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ता है।जनरेटर चलाने पर उद्योगपतियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। बीसीसीआई के पदाधिकारी सरकार से 24 घंटे बिजली देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें जनरेटर न चलाना पड़े और फैक्टरियों में होने वाले उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
1 अक्टूबर से एनसीआर में ग्रैप लागू होने के बाद जनरेटर चलाने पर पूरी तरह पाबंदी लग जाएगी। बिजली नहीं मिलने पर उद्योगों की समस्या बढ़ जाएगी। इसे लेकर बीसीसीआई के के अध्यक्ष सुभाष जग्गा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नरिंदर छिकारा, लखपत राय गर्ग, संजय नारंग, अनिल बंसल ने बुधवार को चंडीगढ़ में बिजली मंत्री रणजीत चौटाला व बिजली निगम के अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी उमाशंकर से मुलाकात की।
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उद्योगपतियों ने उनसे मांग की कि बिजली सप्लाई पूरी दी जाय तो उन्हें जनरेटर नहीं चलाना पड़ेगा। जनरेटर चलाने पर 28 रुपये प्रति यूनिट खर्चा पड़ता है, जबकि बिजली मिलने पर 9 रुपये खर्च आता है, इसलिए सरकार से मांग है कि उद्योग चलाने के लिए उन्हें निर्बाध बिजली दी जाए। नरिंदर छिकारा ने कहा कि बहादुरगढ़ में प्रदूषण का स्तर अभी बढ़ा नहीं है। यहां का एक्यूआई 115 है। इस पर बिजली मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते में वह बहादुरगढ़ में उद्योगपतियों से भी रूबरू होंगे।
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इन स्थानों पर हैं औद्योगिक इकाइयां
बहादुरगढ़ में एमआईई पार्ट-ए व बी, रोहद ताल नगर, एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 व 17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, निजामपुर रोड, झज्जर रोड पर कृष्णा कॉलोनी में फैक्टरियां हैं। सबसे ज्यादा फैक्टरियां एमआईई में हैं। हालांकि बड़ी फैक्टरियां एचएसआईआईडीसी में ही स्थित हैं।
वर्जन
ग्रैप को बहादुरगढ़ में सख्ती से लागू करवाया जाएगा। डीजल जनरेटर चलाने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। प्रदूषण न बढ़े, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। विभाग की टीम लगातार निगरानी रखेगी। -अमित दहिया, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।
बहादुरगढ़ में 7 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें से तीन हजार के लगभग फुटवियर की हैं। इन उद्योगों को पूरी बिजली नहीं मिल रही है। ऐसे में उनको चलाने के लिए जनरेटर का सहारा लेना पड़ता है।जनरेटर चलाने पर उद्योगपतियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। बीसीसीआई के पदाधिकारी सरकार से 24 घंटे बिजली देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें जनरेटर न चलाना पड़े और फैक्टरियों में होने वाले उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
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1 अक्टूबर से एनसीआर में ग्रैप लागू होने के बाद जनरेटर चलाने पर पूरी तरह पाबंदी लग जाएगी। बिजली नहीं मिलने पर उद्योगों की समस्या बढ़ जाएगी। इसे लेकर बीसीसीआई के के अध्यक्ष सुभाष जग्गा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नरिंदर छिकारा, लखपत राय गर्ग, संजय नारंग, अनिल बंसल ने बुधवार को चंडीगढ़ में बिजली मंत्री रणजीत चौटाला व बिजली निगम के अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी उमाशंकर से मुलाकात की।
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उद्योगपतियों ने उनसे मांग की कि बिजली सप्लाई पूरी दी जाय तो उन्हें जनरेटर नहीं चलाना पड़ेगा। जनरेटर चलाने पर 28 रुपये प्रति यूनिट खर्चा पड़ता है, जबकि बिजली मिलने पर 9 रुपये खर्च आता है, इसलिए सरकार से मांग है कि उद्योग चलाने के लिए उन्हें निर्बाध बिजली दी जाए। नरिंदर छिकारा ने कहा कि बहादुरगढ़ में प्रदूषण का स्तर अभी बढ़ा नहीं है। यहां का एक्यूआई 115 है। इस पर बिजली मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते में वह बहादुरगढ़ में उद्योगपतियों से भी रूबरू होंगे।
इन स्थानों पर हैं औद्योगिक इकाइयां
बहादुरगढ़ में एमआईई पार्ट-ए व बी, रोहद ताल नगर, एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 व 17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, निजामपुर रोड, झज्जर रोड पर कृष्णा कॉलोनी में फैक्टरियां हैं। सबसे ज्यादा फैक्टरियां एमआईई में हैं। हालांकि बड़ी फैक्टरियां एचएसआईआईडीसी में ही स्थित हैं।
वर्जन
ग्रैप को बहादुरगढ़ में सख्ती से लागू करवाया जाएगा। डीजल जनरेटर चलाने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। प्रदूषण न बढ़े, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। विभाग की टीम लगातार निगरानी रखेगी। -अमित दहिया, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।