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Jhajjar-Bahadurgarh News: 2024 में बादली के देवरखाना को मिला चिकित्सा के क्षेत्र में आयुष संस्थान
Tue, 31 Dec 2024 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 31 Dec 2024 01:50 AM IST
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मनोज कौशिक
बादली। बीत रहा वर्ष बादली हलके को विकास के मामले में पीछे धकेल गया है। 2024 की बात की जाए तो बादली के देवरखाना गांव में केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक अनुसंधान संस्थान का लोकार्पण हुआ जबकि यातायात, शिक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में हलके की जनता स्वयं काे ठगा सा महसूस कर रही है।
बादली में बस स्टैंड के निर्माण कार्य का कोई काम नहीं हो सका। स्कूलों की दिशा सुधारने में कोई नया कदम नहीं उठाया गया, जबकि खेल के क्षेत्र में कोई नया स्टेडियम नहीं मिल सका। चिकित्सा के क्षेत्र में मिली नई सौगात साल के दूसरे माह फरवरी में ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजकोट से वर्चुअल रूप से देवरखाना गांव स्थित केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक अनुसंधान संस्थान का शुभारंभ कर दी थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित अन्य देशवासियों को इसका लाभ मिलेगा।
आयुष के क्षेत्र में गांव देवरखाना की नई पहचान हुई है जो कि आने वाले दिनों में संस्थान आयुष को नई ऊंचाईयों तक लेकर जाएगा। अनुसंधान में होने वाले रिसर्च कार्य से मानव कल्याण में सफलता मिल रही है। चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश के नए अवसर बने हैं। लगभग 19 एकड़ में 64 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 200 बैड के इस योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र में लाइफ स्टाइल से जुड़े रोगों की रोकथाम और चिकित्सा पर फोकस है। प्राकृतिक चिकित्सा के इस अस्पताल में ओपीडी ब्लॉक, ट्रीटमेंट ब्लाॅक, योग एवं खान-पान ब्लॅाक की सुविधाएं हैं।
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कुछ नेताओं ने दल बदले तो कुछ ने क्षेत्र
नेताओं ने खूब बदले दल और 2024 में राजनीतिक क्षेत्र में भी बदलाव देखने को मिला है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राजनीतिक बदलाव हुए। पूर्व विधायक नरेश प्रधान ने इनेलो को अलविदा कहा तो जजपा नेता संजय कबलाना ने दल और क्षेत्र दोनों ही बदले हैं। संजय कबलाना ने भाजपा का दामन पकड़कर बादली हलके की बजाए बेरी से विधानसभा चुनाव लड़ा। बादली हलके के गांव एमपी माजरा से संबंध रखने वाले अरविंद शर्मा हाल में हुए विधानसभा चुनाव में गोहाना से विधायक बनकर मंत्रिमंडल में शामिल हैं। वहीं इनेलो टिकट पर चुनाव लड़ चुके महाबीर गुलिया ने राजनीति से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया।
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बादली। बीत रहा वर्ष बादली हलके को विकास के मामले में पीछे धकेल गया है। 2024 की बात की जाए तो बादली के देवरखाना गांव में केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक अनुसंधान संस्थान का लोकार्पण हुआ जबकि यातायात, शिक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में हलके की जनता स्वयं काे ठगा सा महसूस कर रही है।
बादली में बस स्टैंड के निर्माण कार्य का कोई काम नहीं हो सका। स्कूलों की दिशा सुधारने में कोई नया कदम नहीं उठाया गया, जबकि खेल के क्षेत्र में कोई नया स्टेडियम नहीं मिल सका। चिकित्सा के क्षेत्र में मिली नई सौगात साल के दूसरे माह फरवरी में ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजकोट से वर्चुअल रूप से देवरखाना गांव स्थित केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक अनुसंधान संस्थान का शुभारंभ कर दी थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित अन्य देशवासियों को इसका लाभ मिलेगा।
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आयुष के क्षेत्र में गांव देवरखाना की नई पहचान हुई है जो कि आने वाले दिनों में संस्थान आयुष को नई ऊंचाईयों तक लेकर जाएगा। अनुसंधान में होने वाले रिसर्च कार्य से मानव कल्याण में सफलता मिल रही है। चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश के नए अवसर बने हैं। लगभग 19 एकड़ में 64 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 200 बैड के इस योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र में लाइफ स्टाइल से जुड़े रोगों की रोकथाम और चिकित्सा पर फोकस है। प्राकृतिक चिकित्सा के इस अस्पताल में ओपीडी ब्लॉक, ट्रीटमेंट ब्लाॅक, योग एवं खान-पान ब्लॅाक की सुविधाएं हैं।
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कुछ नेताओं ने दल बदले तो कुछ ने क्षेत्र
नेताओं ने खूब बदले दल और 2024 में राजनीतिक क्षेत्र में भी बदलाव देखने को मिला है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राजनीतिक बदलाव हुए। पूर्व विधायक नरेश प्रधान ने इनेलो को अलविदा कहा तो जजपा नेता संजय कबलाना ने दल और क्षेत्र दोनों ही बदले हैं। संजय कबलाना ने भाजपा का दामन पकड़कर बादली हलके की बजाए बेरी से विधानसभा चुनाव लड़ा। बादली हलके के गांव एमपी माजरा से संबंध रखने वाले अरविंद शर्मा हाल में हुए विधानसभा चुनाव में गोहाना से विधायक बनकर मंत्रिमंडल में शामिल हैं। वहीं इनेलो टिकट पर चुनाव लड़ चुके महाबीर गुलिया ने राजनीति से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया।

-फोटो 51 : अलाव सेंककर सर्दी दूर भगाने का प्रयास करते लोग। संवाद